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Jhansi News: पांच मौतें, पांच परिवार हो गए तबाह, रिपोर्ट-रिपोर्ट खेल रहा प्रशासन अब ढूंढ रहा गवाह

Fri, 07 Jul 2023 12:43 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jul 2023 12:43 AM IST
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Five deaths, five families destroyed, administration playing report-report, now looking for witnesses
सीपरी बाजार अग्निकांड : 16 लोगों के बयान दर्ज, सात महकमों से मांगी गई रिपोर्ट
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दो दिन में जांच पूरी होने के बाद होगी दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सीपरी बाजार की दुकानों में लगी आग की घटना में जब पांच लोगों की मौत हो गई, पांच परिवार तबाह हो गए, तब जिला प्रशासन को रिपोर्ट-रिपोर्ट खेलने की सुध आई है। अब प्रशासन इस घटना के गवाह ढूंढ रहा है। जिला प्रशासन जेडीए, अग्निशमन, पुलिस और नगर सहित सात विभागों से रिपोर्ट मांग रहा है। इस लेकर शुरू हुई प्रशासन की जांच में अब तक 16 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। दो दिन में जांच पूरी कर जिला प्रशासन को सौंप दी जाएगी। इसके बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सोमवार को सीपरी बाजार में शोरूम और कई दुकानों में भीषण आग लग गई थी। इस घटना में पांच लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की ओर से घटना की जांच के निर्देश जारी किए थे। जांच की जिम्मेदारी टहरौली के उप जिलाधिकारी (न्यायिक) मृत्युंजय मिश्रा को सौंपी गई थी। लेकिन, अब होने वाली जांच अगर समय रहते हो जाती तो शायद पांच लोगों की जान यूं न जाती।
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एसडीएम द्वारा अब तक इस घटना से जुड़े 16 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें आग में बर्बाद हुईं दोनों इमारतों के मालिक, मृतकों के परिजन, घटना में झुलसे लोग एवं घटना से जुड़ी जानकारी रखने वाले आसपास के दुकानदार हैं। अभी और लोगों के भी बयान दर्ज किए जाने हैं।
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इसके अलावा झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए), नगर निगम, अग्निशमन विभाग, विद्युत विभाग, श्रम विभाग, पुलिस व राजस्व विभाग से भी रिपोर्ट मांगी गई है। इन विभागों से इमारतों के मानचित्र, अग्निशमन की एनओसी, कार्यरत स्टाफ का ब्योरा, जिन भूखंडों पर इमारतें बनाई गईं थीं, उनकी रजिस्ट्री, भू उपयोग आदि का विवरण मांगा है। सभी लोगों के बयान दर्ज करने और विभागों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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इसके बाद भी प्रशासन को चाहिए सुबूत
1-प्रशासन पहले ही देख लेता कि शहर में किन इमारतों में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। आग में जली इमारतों का भी कामर्शियल इस्तेमाल हो रहा था। ऐसे में इसकी एनओसी किसने दी।
2-प्रशासन को मालूम था कि शहर में आगजनी हो जाए तो लोगों को भागने का रास्ता नहीं मिलेगा, तंग गलियों में फायर ब्रिगेड का घुसना मुश्किल होगा। ऐसे में बड़े पैमाने पर इंतजाम किए जाने चाहिएं। लेकिन, इमारतों में आग लगी तो अग्निशमन विभाग के कंडम उपकरण भेजे गए।
3-इमारतों के आसपास बिजली के तारों का गुच्छा फैला था, ऐसे नजारे शहर में आम हैं, लेकिन बिजली विभाग कोई पहल नहीं कर रहा। जहां घटना घटी वहां भी तारों के गुच्छे फैले थे।
4-पुलिस और राजस्व विभाग शहर में कोई कार्रवाई क्यों नहीं करता ताकि लोगों में बड़े जुर्माने या पुलिस प्रशासन का डर हो, जहां आग लगी वहां भी तंग जगह में बड़ा कारोबार फैला था।

5- जिन शोरूम में आग लगी उनके आगे विज्ञापन के लिए बोर्ड लगे थे। यहां आग फैलने की बड़ी वजह यही बने थे। सब अवैध रूप से लगे थे लेकिन प्रशासन ने ध्यान ही नहीं दिया।
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