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बुंदेलखंड की जमीन में पहली बार पैदा होगा प्याज
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झांसी। बुंदेलखंड में अब प्याज का भी उत्पादन होगा। उद्यान महकमे ने इस खरीफ सीजन से बुवाई आरंभ कराने की तैयारी की हुई है। शुरूआत में 50 हेक्टेयर रकबे में बुवाई होगी। किसानों को बीज के साथ ही सिंचाई में भी सब्सिडी दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोग सफल रहने पर अगले वर्ष इस रकबे में बढ़ोतरी की जाएगी।
सर्दियों के मौसम में प्याज हर वर्ष रसोई का गणित बिगाड़ देता है। कई बार कीमतें 80-100 रुपये किलो तक पहुंच जाती हैं। प्याज का मुख्य उत्पादन अभी नासिक, जलगांव एवं उसके आसपास के इलाकों में ही होता है। सरकार की योजना प्याज का उत्पादन बढ़ाने की है। प्याज की उपज के लिए ढलुवा मिट्टी उपयोगी बताई जाती है। बुंदेलखंड में इस तरह की मिट्टी भी है। अधिकारियों का कहना है इस वजह से पहली बार यहां खरीफ सीजन में प्याज (डार्क रेड) का उत्पादन शुरू कराया जा रहा है। शासन से कार्ययोजना को मंजूरी मिल चुकी। शुरूआत में 50 हेक्टेयर रकबा तय किया गया है। इसके लिए बीज भी यहां मंगवा लिए गए हैं। किसानों को बीज के लिए 12 हजार की सब्सिडी दी जाएगी। सबसे बड़ी खासियत यह कि इसके लिए चयनित किसानों को ड्रिप इरिगेशन की सहूलियत भी मुहैया कराई जाएगी। इसके माध्यम से किसानों को 1.29 लाख रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी भी मिलेगी। जुलाई में बुवाई के बाद अक्तूबर-नवंबर तक फसल तैयार हो जाएगी। यह प्याज स्थानीय बाजार में बेची जाएगी। उद्यान अधिकारियों का दावा है कि इसके जरिए किसानों की आय तीन गुना तक बढ़ सकेगी। इच्छुक किसान नारायण बाग पहुंचकर अपना आवेदन अभी भी कर सकते हैं।
किसानों की चयन प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। बीज मंगवा लिए गए हैं। उम्मीद है इस सीजन मेें किसानों को इसके जरिए आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विनय कुमार यादव, उपनिदेशक, उद्यान विभाग
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सर्दियों के मौसम में प्याज हर वर्ष रसोई का गणित बिगाड़ देता है। कई बार कीमतें 80-100 रुपये किलो तक पहुंच जाती हैं। प्याज का मुख्य उत्पादन अभी नासिक, जलगांव एवं उसके आसपास के इलाकों में ही होता है। सरकार की योजना प्याज का उत्पादन बढ़ाने की है। प्याज की उपज के लिए ढलुवा मिट्टी उपयोगी बताई जाती है। बुंदेलखंड में इस तरह की मिट्टी भी है। अधिकारियों का कहना है इस वजह से पहली बार यहां खरीफ सीजन में प्याज (डार्क रेड) का उत्पादन शुरू कराया जा रहा है। शासन से कार्ययोजना को मंजूरी मिल चुकी। शुरूआत में 50 हेक्टेयर रकबा तय किया गया है। इसके लिए बीज भी यहां मंगवा लिए गए हैं। किसानों को बीज के लिए 12 हजार की सब्सिडी दी जाएगी। सबसे बड़ी खासियत यह कि इसके लिए चयनित किसानों को ड्रिप इरिगेशन की सहूलियत भी मुहैया कराई जाएगी। इसके माध्यम से किसानों को 1.29 लाख रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी भी मिलेगी। जुलाई में बुवाई के बाद अक्तूबर-नवंबर तक फसल तैयार हो जाएगी। यह प्याज स्थानीय बाजार में बेची जाएगी। उद्यान अधिकारियों का दावा है कि इसके जरिए किसानों की आय तीन गुना तक बढ़ सकेगी। इच्छुक किसान नारायण बाग पहुंचकर अपना आवेदन अभी भी कर सकते हैं।
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किसानों की चयन प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। बीज मंगवा लिए गए हैं। उम्मीद है इस सीजन मेें किसानों को इसके जरिए आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विनय कुमार यादव, उपनिदेशक, उद्यान विभाग