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Jhansi News: भालू के कुनबे से भटकने की संभावना जता रहे वन अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रविवार रात आए भालू को पकड़ तो लिया गया, लेकिन वह कहां से आया इसकी तलाश में वन विभाग के अधिकारी जुटे हैं। उनका कहना है कि भालू अपने कुनबे के साथ चलते हैं, लेकिन लगता है यह भटक गया। डीएफओ गौतम सिंह ने बताया कि ड्रोन कैमरे से भालू का कुनबा गौना, मड़ावरा और ललितपुर रेंज में खोज रहे हैं। मध्य प्रदेश के शिवपुरी के जंगल से भी आने से इन्कार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि देर रात इटावा लायन सैंक्चुअरी के चिकित्सकों की टीम जनपद मुख्यालय पहुंचने की संभावना है। वही टीम अपने साथ भालू को ले जाएगी।
वन विभाग की टीम तालबेहट में भालू का रास्ता तलाशने में जुटी है। अनुमान है कि भालू का कस्बे में प्रवेश तरगुवां से हुआ, जबकि आसपास के ग्रामीणों ने भालू को देखने की पुष्टि नहीं की। तालबेहट व उसके आसपास रेंज में भालू मौजूद नहीं है। मड़ावरा, गौना व ललितपुर रेंज में ही भालू हैं। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह ने बताया कि भालू रास्ता भटक गया है। इसके अन्य परिवार के सदस्यों की तलाश के लिए जंगलों में ड्रोन कैमरे से खोज की गई। अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
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सौ किलो वजन, पूरी तरह स्वस्थ
पशु चिकित्सकों ने भालू के स्वास्थ्य का परीक्षण किया, वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। उसका वजन करीब सौ किलो है। वह आठ से दस साल का है। खास बात यह कि रेस्क्यू के दौरान भालू को खरोंच तक नहीं आई।
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जनपद में भालुओं की संख्या
कुल 300
नर भालू-116
मादा भालू-139
बच्चे 63
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भालू को पकड़ने में छूटा पसीना: भालू को पिंजरे में कैद करने में वन विभाग की टीम को पसीना छूट गया। बाथरूम का दरवाजा बाहर खुलता था, जिससे पिंजड़ा गेट पर नहीं लग पा रहा था। गेट के खुलते ही भालू हमला कर भाग भी सकता था। टीम ने दो पिंजड़े लगवाए और बाथरूम का दरवाजा अंदर की ओर धक्का देकर खोला। भालू दरवाजा खुलते ही बाहर की ओर भागा तो पिंजरे में कैद हो गया।
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भालू ने खाए तरबूज, खरबूजा और ककड़ी
भीषण गर्मी को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने सबसे पहले भालू को पिंजड़े में रखवाया, फिर उसके खाने के लिए तरबूज, खरबूजा व ककड़ी आदि रखवाया गया।
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भालू पूर्ण रूप से स्वस्थ है। शासन को इसकी रिपोर्ट भेज दी गई है। इसे इटावा सैंक्चुअरी में रखा जाएगा, इसके लिए वहां से टीम जनपद के लिए रवाना हो गई है।
गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।
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ललितपुर। रविवार रात आए भालू को पकड़ तो लिया गया, लेकिन वह कहां से आया इसकी तलाश में वन विभाग के अधिकारी जुटे हैं। उनका कहना है कि भालू अपने कुनबे के साथ चलते हैं, लेकिन लगता है यह भटक गया। डीएफओ गौतम सिंह ने बताया कि ड्रोन कैमरे से भालू का कुनबा गौना, मड़ावरा और ललितपुर रेंज में खोज रहे हैं। मध्य प्रदेश के शिवपुरी के जंगल से भी आने से इन्कार नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि देर रात इटावा लायन सैंक्चुअरी के चिकित्सकों की टीम जनपद मुख्यालय पहुंचने की संभावना है। वही टीम अपने साथ भालू को ले जाएगी।
वन विभाग की टीम तालबेहट में भालू का रास्ता तलाशने में जुटी है। अनुमान है कि भालू का कस्बे में प्रवेश तरगुवां से हुआ, जबकि आसपास के ग्रामीणों ने भालू को देखने की पुष्टि नहीं की। तालबेहट व उसके आसपास रेंज में भालू मौजूद नहीं है। मड़ावरा, गौना व ललितपुर रेंज में ही भालू हैं। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी गौतम सिंह ने बताया कि भालू रास्ता भटक गया है। इसके अन्य परिवार के सदस्यों की तलाश के लिए जंगलों में ड्रोन कैमरे से खोज की गई। अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
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सौ किलो वजन, पूरी तरह स्वस्थ
पशु चिकित्सकों ने भालू के स्वास्थ्य का परीक्षण किया, वह पूरी तरह स्वस्थ पाया गया। उसका वजन करीब सौ किलो है। वह आठ से दस साल का है। खास बात यह कि रेस्क्यू के दौरान भालू को खरोंच तक नहीं आई।
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जनपद में भालुओं की संख्या
कुल 300
नर भालू-116
मादा भालू-139
बच्चे 63
भालू को पकड़ने में छूटा पसीना: भालू को पिंजरे में कैद करने में वन विभाग की टीम को पसीना छूट गया। बाथरूम का दरवाजा बाहर खुलता था, जिससे पिंजड़ा गेट पर नहीं लग पा रहा था। गेट के खुलते ही भालू हमला कर भाग भी सकता था। टीम ने दो पिंजड़े लगवाए और बाथरूम का दरवाजा अंदर की ओर धक्का देकर खोला। भालू दरवाजा खुलते ही बाहर की ओर भागा तो पिंजरे में कैद हो गया।
भालू ने खाए तरबूज, खरबूजा और ककड़ी
भीषण गर्मी को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने सबसे पहले भालू को पिंजड़े में रखवाया, फिर उसके खाने के लिए तरबूज, खरबूजा व ककड़ी आदि रखवाया गया।
भालू पूर्ण रूप से स्वस्थ है। शासन को इसकी रिपोर्ट भेज दी गई है। इसे इटावा सैंक्चुअरी में रखा जाएगा, इसके लिए वहां से टीम जनपद के लिए रवाना हो गई है।
गौतम सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी।