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Jhansi News: मानसिक तनाव को अध्यात्मिक सत्संग और काउंसलिंग से करें दूर
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जनपद में आत्महत्याओं का बढ़ता ग्राफ पर जताई चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद में आत्महत्याओं करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसके पीछे मुख्य वजह मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी माना जा रहा है। आलम यह है कि जनपद में आज प्रतिमाह 15 से 20 लोग आत्महत्या कर रहे हैं। इनमें सभी आयु वर्ग के लोग होते हैं, लेकिन 17 से 35 वर्ष की आयु के लोगों की संख्या अधिक है। ज्यादातर मामलों में परिजन खुदकुशी का कारण भी नहीं बता पाते हैं। इसे लेकर कई शोध भी हो चुके हैं, जिनमें ज्यादातर आत्महत्या की वजह मानसिक अवसाद को बताया गया है। छोटी-छोटी परेशानियों से घबराकर लोग आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। इस स्थिति में बदलाव के लिए अमर उजाला की ओर से सकारात्मक मुहिम ‘सही सोच से बुलंद करें इरादे’शुरू की गई है जिसमें धर्मगुरुओं ने मानसिक तनाव को कम करने के लिए अध्यात्मिक सत्संग करने की सलाह दी है।
बोले धर्मगुरू
फोटो-31
मानसिक तनाव से दूर करने का सर्वोत्तम उपाय इाध्यत्मिकि सत्संग है। आज सत्संग से दोग दूर होते जा रहे हैं जिसके कारण उनकी समस्याएं बढ़ रही हीं। ईश्वर से प्रेम करो तो तनावमुक्त रहोगे।-महंत गंगादास महाराज, नृसिंह मंदिर।
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फोटो-32
तनाव से ग्रसित व्यक्ति को अपने धर्मगुरू से मिलना चाहिए जिससे वह उसे तनावमुक्त का कोई रास्ता दिखा सकता है। अध्यात्म से जुड़कर ही व्यक्ति को शांति मिल सकती है। हाफिज अब्दुल मुवीन, शहर पेश इमाम।
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फोटो-33
इंसानियत ही धर्म है और लोगों को एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। तनाव होेने पर अपने धर्मगुरू से मार्गदर्शन लेना चाहिए। आत्महत्या करना बुझदिली है ऐसे कदम से समाज और परिवार दोनों को छति पहुंचती है। ज्ञानी युवराज सिंह, मुख्य ग्रंथि श्रीगुरुद्वारा साहिब
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समय पर करें पहचान, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पाए निदान: डीएम
निःशुल्क टोल फ्री नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर तुरंत कॉल करें
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जनपद में बढ़ती आत्महत्या के प्रयास की घटनाओं के दृष्टिगत जनपदवासियों से अपील की है कि यदि आपको चिंता, घबराहट, नींद न आना, उदासी एवं आत्महत्या के विचार आते हैं तो सहायतार्थ टेलीमानस के निःशुल्क टोल फ्री नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर तुरंत कॉल करें।
10 अक्तूबर 2022 को भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल टेली मेंटल हेल्थ प्रोग्राम का उद्घाटन किया गया था। भारत सरकार के टेली मानस संकल्प को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रमुखता के साथ प्रदेश में टेली मानस सेवा प्रदान की जा रही है। टेली मानस मेडिकल सर्विस को जन-मानस को प्रदान करने के लिए प्रदेश में एक डिजिटल मेंटल हेल्थ नेटवर्क की तत्काल जरूरत महसूस की गई, जिसका उद्देश्य देश के सबसे दूर-दराज हिस्से में भी मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को हर समय उपलब्ध कराना है। उत्तर प्रदेश में चार टेली मानस सेल हैं जिनमें बीआरडी. मेडिकल कॉलेज गोरखपुर, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, आगरा,मानसिक अस्पताल बरेली, मानसिक अस्पताल वाराणसी में ट्रेंड काउंसलर्स के जरिए से मेंटल काउंसलिंग की सुविधा प्रदान की जा रही है। टेली मानस पर मिलने वाली ज्यादातर कॉल उदास मन, तनाव से संबंधित कॉल, परीक्षा से संबंधित चिंता, घरेलू गड़बड़ी और नींद न आने की समस्या से संबंधित होती है। यहां कॉल करने वालों की गोपनीयता को बनाए रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए मदद के इच्छुक लोगों के लिए एक अनूठी पहल है।
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जनपद में आत्महत्याओं करने वालों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसके पीछे मुख्य वजह मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी माना जा रहा है। आलम यह है कि जनपद में आज प्रतिमाह 15 से 20 लोग आत्महत्या कर रहे हैं। इनमें सभी आयु वर्ग के लोग होते हैं, लेकिन 17 से 35 वर्ष की आयु के लोगों की संख्या अधिक है। ज्यादातर मामलों में परिजन खुदकुशी का कारण भी नहीं बता पाते हैं। इसे लेकर कई शोध भी हो चुके हैं, जिनमें ज्यादातर आत्महत्या की वजह मानसिक अवसाद को बताया गया है। छोटी-छोटी परेशानियों से घबराकर लोग आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। इस स्थिति में बदलाव के लिए अमर उजाला की ओर से सकारात्मक मुहिम ‘सही सोच से बुलंद करें इरादे’शुरू की गई है जिसमें धर्मगुरुओं ने मानसिक तनाव को कम करने के लिए अध्यात्मिक सत्संग करने की सलाह दी है।
बोले धर्मगुरू
फोटो-31
मानसिक तनाव से दूर करने का सर्वोत्तम उपाय इाध्यत्मिकि सत्संग है। आज सत्संग से दोग दूर होते जा रहे हैं जिसके कारण उनकी समस्याएं बढ़ रही हीं। ईश्वर से प्रेम करो तो तनावमुक्त रहोगे।-महंत गंगादास महाराज, नृसिंह मंदिर।
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फोटो-32
तनाव से ग्रसित व्यक्ति को अपने धर्मगुरू से मिलना चाहिए जिससे वह उसे तनावमुक्त का कोई रास्ता दिखा सकता है। अध्यात्म से जुड़कर ही व्यक्ति को शांति मिल सकती है। हाफिज अब्दुल मुवीन, शहर पेश इमाम।
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इंसानियत ही धर्म है और लोगों को एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। तनाव होेने पर अपने धर्मगुरू से मार्गदर्शन लेना चाहिए। आत्महत्या करना बुझदिली है ऐसे कदम से समाज और परिवार दोनों को छति पहुंचती है। ज्ञानी युवराज सिंह, मुख्य ग्रंथि श्रीगुरुद्वारा साहिब
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समय पर करें पहचान, मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से पाए निदान: डीएम
निःशुल्क टोल फ्री नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर तुरंत कॉल करें
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जनपद में बढ़ती आत्महत्या के प्रयास की घटनाओं के दृष्टिगत जनपदवासियों से अपील की है कि यदि आपको चिंता, घबराहट, नींद न आना, उदासी एवं आत्महत्या के विचार आते हैं तो सहायतार्थ टेलीमानस के निःशुल्क टोल फ्री नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर तुरंत कॉल करें।
10 अक्तूबर 2022 को भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल टेली मेंटल हेल्थ प्रोग्राम का उद्घाटन किया गया था। भारत सरकार के टेली मानस संकल्प को पूरा करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रमुखता के साथ प्रदेश में टेली मानस सेवा प्रदान की जा रही है। टेली मानस मेडिकल सर्विस को जन-मानस को प्रदान करने के लिए प्रदेश में एक डिजिटल मेंटल हेल्थ नेटवर्क की तत्काल जरूरत महसूस की गई, जिसका उद्देश्य देश के सबसे दूर-दराज हिस्से में भी मानसिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को हर समय उपलब्ध कराना है। उत्तर प्रदेश में चार टेली मानस सेल हैं जिनमें बीआरडी. मेडिकल कॉलेज गोरखपुर, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, आगरा,मानसिक अस्पताल बरेली, मानसिक अस्पताल वाराणसी में ट्रेंड काउंसलर्स के जरिए से मेंटल काउंसलिंग की सुविधा प्रदान की जा रही है। टेली मानस पर मिलने वाली ज्यादातर कॉल उदास मन, तनाव से संबंधित कॉल, परीक्षा से संबंधित चिंता, घरेलू गड़बड़ी और नींद न आने की समस्या से संबंधित होती है। यहां कॉल करने वालों की गोपनीयता को बनाए रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए मदद के इच्छुक लोगों के लिए एक अनूठी पहल है।