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भारत में खाद्यान्न पर्याप्त, फिर भी लोग भूखे

Sat, 17 Oct 2015 01:16 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Sat, 17 Oct 2015 01:16 AM IST
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के खाद्य तकनीकी संस्थान में विश्व खाद्य दिवस मनाया गया। इस दौरान जीव विज्ञान संस्थान के प्रो. जीपी राय ने कहा कि विकसित देशों में किसानों को प्राकृतिक आपदा की स्थिति में लगभग 80 प्रतिशत तक मुआवजा मिल जाता है, जबकि भारत में यह सुविधा नहीं है। देश में प्रचुर मात्रा में खाद्यान्न का उत्पादन होने के बावजूद आज भी कई लोगोें को एक समय का भोजन नसीब नहीं हो पाता है।
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संस्थान के विभागाध्यक्ष डॉ. शिव कुमार कटियार ने खाद्य तकनीकी के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एक अनुमान के अनुसार प्रत्येक वर्ष लगभग बीस प्रतिशत से अधिक खाद्यान्न नष्ट हो जाता है। विशिष्ट अतिथि पर्यावरण संस्थान के विभागाध्यक्ष प्रो. बीडी जोशी ने बताया कि वर्तमान में विश्व में 30 प्रतिशत से अधिक लोगों को सही रूप में भोजन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। खाद्य तकनीकी के क्षेत्र से जुड़े वैज्ञानिकों का दायित्व है कि वे इस दिशा में कार्य करें।
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इस दौरान पोस्टर प्रतियोगिता में उजमा प्रथम, नीतू द्वितीय तथा निवेदिता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सलाद ड्रेसिंग प्रतियोगिता में फैजल का ग्रुप प्रथम, कविता का ग्रुप द्वितीय तथा नीतू के ग्रुप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक गृह विज्ञान संस्थान की डॉ. अमृता सिंह थी। क्विज प्रतियोगिता में सुमन का ग्रुप प्रथम स्थान पर रहा। इस अवसर पर प्रो. अपर्णा राज, डॉ. डीके भट्ट, डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. नुपुर गौतम, डॉ. विनीत कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. देवेश निगम, डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. अमृता सिंह मौजूद रहे।
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