फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   fogging machine purchase now a issue for officers

फॉगिंग मशीन खरीद में फंस रहे नगर निगम के अफसर

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2020 09:26 PM IST
विज्ञापन
fogging machine purchase now a issue for officers
कोरोना के दौर में भी नगर निगम में फॉगिंग के नाम पर बड़ा खेल हो रहा है।  निगम ने फॉगिंग के लिए खरीदी 60 मशीनों में से 37 का प्रयोग का किया। जबकि  23 मशीनें नई रखी रहीं। अब निगम के अफसर नई रखी मशीनों को वापस करने की जगह  भुगतान करने की तैयारी कर रहे हैं। एक मशीन की कीमत 75 हजार रुपये है। ऐेसे  में खर्च में कटौती की बात करना बेमानी साबित हो रही है। कोरोना संक्रमण को लेकर हुए लॉकडाउन के दौरान नगर निगम ने जैम पोर्टल के  जरिये 60 पल्स फॉगिंग मशीनों की खरीद की थी। जिसमें से 37 मशीनों को महानगर  में फॉगिंग के लिए प्रयोग किया गया। फॉगिंग का क्रम यह था कि 30 मशीनें एक  दिन छोड़कर वार्ड में जाती थीं। जो दो दिन में 60 वार्ड कवर करती थीं। जबकि  सात मशीनें सरकारी भवनों या अन्य शिकायतों पर भेजी जाती थीं। वहीं 23  मशीनें खरीद के बाद नई रखी रहीं। अब जब भुगतान की बारी आई, तो नई रखी रहीं  मशीनों को वापस करने को लेकर सवाल उठने लगे। सवाल है कि एक ओर नगर निगम  खर्च में कटौती की बात कर रहा है, तो दूसरी ओर नई रखीं रहीं मशीनों को वापस  करने की बजाय भुगतान किया जा रहा है। इसे लेकर निगम में चर्चा का आलम है।  बताया जाता है कि एक मशीन की कीमत करीब 75 हजार रुपये है। ऐसे में करीब 45  लाख रुपये का भुगतान किया जाना है, लेकिन निगम के अफसर मशीनों को वापस करने  से कतरा रहे हैं। वहीं खरीद की प्रक्रिया के लिए गठित कमेटी के अफसर भी  सवाल उठने के बाद फाइल को इधर से उधर घुमा रहे हैं। नगर निगम मेें जब मशीनों के भुगतान की फाइल दौड़ी, तो टीम में शामिल किए गए  कई अफसरों ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। इससे साफ है कि निगम अफसरों  को भी फिजूलखर्ची को लेकर सवाल उठने पर कार्रवाई होने की आशंका है। फॉगिंग मशीनों के मामले में उपसभापति राजेश त्रिपाठी का कहना है कि जिन  मशीनों का प्रयोग नहीं किया गया, उनको वापस कर देना चाहिए था। लेकिन ऐसा  नहीं किया गया। इस मामले में अफसरों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।  बैठक में इसे लेकर जवाब तलब किया जाएगा। पार्षद किशोरी प्रसाद रायकवार का  कहना है कि फॉगिंग के नाम पर मशीनों की खरीद में मनमानी की गई। जिन मशीनों  का प्रयोग नहीं किया गया, उनको वापस किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed