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मुख्यमंत्री से गुहार लगाएंगे गढ़मऊ के किसान
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झांसी। सूखे से प्रभावित झांसी में गढ़मऊ जैसे कुछ इलाके ऐसे भी हैं जहां सिंचाई विभाग की लापरवाही से खेतों में पानी ही भरा रहता है। इस वजह से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इससे निजात पाने को परेशान किसानों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाने का फैसला किया है।
गढ़मऊ झील के प्रभाव से आसपास का पूरा दृश्य देखने लायक होता है लेकिन, गढ़मऊ गांव के किसानों के लिए यह किसी अभिशाप से कम नहीं। झील से बेतवा प्रखंड ने गढ़मऊ नहर प्रणाली विकसित की है लेकिन, नहर की पिचिंग न होने एवं नहर के गहरा न होने से आसपास के करीब 50 एकड़ खेतों में नहर के सीपेज का पूरा पानी भरा रहता है। इस वजह से यहां रबी, जायद समेत दूसरी कोई खेती हो ही नहीं पाती और पूरे खेत खाली पड़े रहते हैं जबकि गांव से ही सिंचाई के लिए नहर तक निकली है।
परेशान किसानों का कहना है कि यह समस्या करीब डेढ़ दशक से बनी हुई है। सोमवार को बेतवा भवन पहुंचे भाकियू नेता अविनाश भार्गव, राजू अहिरवार, भुवनेश, राजेशपति, विनोद कुमार, मुकेश, दीपचंद आदि का कहना है कई बार सिंचाई अभियंताओं से गुहार लगाई गई लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ। जमीन पर खेती न होने से यहां के किसान हताश हो चुके हैं। उन्होंने अब सीधे मुख्यमंत्री से गुहार लगाने का फैसला किया है।
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खेतों में भरा लहचूरा बांध का पानी
लहचूरा बांध का पानी ओवर फ्लो होकर आसपास के रोरा, भट्टपुरा, खरगाफ, नयागांव, लादरा, चपरन, सरसेड, कैथोखर के किसानों के कई एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यहां के किसानों का कहना है कि उन्होंने गेहूं, मटर, तरबूज, खरबूजा जैसी फसलों की बुवाई की थी लेकिन, बांध का पानी भर जाने से पूरी फसल बर्बाद हो गई। कांग्रेस नेता शिवनारायण परिहार ने इन किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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गढ़मऊ झील के प्रभाव से आसपास का पूरा दृश्य देखने लायक होता है लेकिन, गढ़मऊ गांव के किसानों के लिए यह किसी अभिशाप से कम नहीं। झील से बेतवा प्रखंड ने गढ़मऊ नहर प्रणाली विकसित की है लेकिन, नहर की पिचिंग न होने एवं नहर के गहरा न होने से आसपास के करीब 50 एकड़ खेतों में नहर के सीपेज का पूरा पानी भरा रहता है। इस वजह से यहां रबी, जायद समेत दूसरी कोई खेती हो ही नहीं पाती और पूरे खेत खाली पड़े रहते हैं जबकि गांव से ही सिंचाई के लिए नहर तक निकली है।
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परेशान किसानों का कहना है कि यह समस्या करीब डेढ़ दशक से बनी हुई है। सोमवार को बेतवा भवन पहुंचे भाकियू नेता अविनाश भार्गव, राजू अहिरवार, भुवनेश, राजेशपति, विनोद कुमार, मुकेश, दीपचंद आदि का कहना है कई बार सिंचाई अभियंताओं से गुहार लगाई गई लेकिन, कोई फायदा नहीं हुआ। जमीन पर खेती न होने से यहां के किसान हताश हो चुके हैं। उन्होंने अब सीधे मुख्यमंत्री से गुहार लगाने का फैसला किया है।
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खेतों में भरा लहचूरा बांध का पानी
लहचूरा बांध का पानी ओवर फ्लो होकर आसपास के रोरा, भट्टपुरा, खरगाफ, नयागांव, लादरा, चपरन, सरसेड, कैथोखर के किसानों के कई एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यहां के किसानों का कहना है कि उन्होंने गेहूं, मटर, तरबूज, खरबूजा जैसी फसलों की बुवाई की थी लेकिन, बांध का पानी भर जाने से पूरी फसल बर्बाद हो गई। कांग्रेस नेता शिवनारायण परिहार ने इन किसानों को तत्काल मुआवजा दिलाने की मांग की है।