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लोगों के लाखों रुपये लेकर भागी चिटफंड कंपनी
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गुरसराय (झांसी)। चिट फंड कंपनी लोगों का पैसा लेकर भाग गई। अभिकर्ताओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है।
नगर में काफी समय से संचालित एक प्राइवेट चिट फं ड कंपनी पर क्षेत्र के सैकड़ों लोगों का लाखों रुपया लेकर भाग जाने का आरोप लगाया गया है। लोगों ने बताया कि नगर में एक वर्ष पूर्व मेन रोड पर पंजाब की एक चिट फंड कंपनी जीसीए मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड ने एक शाखा खोल रखी थी। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र सहित नगर के व्यापारियों ने अपना पैसा उसमें जमा कर रखा था। कंपनी द्वारा जमा कराए गए पैसों का लोगों को कुछ समयावधि तक भुगतान किया गया और इससे लोगों का विश्वास पक्का हो गया। लेकिन दो वर्ष पूर्व कंपनी ने लोगों का भुगतान करना बंद कर दिया और धीरे-धीर संचालकों का भागना शुरू हो गया। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के लोग उनके इस कारनामे को नहीं समझ सके। लोगों ने इसकी जानकारी भी की लेकिन कुछ पता नहीं चल पा रहा है। लोगों का आरोप है कि कंपनी में ऐसे लोग शामिल हैं जो राजनीति में अपनी पकड़ रखते हैं। कंपनी में लगभग 22 लोग शामिल हैं। इसी अभिकर्ता जन कल्याण समिति के अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भेंटकर क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों एवं गरीब तपके के लोगों की जमा राशि दिलाए जाने की मांग करते हुए कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में समिति के अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह पटेल, माधुरी उपाध्याय, दीनदयाल पटेल, रामदीन पटेल, अभिषेक अग्रवाल, सतीश पाठक आदि मौजूद रहे। उधर, जितेंद्र प्रताप सिंह, अभिषेक अग्रवाल, माधुरी उपाध्याय और रामदीन पटेल ने कहा कि हमने अपने मित्रों सहित लोगों के लाखों रुपये जमा किए। कुछ समय तक रुपया मिला लेकिन धीरे-धीरे यह लोग कंपनी बंद करके भाग गए। इन लोगों के जो संपर्क सूत्र थे वह भी बंद हैं।
कंपनी ने मई 2016 तक भुगतान दिया फि र बंद कर दिया जबकि गुरसराय थाना में कंपनी एवं कुछ व्यक्तियों के नाम मामला दर्ज है लेकिन कार्रवाई अबतक नहीं हुई। लोगों के लाखों रुपये डूब चुके हैं।
गुरसराय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
जीसीए मार्केटिंग प्राण लिमिटेड कंपनी मई 2005 से भटिंडा पंजाब से रजिस्टर्ड है। जिसका कारपोरेट आफिस गर्ग प्लाजा कम्यूनिटी सेंटर प्रीतमपुरा नई दिल्ली में है। इस कंपनी की पूरे देश में लगभग 70 शाखाएं थीं। जो 2016-17 से पूरी
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तरह निवेशकों का भुगतान न कर पाने के कारण बंद होती चलीं गईं। नगर गुरसराय में यह कंपनी 2007 से प्रारंभ हुई। यही नहीं नगर में जमीन खरीद कर एक आफिस का भी निर्माण कराया गया। लेकिन 2007 से 2016 तक लाखों रुपये जमा होने के बाद कंपनी ने धीरे-धीरे पैसा देना बंद कर दिया। उक्त प्रकरण को लेकर अभिकर्ता जनकल्याण समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने गुरसराय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया लेकिन अबतक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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नगर में काफी समय से संचालित एक प्राइवेट चिट फं ड कंपनी पर क्षेत्र के सैकड़ों लोगों का लाखों रुपया लेकर भाग जाने का आरोप लगाया गया है। लोगों ने बताया कि नगर में एक वर्ष पूर्व मेन रोड पर पंजाब की एक चिट फंड कंपनी जीसीए मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड ने एक शाखा खोल रखी थी। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र सहित नगर के व्यापारियों ने अपना पैसा उसमें जमा कर रखा था। कंपनी द्वारा जमा कराए गए पैसों का लोगों को कुछ समयावधि तक भुगतान किया गया और इससे लोगों का विश्वास पक्का हो गया। लेकिन दो वर्ष पूर्व कंपनी ने लोगों का भुगतान करना बंद कर दिया और धीरे-धीर संचालकों का भागना शुरू हो गया। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के लोग उनके इस कारनामे को नहीं समझ सके। लोगों ने इसकी जानकारी भी की लेकिन कुछ पता नहीं चल पा रहा है। लोगों का आरोप है कि कंपनी में ऐसे लोग शामिल हैं जो राजनीति में अपनी पकड़ रखते हैं। कंपनी में लगभग 22 लोग शामिल हैं। इसी अभिकर्ता जन कल्याण समिति के अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भेंटकर क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों एवं गरीब तपके के लोगों की जमा राशि दिलाए जाने की मांग करते हुए कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में समिति के अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप सिंह पटेल, माधुरी उपाध्याय, दीनदयाल पटेल, रामदीन पटेल, अभिषेक अग्रवाल, सतीश पाठक आदि मौजूद रहे। उधर, जितेंद्र प्रताप सिंह, अभिषेक अग्रवाल, माधुरी उपाध्याय और रामदीन पटेल ने कहा कि हमने अपने मित्रों सहित लोगों के लाखों रुपये जमा किए। कुछ समय तक रुपया मिला लेकिन धीरे-धीरे यह लोग कंपनी बंद करके भाग गए। इन लोगों के जो संपर्क सूत्र थे वह भी बंद हैं।
कंपनी ने मई 2016 तक भुगतान दिया फि र बंद कर दिया जबकि गुरसराय थाना में कंपनी एवं कुछ व्यक्तियों के नाम मामला दर्ज है लेकिन कार्रवाई अबतक नहीं हुई। लोगों के लाखों रुपये डूब चुके हैं।
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गुरसराय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई
जीसीए मार्केटिंग प्राण लिमिटेड कंपनी मई 2005 से भटिंडा पंजाब से रजिस्टर्ड है। जिसका कारपोरेट आफिस गर्ग प्लाजा कम्यूनिटी सेंटर प्रीतमपुरा नई दिल्ली में है। इस कंपनी की पूरे देश में लगभग 70 शाखाएं थीं। जो 2016-17 से पूरी
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तरह निवेशकों का भुगतान न कर पाने के कारण बंद होती चलीं गईं। नगर गुरसराय में यह कंपनी 2007 से प्रारंभ हुई। यही नहीं नगर में जमीन खरीद कर एक आफिस का भी निर्माण कराया गया। लेकिन 2007 से 2016 तक लाखों रुपये जमा होने के बाद कंपनी ने धीरे-धीरे पैसा देना बंद कर दिया। उक्त प्रकरण को लेकर अभिकर्ता जनकल्याण समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह ने गुरसराय थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया लेकिन अबतक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।