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मछुआरों ने दस लाख का मछली का बीज तालाब में डाला, अब नहीं मिल रहा पट्टा

Thu, 10 Sep 2020 01:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2020 01:12 AM IST
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fisherman not found patta
fisherman not found patta
झांसी। कोरोना काल में सरकार हर वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने के दावे कर रही है, लेकिन नगर निगम ने मछुआरों के लाखों रुपये बर्बाद करा दिए। निगम अधिकारियों के आश्वासन के बाद मछुआरों ने बिजौली तालाब में मछली पालन के लिए 10 लाख रुपये का बीज डाल दिया। अब नगर निगम ने मछली पालन का पट्टा कराने से इनकार कर दिया है। इससे मछुआरों के आगे आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसे लेकर पार्षद ने महापौर से शिकायत की है।
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नगर निगम बिजौली में स्थित तालाब में मछली पालन के लिए पट्टा करता है। अब तक बिजौली की मत्स्य जीवी सहकारी सेवा समिति के नाम पट्टा चल रहा था। जिसके जरिए 110 मछुआरों को रोजगार मिलता था। पिछले दिनों समिति का पट्टा खत्म हो गया था। इसके बाद समिति ने नगर निगम में आवेदन किया। कई दिनों तक समिति के सदस्य आवेदन की स्थिति जानने को भटकते रहे। इसके बाद समिति के सदस्य पार्षदों के साथ अधिकारियों से मिलने पहुंचे। पार्षद किशोरी रायकवार का आरोप है कि अपर नगर आयुक्त ने आश्वासन दिया था कि पट्टा हो जाएगा। इस पर समिति ने करीब 10 लाख रुपये का बीज तालाब में छोड़ दिया। अब जब पट्टे की कागजी कार्रवाई के लिए कहा गया, तो अधिकारी ने मना कर दिया। इसके बाद मछुआरों के पांव तले जमीन खिसक गई। समिति के अध्यक्ष जग्गू रायकवार बताते हैं कि जैसे-तैसे व्यवस्था करके तालाब में बीज डाला था। तालाब से 110 परिवार पलते हैं। लेकिन निगम अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं। पार्षद ने महापौर से मामले की जांच कराने और समिति को पट्टा दिलाने की मांग की है। इस संबंध में महापौर रामतीर्थ सिंघल का कहना है कि पार्षद की शिकायत मिली है। इस पर अधिकारियों को नियम के अनुसार पट्टे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
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ताकि घर में मिल सके रोजगार
समिति के सचिव विद्यानंद रायकवार बताते हैं कि पिछले करीब 12 साल से समिति पर तालाब का पट्टा रहा है। मछुआरों को पलायन न करना पड़े, इसलिए सहकारिता विभाग से समिति गठित की गई। अब तालाब का पट्टा नहीं होगा, तो मछुआरे बेरोजगार हो जाएंगे।
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नगर निगम को हर साल होती है 70 हजार की आय
बिजौली तालाब में मत्स्य पालन और आखेट से नगर निगम को हर साल करीब 70 हजार रुपये की आय होती है। अब नगर निगम आय को बंद करने की तैयारी में हैं। जबकि सरकार कोरोना काल में आय वृद्धि को लेकर कवायद कर रही है।
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