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Jhansi News: छत से गिरकर चार साल की मासूम घायल
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संवाद न्यूज एजेंसी
टोड़ी फतेहपुर। नगर पंचायत की लापरवाही के कारण चार वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। मोहल्ला नजरगंज में अनाया शाह नगर पंचायत की दुकानों की छत से करीब 12 फीटे नीचे गिर गई। बच्ची का उपचार मेडिकल कॉलेज में जारी है।
नगर पंचायत ने पुरानी सरकारी अस्पताल के पास 11 दुकानें बनवाई हैं। इन दुकानों की छत पर जाने वाली सीढ़ियों को खुला छोड़ दिया गया था। इससे बच्चे आसानी से सीढ़ियों के सहारे छत पर पहुंच जाते थे। मोनू शाह की पुत्री अनाया शाह खेलते-खेलते इन्हीं सीढ़ियों से छत पर चढ़ गई। छत पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। बच्ची संतुलन खो बैठी और पक्के फर्श पर जा गिरी। इस हादसे में उसका एक पैर टूट गया। सिर में भी गंभीर चोटें आई हैं। परिजन उसे नजदीकी चिकित्सक के पास ले गए। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
नगर पंचायत द्वारा सीढ़ियों को खुला छोड़ना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। सीढ़ियों पर रोकथाम के इंतजाम नहीं होने से बच्चों के वहां पहुंचने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सीढ़ियां बंद होतीं तो यह हादसा नहीं होता। छत पर उचित सुरक्षा इंतजाम भी जरूरी थे।
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इस मामले में एसडीएम टहरौली और अधिशासी अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सीढ़ियों को बंद कराया जाएगा।
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टोड़ी फतेहपुर। नगर पंचायत की लापरवाही के कारण चार वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। मोहल्ला नजरगंज में अनाया शाह नगर पंचायत की दुकानों की छत से करीब 12 फीटे नीचे गिर गई। बच्ची का उपचार मेडिकल कॉलेज में जारी है।
नगर पंचायत ने पुरानी सरकारी अस्पताल के पास 11 दुकानें बनवाई हैं। इन दुकानों की छत पर जाने वाली सीढ़ियों को खुला छोड़ दिया गया था। इससे बच्चे आसानी से सीढ़ियों के सहारे छत पर पहुंच जाते थे। मोनू शाह की पुत्री अनाया शाह खेलते-खेलते इन्हीं सीढ़ियों से छत पर चढ़ गई। छत पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। बच्ची संतुलन खो बैठी और पक्के फर्श पर जा गिरी। इस हादसे में उसका एक पैर टूट गया। सिर में भी गंभीर चोटें आई हैं। परिजन उसे नजदीकी चिकित्सक के पास ले गए। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
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नगर पंचायत द्वारा सीढ़ियों को खुला छोड़ना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है। सीढ़ियों पर रोकथाम के इंतजाम नहीं होने से बच्चों के वहां पहुंचने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सीढ़ियां बंद होतीं तो यह हादसा नहीं होता। छत पर उचित सुरक्षा इंतजाम भी जरूरी थे।
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इस मामले में एसडीएम टहरौली और अधिशासी अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सीढ़ियों को बंद कराया जाएगा।