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Jhansi News: पांच माह जेल में रहने के बाद पूर्व डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को मिली जमानत
Thu, 16 Jul 2026 02:21 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Thu, 16 Jul 2026 02:21 AM IST
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झांसी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने घूस लेते पकड़े जाने के बाद से न्यायिक अभिरक्षा में बंद सीजीएसटी की पूर्व डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की दो माह की अंतरिम जमानत मंजूर कर दी। वह जनवरी माह से न्यायिक अभिरक्षा में हैं। उनकी प्रसव की तारीख पास आने एवं अभियोजन स्वीकृत न होने के आधार पर कोर्ट ने उनको राहत देते हुए सशर्त जमानत मंजूर की। जमानत याचिका मंजूर करते हुए न्यायालय ने कहा कि गर्भस्थ शिशु का जन्म खुले वातावरण में होना चाहिए, क्योंकि उसका किसी भी अपराध से कोई संबंध नहीं है।
न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल खंडपीठ के सम्मुख प्रस्तुत प्रभा भंडारी की जमानत याचिका में कहा गया कि 1 जनवरी 2026 से वह जेल में निरुद्ध है। सीबीआई ने 27 फरवरी 2026 को आरोप पत्र दाखिल किया लेकिन, उस समय अभियोजन स्वीकृति प्राप्त नहीं थी। इसके बाद 9 जून को अभियोजन स्वीकृति मिली लेकिन, ट्रायल कोर्ट ने अब तक आरोप पत्र पर संज्ञान नहीं लिया। वह करीब छह माह से बिना ट्रायल शुरू हुए न्यायिक अभिरक्षा में है। अदालत को यह भी बताया गया कि प्रभा भंडारी गर्भवती हैं। उनकी संभावित प्रसव तिथि करीब है। पहले प्रसव में सीज़ेरियन ऑपरेशन हुआ था। चिकित्सकों ने इस बार भी ऑपरेशन की आशंका जताई है। न्यायालय के निर्देश पर उनका उपचार प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। सीबीआई की ओर से अदालत में कहा गया कि उसने उपचार का कभी विरोध नहीं किया। उनको न्यायिक अभिरक्षा में आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सीबीआई ने भी माना कि अभियोजन स्वीकृति 9 जून को मिली लेकिन, ट्रायल कोर्ट ने अभी तक संज्ञान नहीं लिया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने दो लाख रुपये के निजी मुचलके के साथ प्रभा भंडारी को रिहाई की तिथि से दो महीने की अल्पकालिक जमानत मंजूर कर दी। दो महीने की अवधि पूरी होने पर प्रभा को संबंधित न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा।
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न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल खंडपीठ के सम्मुख प्रस्तुत प्रभा भंडारी की जमानत याचिका में कहा गया कि 1 जनवरी 2026 से वह जेल में निरुद्ध है। सीबीआई ने 27 फरवरी 2026 को आरोप पत्र दाखिल किया लेकिन, उस समय अभियोजन स्वीकृति प्राप्त नहीं थी। इसके बाद 9 जून को अभियोजन स्वीकृति मिली लेकिन, ट्रायल कोर्ट ने अब तक आरोप पत्र पर संज्ञान नहीं लिया। वह करीब छह माह से बिना ट्रायल शुरू हुए न्यायिक अभिरक्षा में है। अदालत को यह भी बताया गया कि प्रभा भंडारी गर्भवती हैं। उनकी संभावित प्रसव तिथि करीब है। पहले प्रसव में सीज़ेरियन ऑपरेशन हुआ था। चिकित्सकों ने इस बार भी ऑपरेशन की आशंका जताई है। न्यायालय के निर्देश पर उनका उपचार प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। सीबीआई की ओर से अदालत में कहा गया कि उसने उपचार का कभी विरोध नहीं किया। उनको न्यायिक अभिरक्षा में आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। सीबीआई ने भी माना कि अभियोजन स्वीकृति 9 जून को मिली लेकिन, ट्रायल कोर्ट ने अभी तक संज्ञान नहीं लिया है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने दो लाख रुपये के निजी मुचलके के साथ प्रभा भंडारी को रिहाई की तिथि से दो महीने की अल्पकालिक जमानत मंजूर कर दी। दो महीने की अवधि पूरी होने पर प्रभा को संबंधित न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा।
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