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हंसारी पावर हाउस बवाल मामले में पूर्व मंत्री प्रदीप जैन बरी

Fri, 13 Aug 2021 01:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 01:39 AM IST
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Former minister Pradeep Jain acquitted in the power house ruckus fifteen years ago
झांसी। करीब पंद्रह साल पहले हंसारी विद्युत सब स्टेशन में हुए बवाल के मामले में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य समेत पंद्रह आरोपियों को विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने बरी कर दिया। इन सभी को साक्ष्य न मिलने के आधार पर दोषमुक्त किया गया। इस मामले में आरोपियों पर चालीस लाख की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ ही अत्यंत संवेदनशील पारीछा ग्रिड बाधित कर देने का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने बरी होने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने न्याय की जीत बताया है।
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सरकारी अभियोजन के मुताबिक सात अप्रैल वर्ष 2006 को हंसारी सब स्टेशन में बिजली की समस्या को लेकर तत्कालीन विधायक प्रदीप जैन आदित्य अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। आरोप था इस दौरान भीड़ बेकाबू होकर 132 केबी सबस्टेशन में घुस गई। भीड़ ने पारीछा-1 एवं पारीछा- 2 फीडर बाधित कर दिया। इस वजह से झांसी, ललितपुर के बीच रेलवे सेक्शन करीब दो घंटे ठप रहा। फीडर बाधित होने से ग्रिड पर भी खतरा पैदा हो गया।
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इस मामले मेें प्रेमनगर थाने में तत्कालीन विधायक प्रदीप जैन, तत्कालीन कांग्रेस शहर अध्यक्ष नरेश चंद बिलाटिया समेत पंद्रह अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 332, 427 एवं लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियमित की तहत मामला पंजीकृत किया गया। सभी आरोपियों पर 40 लाख रुपये की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा। वर्ष 2008 में न्यायालय ने आरोप तय कर दिए। उसके बाद मामला विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए, अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट में पहुंचा। पूर्व केंद्रीय मंत्री की ओर से पेश अधिवक्ता विवेक वाजपेई, ज्ञानेंद्र तिवारी एवं भीम प्रकाश त्रिपाठी ने बचाव करते हुए पूरे मामले को मनगढ़ंत बताया। उधर, अभियोजन पक्ष ने गवाह पेश किए लेकिन, उनकी ओर से आरोप सिद्घ करने के लिए कोई भी मजबूत साक्ष्य नहीं पेश किए जा सके। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व अध्यक्ष नरेश चंद बिलाटिया, पूर्व पार्षद मुकेश अग्रवाल, अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन, शहर अध्यक्ष अरविंद वशिष्ठ, अनिल बट्टा, एचपी पटेल, संजय बबेले, बृजेंद्र राय, अफजाल हुसैन, राकेश अमरया एवं श्रीराम अग्रवाल आदि को बरी कर दिया। इस फैसले पर पूर्व मंत्री प्रदीप जैन ने प्रसन्न्नता जताई है। उनका कहना है बिजली की भारी समस्या की वजह से आंदोलन किया गया था लेकिन, राजनीतिक विषेद्व में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। पंद्रह साल बाद जाकर न्याय हुआ है।
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