झांसी। रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में बृहस्पतिवार को राजभाषा पखवाड़ा समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष पुनीत बिसारिया ने कहा कि देश की राष्ट्रीय भाषा हिंदी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विदेशी भाषा कभी मातृभाषा का रूप नहीं ले सकती है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी में इसी वर्ष जनवरी में रूस और जर्मनी देश के विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था। आज वह विद्यार्थी पूरी तरह हिंदी बोलने और समझने लगे हैं। अध्यक्षता करते हुए कुलपति डा. अरविंद कुमार ने कहा कि हिंदी एक ऐसी सरल भाषा है जिसमें कई भाषाओं का समावेश है। वैज्ञानिकों शिक्षकों से आह्वान किया कि आप लोग कृषि में नवीनतम शोध को भी हिंदी में ही वर्णित करें। निदेशक शिक्षा डा. अनिल कुमार ने बताया कि दक्षिण कोरिया में हिंदी का सर्वाधिक विकास हुआ है। अधिष्ठाता उद्यानिकी एवं वानिकी डा. एके पांडेय ने कहा कि हिंदी ऐसी भाषा है कि जो स्पर्श ही नहीं करती वह हृदय में प्रवेश कर जाती है। इस अवसर पर राजभाषा समिति के डा. वीजी लक्ष्मी, पुस्तकालयाध्यक्ष डा. एसके कुशवाह समेत विश्वविद्यालय के सभी शिक्षक, संकाय सदस्य, वैज्ञानिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डा. मीनाक्षी आर्य तथा आभार राजभाषा अधिकारी डा. अलका जैन ने किया।