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Jhansi News: गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ..
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झांसी। जलझूलनी एकादशी के अवसर पर मंगलवार को शहर में भगवान गणपति की प्रतिमाओं का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। इस दौरान भक्तों ने गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारे लगाए। विसर्जन यात्राओं में ढोल और डीजे की धुन पर भक्त थिरकते रहे, गुलाल उड़ाकर उत्सव मनाया।
आवास विकास शिवपुरी रोड पर पहूज नदी के अनसुइया घाट पर बने कुंड में प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। श्रद्धालु दोपहिया और चार पहिया वाहनों से प्रतिमाएं लेकर पहुंचे। विसर्जन से पहले गणेशजी की आरती कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। कुछ भक्तों ने स्वयं प्रतिमाएं विसर्जित कीं। कई लोगों ने गोताखोरों की सहायता ली। बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन खोड़न घाट पर संपन्न हुआ। यहां भी गुलाल उड़ाकर और आरती कर गणपति को विदाई दी गई।
खोडन घाट पर गोताखोरों ने प्रतिमाएं विसर्जित कराने में सहायता की। कुछ लोगों ने नावों से प्रतिमाएं नदी में कुछ दूर ले जाकर विसर्जित कीं। पहूज नदी पर सुरक्षा के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे। सफाई की उचित व्यवस्था भी की गई थी। ग्वालियर रोड पर पहूज डैम पर भी घरों में विराजमान गणपति का विसर्जन हुआ।
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चिलचिलाती धूप में भी दिखा आस्था का सैलाब
झांसी। तेज धूप के बाद भी जल झूलनी एकादशी पर श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। युवाओं के साथ-साथ महिला व बच्चे भी अपने प्रिय भगवान की विसर्जन यात्रा में उत्साह से भाग लेते दिखाई दिए। बच्चों का मानना था कि गणपति बुद्धि के साथ-साथ सुख-समृद्धि के भी देवता हैं, इनसे हमें बहुत कुछ मिला है और भविष्य में भी मिलेगा।
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जिसने जो दे दिया वह ले लिया
झांसी। पहूज नदी के पास के रहने वाले गोताखोर कमलेश, ग्राम खोड़न निवासी मनोज ने कहा कि हम बड़े उत्साह के साथ गणपति की प्रतिमाओं को विसर्जित करते हैं। यह धर्म का काम जिसने जितने रुपये दे दिए हम प्रसाद समझकर रख लेते हैं। वहीं पहूज मछली बाजार के निवासी गोताखोर संजू, रवि, चंद्रकिशोर, अभिषेक व बलवान ने कहा कि हमें जो भी रुपये लोग दे देते हैं, हम उसे खुशी से रख लेते हैं।
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टेंट व पीने के पानी की होनी चाहिए व्यवस्था
झांसी। स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी सनातन एकता महासमिति के महामंत्री विनोद अवस्थी ने कहा कि अनसुइया घाट पर श्रद्धालुओं व आम लोगों के लिए टेंट व पीने के पानी की व्यवस्था जिम्मेदार विभाग को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन और प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा, अगर टेंट की व्यवस्था हो जाएगी तो श्रद्धालुओं व आम लोगों को राहत मिलेगी।
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गणपति बनाते हैं बिगड़े काम
झांसी। अनसुइया घाट पर प्रतिमाएं विसर्जित करने आए डॉ. राजेश ने बताया कि वह आठ साल से अपने घर में गणपति की प्रतिमाएं विराजमान कराते आ रहे हैं। इसी तरह ईसाईटोला निवासी डोरीलाल ने बताया कि वह 14 साल से गणपति की प्रतिमाएं अपने घर में विराजमान करा रहे हैं। इन दोनों ने ही बताया कि गणपति की प्रतिमाएं विराजमान कराने से उन्हें मन में सुखद अनुभूति होती है एवं बप्पा बिगड़े काम भी बना देते हैं
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आवास विकास शिवपुरी रोड पर पहूज नदी के अनसुइया घाट पर बने कुंड में प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। श्रद्धालु दोपहिया और चार पहिया वाहनों से प्रतिमाएं लेकर पहुंचे। विसर्जन से पहले गणेशजी की आरती कर सुख-समृद्धि की कामना की गई। कुछ भक्तों ने स्वयं प्रतिमाएं विसर्जित कीं। कई लोगों ने गोताखोरों की सहायता ली। बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन खोड़न घाट पर संपन्न हुआ। यहां भी गुलाल उड़ाकर और आरती कर गणपति को विदाई दी गई।
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खोडन घाट पर गोताखोरों ने प्रतिमाएं विसर्जित कराने में सहायता की। कुछ लोगों ने नावों से प्रतिमाएं नदी में कुछ दूर ले जाकर विसर्जित कीं। पहूज नदी पर सुरक्षा के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे। सफाई की उचित व्यवस्था भी की गई थी। ग्वालियर रोड पर पहूज डैम पर भी घरों में विराजमान गणपति का विसर्जन हुआ।
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चिलचिलाती धूप में भी दिखा आस्था का सैलाब
झांसी। तेज धूप के बाद भी जल झूलनी एकादशी पर श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। युवाओं के साथ-साथ महिला व बच्चे भी अपने प्रिय भगवान की विसर्जन यात्रा में उत्साह से भाग लेते दिखाई दिए। बच्चों का मानना था कि गणपति बुद्धि के साथ-साथ सुख-समृद्धि के भी देवता हैं, इनसे हमें बहुत कुछ मिला है और भविष्य में भी मिलेगा।
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जिसने जो दे दिया वह ले लिया
झांसी। पहूज नदी के पास के रहने वाले गोताखोर कमलेश, ग्राम खोड़न निवासी मनोज ने कहा कि हम बड़े उत्साह के साथ गणपति की प्रतिमाओं को विसर्जित करते हैं। यह धर्म का काम जिसने जितने रुपये दे दिए हम प्रसाद समझकर रख लेते हैं। वहीं पहूज मछली बाजार के निवासी गोताखोर संजू, रवि, चंद्रकिशोर, अभिषेक व बलवान ने कहा कि हमें जो भी रुपये लोग दे देते हैं, हम उसे खुशी से रख लेते हैं।
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टेंट व पीने के पानी की होनी चाहिए व्यवस्था
झांसी। स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी सनातन एकता महासमिति के महामंत्री विनोद अवस्थी ने कहा कि अनसुइया घाट पर श्रद्धालुओं व आम लोगों के लिए टेंट व पीने के पानी की व्यवस्था जिम्मेदार विभाग को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी कुछ दिन और प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा, अगर टेंट की व्यवस्था हो जाएगी तो श्रद्धालुओं व आम लोगों को राहत मिलेगी।
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गणपति बनाते हैं बिगड़े काम
झांसी। अनसुइया घाट पर प्रतिमाएं विसर्जित करने आए डॉ. राजेश ने बताया कि वह आठ साल से अपने घर में गणपति की प्रतिमाएं विराजमान कराते आ रहे हैं। इसी तरह ईसाईटोला निवासी डोरीलाल ने बताया कि वह 14 साल से गणपति की प्रतिमाएं अपने घर में विराजमान करा रहे हैं। इन दोनों ने ही बताया कि गणपति की प्रतिमाएं विराजमान कराने से उन्हें मन में सुखद अनुभूति होती है एवं बप्पा बिगड़े काम भी बना देते हैं