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लॉकडाउन में ‘लॉक’ हुई विकास की परियोजना
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forelane work stoped in lockdown
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झांसी। तकनीकी स्टाफ की वजह से झांसी - खजुराहो फोरलेन निर्माण की रफ्तार थमी हुई है। इसके अलावा लॉकडाउन के दरम्यान लगातार काम बंद रहने की वजह से सड़क का निर्माण कार्य तय मियाद में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। इसके अलावा काम के जल्द रफ्तार पकड़ने की भी संभावनाएं नजर नहीं आ रही हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा झांसी से खजुराहो तक 186 किलोमीटर तक फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। ये काम फरवरी 2018 में शुरू हुआ था, जबकि नवंबर 2020 में पूरा किया जाना था। निर्माण कार्य पूरी तरह से अपनी रफ्तार पर था, जिससे तय मियाद में काम पूरा होने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन, कोरोना वायरस के संक्रमण के साये ने विकास की इस परियोजना को भी अपनी चपेट में ले लिया। 25 मार्च को लॉकडाउन की शुरुआत के साथ ही काम एकदम थम गया। परियोजना में कार्यरत तकनीकी स्टाफ ड्राइवर, मशीन ऑपरेटर आदि ने अपने घरों की राह पकड़ ली। जबकि, श्रमिक भी ठंडे पड़ गए। हालांकि, लॉकडाउन - 3 में काम को दुबारा शुरू करने की अनुमति तो मिली, लेकिन ये अब तक शुरू नहीं हो पाया है। अपने घर जा चुका तकनीकी स्टाफ अब तक लौटकर नहीं आया है। ये कर्मचारी लॉकडाउन में फंसे हुए हैं। ऐसे में श्रमिकों के भरोसे काम रफ्तार नहीं पकड़ सकता है।
अतिक्रमण भी नहीं हट सका
सड़क निर्माण के लिए एनएचएआई ने जनपद में 76 हेक्टेअर जमीन अधिग्रहीत की है। इसका एक अरब बारह करोड़ रुपये मुआवजा भी दिया जा चुका है। बावजूद, ग्राम सकरार, जावन, झांकरी, दिगारा, कोछाभांवर व फुटेरा में अतिक्रमण न हटने की वजह से इन स्थानों पर सड़क निर्माण का काम अटका हुआ है। लॉकडाउन की वजह से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही भी थमी हुई है।
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा झांसी से खजुराहो तक 186 किलोमीटर तक फोरलेन का निर्माण किया जा रहा है। ये काम फरवरी 2018 में शुरू हुआ था, जबकि नवंबर 2020 में पूरा किया जाना था। निर्माण कार्य पूरी तरह से अपनी रफ्तार पर था, जिससे तय मियाद में काम पूरा होने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन, कोरोना वायरस के संक्रमण के साये ने विकास की इस परियोजना को भी अपनी चपेट में ले लिया। 25 मार्च को लॉकडाउन की शुरुआत के साथ ही काम एकदम थम गया। परियोजना में कार्यरत तकनीकी स्टाफ ड्राइवर, मशीन ऑपरेटर आदि ने अपने घरों की राह पकड़ ली। जबकि, श्रमिक भी ठंडे पड़ गए। हालांकि, लॉकडाउन - 3 में काम को दुबारा शुरू करने की अनुमति तो मिली, लेकिन ये अब तक शुरू नहीं हो पाया है। अपने घर जा चुका तकनीकी स्टाफ अब तक लौटकर नहीं आया है। ये कर्मचारी लॉकडाउन में फंसे हुए हैं। ऐसे में श्रमिकों के भरोसे काम रफ्तार नहीं पकड़ सकता है।
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अतिक्रमण भी नहीं हट सका
सड़क निर्माण के लिए एनएचएआई ने जनपद में 76 हेक्टेअर जमीन अधिग्रहीत की है। इसका एक अरब बारह करोड़ रुपये मुआवजा भी दिया जा चुका है। बावजूद, ग्राम सकरार, जावन, झांकरी, दिगारा, कोछाभांवर व फुटेरा में अतिक्रमण न हटने की वजह से इन स्थानों पर सड़क निर्माण का काम अटका हुआ है। लॉकडाउन की वजह से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही भी थमी हुई है।
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