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गूंज रही फाइटर जेट और धमाके की आवाज, बंकर में छुपे छात्र
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झांसी। हमारे ऊपर से फाइटर जेट गुजर रहे हैं। समय-समय पर गोलेबारी के साथ धमाके हो रहे हैं। हालात भयावह हो जाने की वजह से अब हम बंकर में छुप गए हैं। खाने-पीने का सामान भी खत्म होने वाला है। पैसे है नहीं। पता नहीं अब क्या होगा। सरकार से अपील है कि हमें बचाए। दहशतजदा उत्तर प्रदेश के छात्रों ने कंपकंपाती आवाज में वहां के हालातों को बयां किया। इन छात्रों ने अमर उजाला को अपनी वीडियो भेजकर सरकार से मदद की गुहार
हाल ही में यूक्रेन से बुंदेलखंड लौटे छात्रों ने वहां फंसे अपने दोस्तों से बात कराई। इन लोगों ने वहां के हालात के ताजा वीडियो और फोटो भी भेजे हैं। एक फोटो में छात्र बंकर में छुपे हैं। एक बंकर में चंडीगढ़ के शुभम कुमार, लखनऊ के अबू उजैफा और रायबरेली के सलोन निवासी मो. असद कुरैशी छुपे हुए हैं। असद ने बताया कि वो लोग जेप्रोजिया स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं, ये साउथ ईस्ट में है। मौजूदा समय में वो लोग राजधानी कीव से 500 किलोमीटर दूरी पर हैं। उनके घरों से कुछ ही दूरी पर ब्लॉस्ट हो रहे हैं। लगातार फाइटर प्लेन निकल रहे हैं। हालात बहुत डरावने हो चुके हैं। इस वजह से वो लोग बंकर में आकर छुप गए हैं। उनके पास एक-दो दिनों का खाने-पीने का सामान ही बचा हुआ है। पैसे भी नहीं हैं। एटीएम ब्लॉक कर दिया गया है। समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें। कैसे यहां से बचकर निकलें। बाहर निकलने में भी डर लगता है। परिजन भी बहुत ज्यादा परेशान हो गए हैं। छात्रों ने सरकार से अपील की है कि उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की जाए।
हंगरी, पोलैंड से निकालने का मिला संदेश
छात्रों ने बताया कि एंबेसी के अधिकारियों की तरफ से पोलैंड या हंगरी की तरफ से एक-दो दिनों बाद निकालने का आश्वासन दिया जा रहा है। अधिकारी ये जरूर कह रहे हैं कि घबराएं नहीं। मगर जो हालात हैं, उनमें कोई कैसे बिना डरे रह सकता है।
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हाल ही में यूक्रेन से बुंदेलखंड लौटे छात्रों ने वहां फंसे अपने दोस्तों से बात कराई। इन लोगों ने वहां के हालात के ताजा वीडियो और फोटो भी भेजे हैं। एक फोटो में छात्र बंकर में छुपे हैं। एक बंकर में चंडीगढ़ के शुभम कुमार, लखनऊ के अबू उजैफा और रायबरेली के सलोन निवासी मो. असद कुरैशी छुपे हुए हैं। असद ने बताया कि वो लोग जेप्रोजिया स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं, ये साउथ ईस्ट में है। मौजूदा समय में वो लोग राजधानी कीव से 500 किलोमीटर दूरी पर हैं। उनके घरों से कुछ ही दूरी पर ब्लॉस्ट हो रहे हैं। लगातार फाइटर प्लेन निकल रहे हैं। हालात बहुत डरावने हो चुके हैं। इस वजह से वो लोग बंकर में आकर छुप गए हैं। उनके पास एक-दो दिनों का खाने-पीने का सामान ही बचा हुआ है। पैसे भी नहीं हैं। एटीएम ब्लॉक कर दिया गया है। समझ नहीं आ रहा है कि क्या करें। कैसे यहां से बचकर निकलें। बाहर निकलने में भी डर लगता है। परिजन भी बहुत ज्यादा परेशान हो गए हैं। छात्रों ने सरकार से अपील की है कि उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की जाए।
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हंगरी, पोलैंड से निकालने का मिला संदेश
छात्रों ने बताया कि एंबेसी के अधिकारियों की तरफ से पोलैंड या हंगरी की तरफ से एक-दो दिनों बाद निकालने का आश्वासन दिया जा रहा है। अधिकारी ये जरूर कह रहे हैं कि घबराएं नहीं। मगर जो हालात हैं, उनमें कोई कैसे बिना डरे रह सकता है।
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