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Jhansi News: चिकित्सा शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति कम होने पर लगा जुर्माना
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एनएमसी के पास जमा की तीन लाख जुर्माना राशि
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति कम होने पर नेशनल मेडिकल काउंसिल ने तीन लाख रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही दो महीने में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। कॉलेज प्रशासन ने एनएमसी के पास जुर्माना राशि जमा भी कर दी है।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटें हैं। 50 सीटों की मान्यता के लिए एनएमसी द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। एनएमसी ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर रखी है। मेडिकल कॉलेज में कई चिकित्सा शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही थी। ऐसे में कॉलेज प्रशासन के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में एनएमसी के अधिकारियों ने कहा कि कॉलेज में फैकल्टी कम है। क्योंकि, कुछ विभागों में तो एक भी चिकित्सा शिक्षक की उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही थी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने कहा कि मानक अनुसार ही चिकित्सा शिक्षक हैं। मगर बायोमेट्रिक मशीनें ठीक नहीं हैं। इंटरनेट की भी समस्या होती है। एक-एक चिकित्सा शिक्षक को उपस्थिति लगाने में 15-15 मिनट लग जाते हैं। एनएमसी ने कॉलेज प्रशासन को दो महीने में व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही कॉलेज प्रशासन पर तीन लाख रुपये जुर्माना भी लगा दिया। प्राचार्य ने बताया कि एनएमसी के पास जुर्माना राशि जमा कर दी है। साथ ही एनएमसी द्वारा बताई गईं बायोमेट्रिक मशीनें भी लगवा दी गई हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति कम होने पर नेशनल मेडिकल काउंसिल ने तीन लाख रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही दो महीने में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। कॉलेज प्रशासन ने एनएमसी के पास जुर्माना राशि जमा भी कर दी है।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटें हैं। 50 सीटों की मान्यता के लिए एनएमसी द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किया जाता है। एनएमसी ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर रखी है। मेडिकल कॉलेज में कई चिकित्सा शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही थी। ऐसे में कॉलेज प्रशासन के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में एनएमसी के अधिकारियों ने कहा कि कॉलेज में फैकल्टी कम है। क्योंकि, कुछ विभागों में तो एक भी चिकित्सा शिक्षक की उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही थी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने कहा कि मानक अनुसार ही चिकित्सा शिक्षक हैं। मगर बायोमेट्रिक मशीनें ठीक नहीं हैं। इंटरनेट की भी समस्या होती है। एक-एक चिकित्सा शिक्षक को उपस्थिति लगाने में 15-15 मिनट लग जाते हैं। एनएमसी ने कॉलेज प्रशासन को दो महीने में व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही कॉलेज प्रशासन पर तीन लाख रुपये जुर्माना भी लगा दिया। प्राचार्य ने बताया कि एनएमसी के पास जुर्माना राशि जमा कर दी है। साथ ही एनएमसी द्वारा बताई गईं बायोमेट्रिक मशीनें भी लगवा दी गई हैं।
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