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फर्म के खिलाफ एफआईआर होगी, काली सूची में डाली जाएगी
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झांसी। जलसंस्थान के श्रमिकों को भुगतान नहीं करने और टेंडर की शर्तों का उल्लंघन करने के मामले में मंडलायुक्त डॉ. अजय शंकर पांडेय ने संबंधित फर्म त्रिशा कंस्ट्रक्शन लखनऊ के खिलाफ एफआईआर कराने और काली सूची में डालने के निर्देश दिए हैं।
जलसंस्थान में कार्यरत फर्म द्वारा श्रमिकों का भुगतान नहीं किया गया है। मामला मंडलायुक्त के संज्ञान में आने पर उन्होंने 15 दिन में तीन माह का भुगतान करने के निर्देश दिए। फर्म द्वारा ट्यूबवेल का संचालन किया जा रहा था, लेकिन ई- टेंडर की शर्तों का उल्लंघन करने और कार्यों में लापरवाही बरतने पर ठेका निरस्त कर दिया गया था। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि फर्म को काली सूची में डाला जाए। उरई शाखा के अंतर्गत फर्म को भुगतान किया था, लेकिन इसके बाद भी फर्म ने श्रमिकों को भुगतान नहीं किया। निर्देश दिए गए कि फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए और आरसी जारी की जाए।
उन्होंने श्रमिकों के भुगतान में असमानता को दूर करने के लिए अधिशासी अभियंता, वित्त प्रबंधक और डिस्ट्रिक्ट लेबर कमिश्नर की समिति बनाकर दो सप्ताह में प्रकरण का निराकरण करने को कहा। श्रमिकों को वर्ष 2017 से 2019 तक के कार्य का भुगतान नहीं हुआ है।
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जलसंस्थान में कार्यरत फर्म द्वारा श्रमिकों का भुगतान नहीं किया गया है। मामला मंडलायुक्त के संज्ञान में आने पर उन्होंने 15 दिन में तीन माह का भुगतान करने के निर्देश दिए। फर्म द्वारा ट्यूबवेल का संचालन किया जा रहा था, लेकिन ई- टेंडर की शर्तों का उल्लंघन करने और कार्यों में लापरवाही बरतने पर ठेका निरस्त कर दिया गया था। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि फर्म को काली सूची में डाला जाए। उरई शाखा के अंतर्गत फर्म को भुगतान किया था, लेकिन इसके बाद भी फर्म ने श्रमिकों को भुगतान नहीं किया। निर्देश दिए गए कि फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए और आरसी जारी की जाए।
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उन्होंने श्रमिकों के भुगतान में असमानता को दूर करने के लिए अधिशासी अभियंता, वित्त प्रबंधक और डिस्ट्रिक्ट लेबर कमिश्नर की समिति बनाकर दो सप्ताह में प्रकरण का निराकरण करने को कहा। श्रमिकों को वर्ष 2017 से 2019 तक के कार्य का भुगतान नहीं हुआ है।
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