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पांच साल तक विधानसभा में खामोश रहे बुंदेलखंड के पांच विधायक
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झांसी। जनता अपने प्रतिनिधि को चुनकर विधानसभा में भेजती है, ताकि वे उनकी समस्याओं को सुनकर सरकार के सामने रखें। मगर बुंदेलखंड के विधायकों ने इसमें खास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। कुछेक को छोड़ दें, तो ज्यादातर विधायकों ने विधानसभा में बहुत कम सवाल उठाए हैं। 19 विधायकों में से पांच विधायकों ने तो कोई सवाल ही नहीं उठाया। साथ ही तमाम विधायकों के सवाल और मुद्दे तो इतने कमजोर रहे कि उन पर सरकार ने ध्यान ही नहीं दिया।
इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी रिसर्च स्टडीज इंडिया ने इस पर सर्वे किया है। इसमें बताया गया है कि किस विधायक की सदन में कितनी उपस्थिति रही और उसने कितने सवाल उठाए। इसमें सामने आया कि बुंदेलखंड के 19 विधायकों में पांच ऐसे हैं, जिन्होंने एक भी सवाल नहीं उठाया। जबकि 10 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने 30 से कम सवाल उठाए हैं। उपस्थिति की बात करें तो बुंदेलखंड के केवल एक विधायक की ही सदन में 100 फीसदी उपस्थिति रही। वहीं ललितपुर के महरौनी से विधायक मनोहर लाल पंथ ने सरकार में मंत्री होने के चलते अपने मंत्रालय से संबंधित सवालों का जवाब दिया।
प्रदेश के 174 विधायकों नहीं उठाया कोई सवाल
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक पूरे प्रदेश के 403 में से 174 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने एक भी सवाल नहीं उठाया। जबकि सिर्फ 19 विधायकों ने 100 से ज्यादा सवाल उठाए हैं। वहीं 28 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने केवल एक सवाल पूछा है।
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एक भी सवाल न पूछने वाले विधायक
बिहारी लाल आर्य: विस क्षेत्र: मऊरानीपुर (झांसी): उपस्थिति: 71 फीसदी
राज करन कबीर: विस क्षेत्र: नरैनी (बांदा): उपस्थिति: 64 फीसदी
आनंद शुक्ला: विस क्षेत्र: मानिकपुर (चित्रकूट): उपस्थिति: डाटा नहीं
युवराज सिंह: विस क्षेत्र: हमीरपुर: उपस्थिति: 100 फीसदी
राकेश गोस्वामी: विस क्षेत्र: महोबा: उपस्थिति: 77 फीसदी
(नोट: आंकड़े 02 अक्तूबर 2019 तक, इसके बाद कोरोना काल में सदन पूर्णरूप से नहीं चल सका।)
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विधायक जिन्होंने सवाल पूछे
विस क्षेत्र विधायक उपस्थिति सवाल
गरौठा जवाहर लाल राजपूत 91 137
बबीना राजीव सिंह पारीछा 86 90
झांसी सदर रवि शर्मा 64 25
ललितपुर राम रतन कुशवाहा 89 1
बांदा प्रकाश चंद्र द्विवेदी 80 14
बबेरू चंद्रपाल कुशवाहा 86 3
तिंदवारी ब्रजेश प्रजापति 92 37
चित्रकूट चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय 88 22
राठ मनीषा अनुरागी 86 16
कालपी नरेंद्र पाल सिंह 95 40
माधौगढ़ मूलचंद्र सिंह 95 16
उरई गौरीशंकर 89 2
चरखारी ब्रज भूषण राजपूत 71 9
(नोट: सवालों के आंकड़े 19 मार्च 2017 से 28 फरवरी 2020 तक)
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इंस्टीट्यूट फॉर पॉलिसी रिसर्च स्टडीज इंडिया ने इस पर सर्वे किया है। इसमें बताया गया है कि किस विधायक की सदन में कितनी उपस्थिति रही और उसने कितने सवाल उठाए। इसमें सामने आया कि बुंदेलखंड के 19 विधायकों में पांच ऐसे हैं, जिन्होंने एक भी सवाल नहीं उठाया। जबकि 10 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने 30 से कम सवाल उठाए हैं। उपस्थिति की बात करें तो बुंदेलखंड के केवल एक विधायक की ही सदन में 100 फीसदी उपस्थिति रही। वहीं ललितपुर के महरौनी से विधायक मनोहर लाल पंथ ने सरकार में मंत्री होने के चलते अपने मंत्रालय से संबंधित सवालों का जवाब दिया।
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प्रदेश के 174 विधायकों नहीं उठाया कोई सवाल
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक पूरे प्रदेश के 403 में से 174 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने एक भी सवाल नहीं उठाया। जबकि सिर्फ 19 विधायकों ने 100 से ज्यादा सवाल उठाए हैं। वहीं 28 विधायक ऐसे हैं, जिन्होंने केवल एक सवाल पूछा है।
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एक भी सवाल न पूछने वाले विधायक
बिहारी लाल आर्य: विस क्षेत्र: मऊरानीपुर (झांसी): उपस्थिति: 71 फीसदी
राज करन कबीर: विस क्षेत्र: नरैनी (बांदा): उपस्थिति: 64 फीसदी
आनंद शुक्ला: विस क्षेत्र: मानिकपुर (चित्रकूट): उपस्थिति: डाटा नहीं
युवराज सिंह: विस क्षेत्र: हमीरपुर: उपस्थिति: 100 फीसदी
राकेश गोस्वामी: विस क्षेत्र: महोबा: उपस्थिति: 77 फीसदी
(नोट: आंकड़े 02 अक्तूबर 2019 तक, इसके बाद कोरोना काल में सदन पूर्णरूप से नहीं चल सका।)
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विधायक जिन्होंने सवाल पूछे
विस क्षेत्र विधायक उपस्थिति सवाल
गरौठा जवाहर लाल राजपूत 91 137
बबीना राजीव सिंह पारीछा 86 90
झांसी सदर रवि शर्मा 64 25
ललितपुर राम रतन कुशवाहा 89 1
बांदा प्रकाश चंद्र द्विवेदी 80 14
बबेरू चंद्रपाल कुशवाहा 86 3
तिंदवारी ब्रजेश प्रजापति 92 37
चित्रकूट चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय 88 22
राठ मनीषा अनुरागी 86 16
कालपी नरेंद्र पाल सिंह 95 40
माधौगढ़ मूलचंद्र सिंह 95 16
उरई गौरीशंकर 89 2
चरखारी ब्रज भूषण राजपूत 71 9
(नोट: सवालों के आंकड़े 19 मार्च 2017 से 28 फरवरी 2020 तक)