फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Frustrated by not getting scholarship a student in Jhansi committed suicide expressed her pain in suicide note

सिस्टम से हारी... फिरती रही मारी-मारी: सुसाइड नोट में लिखा दर्द- मैंने बहुत मेहनत की, लेकिन अफसर बोलते रहे झूठ

Sat, 22 Jun 2024 02:36 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 22 Jun 2024 02:36 PM IST
सार

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की छात्रा संजना कुशवाहा (18) को 28 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलनी थी, लेकिन अफसर उसे टालते रहे। परेशान छात्रा बीमार मां को लेकर विकास भवन भी गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। हताश होकर छात्रा ने बृहस्पतिवार रात घर के बाहर जामुन के पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसमें छात्रा ने स्कॉलरशिप न मिलने से परेशान होने की बात लिखी है।

विज्ञापन
Frustrated by not getting scholarship a student in Jhansi committed suicide expressed her pain in suicide note
jhansi suicide - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झांसी में छात्रा संजना की आत्महत्या ने सिस्टम की बड़ी खामी को उजागर किया है। छात्रवृत्ति पाने के लिए वह बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से लेकर समाज कल्याण विभाग तक के चक्कर काटती रही, लेकिन हर जगह से उसके हाथ निराशा ही मिली। किसी ने भी आगे बढ़कर उसकी मदद करने की कोशिश नहीं की। 
विज्ञापन


इसका अंदाजा उसके सुसाइड नोट से लगाया जा सकता है, जिसमें उसने लिखा है कि मैंने बहुत मेहनत की, लेकिन अफसर झूठ बोलते रहे। छात्रवृत्ति न मिलने से परेशान होकर आत्महत्या करने वाली संजना पढ़ाई में मेधावी थी। परिजनों का कहना है कि संजना पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी तेज थी। 
विज्ञापन


वह एनसीसी कैडेट थी और पुलिस में भर्ती होना चाहती थी। इसके लिए वह मेहनत भी खूब कर रही थी। उसे छात्रवृत्ति से आस थी कि इसकी बदौलत वह पढ़ाई आगे जारी रख सकेगी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग के अफसर छात्रवृत्ति के लिए उससे लगातार झूठ बोल रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


संजना ने सुसाइड नोट में अपना दर्द साझा करते हुए लिखा कि ‘मैं यह नोट इसलिए लिख रही हूं ताकि पता चल सके कि मैंने यह कदम क्यों उठाया। मेरी छात्रवृति 28 हजार रुपये आनी थी, मगर नहीं आई। कॉलेज में सबकी आ चुकी है। इसके लिए विकास भवन तक हो आई। उन्होंने बोला तुम्हारे आधार कार्ड की फीडिंग नहीं है। 

बैंक जाने पर मालूम चला कि आधार फीडिंग पहले से ही हो चुकी। दो माह में स्कॉलरशिप आने की बात कही गई। मैं विकास भवन मम्मी के साथ गई। उनकी तबीयत खराब थी, लेकिन मैं उन्हें लेकर गई। हमें अंदर से घुटन होने लगी। हमने बहुत मेहनत की थी। हो सके तो माफ कर देना, इस कदम के लिए।’

छात्रा संजना कुशवाहा की छात्रवृत्ति विभाग अथवा निदेशालय स्तर से नहीं रोकी गई है। छात्रा ने ऑनलाइन स्वयं डिटेल भरी है। कॉलेज स्तर से चेक होने के बाद फार्म उच्च शिक्षाधिकारी कार्यालय अग्रसारित हुआ। जिला छात्रवृत्ति कमेटी ने समयावधि में अनुमोदन करके अग्रसारित कर दिया। निदेशालय ने छात्रवृत्ति की धनराशि बैंक में भेज दी।

छात्रवृत्ति पीएफएमएस व एनपीसीआई सर्वर से होते हुए छात्रा के खाते में जानी थी। एनपीसीआई सर्वर ने छात्रा के खाते से आधार डी-फीड बताते हुए ट्रांजेक्शन फेल कर दिया। नियमानुसार 31 मार्च को छात्रा के खाते में न पहुंचने पर छात्रवृत्ति निदेशालय वापस हो गई। - केपी सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी

छात्र का विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग से फार्म फारवर्ड कर दिया गया था। नोडल अधिकारी द्वारा भी सत्यापन कर दिया गया था। आवेदन समाज कल्याण विभाग के पोर्टल पर चला गया था। वहां से भी कोई आपत्ति नहीं आई थी। इसके अलावा छात्रवृत्ति को लेकर छात्रा की ओर से भी कभी कोई आपत्ति दर्ज नहीं गई। इसकी पूरी जांच करा ली गई है। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव

प्रदेश स्तरीय खिलाड़ी थी संजना
संजना खेलकूद में अव्वल थी। उसने बड़ागांव इंटर कॉलेज की ओर से पिछले साल प्रदेशीय माध्यमिक एथलेटिक्स भाला फेंक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। प्रदेश स्तरीय इस प्रतियोगिता में संजना ने तीसरा स्थान भी हासिल किया था। विद्यालय प्रबंधक राजीव रिछारिया के मुताबिक संजना अक्सर हर खेल प्रतियोगिता में आगे रहती थी। उसके विशेष प्रदर्शन की वजह से विद्यालय उसे पांच हजार रुपये से पुरस्कृत भी कर चुका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed