फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Fertility is losing ground

उर्वरा शक्ति खो रही है जमीन

Mon, 21 Dec 2015 12:16 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Mon, 21 Dec 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
Fertility is losing ground
झांसी। हर किसी का पोषण करने वाली धरती माता कुपोषण का शिकार होती जा रही है। उर्वरकों के अंधाधुंध हमले से जिले के खेत अपनी उर्वरा शक्ति खोते जा रहे हैं। स्थिति यह है कि जमीन में जीवाश्म कार्बन,  फास्फोरस कम हो गया है। सिर्फ पोटाश की ही मात्रा ज्यादा है।
विज्ञापन


जमीन की उर्वरा शक्ति जानने के लिए कृषि प्रयोगशाला में तीन प्रकार की जांचें होती हैं। मुख्य पोषक तत्व, द्वितीय पोषक तत्व और सूक्ष्म पोषक तत्वों की जांच से जमीन की उर्वरा क्षमता की जानकारी होती है। कृषि प्रयोगशाला द्वारा जिले में किए गए मृदा परीक्षण की रिपोर्टों में चौंकाने वाली स्थिति प्रकाश में आई है।
विज्ञापन


जिले के सभी खेतों में पोषण की कमी है। मुख्य पोषक तत्वों की जांच में जिले में जीवाश्म कार्बन की रिपोर्ट तीन प्वाइंट के सापेक्ष 2.6 प्वाइंट है, जो मानक से कम है। फास्फोरस की जांच रिपोर्ट 1.67 प्वांट है, जो मानक से बहुत कम है। पोटाश  3.82 प्वाइंट है, जो मानक से अधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यही हाल द्वितीय पोषक तत्व का भी है। द्वितीय पोषक तत्व गंधक की जांच रिपोर्ट 1.37 आई है, जो मानक से कम है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की स्थिति संतोषजनक है। जिंक की मात्रा 2.11 है, जो मध्यम है। लोह तत्व की मात्रा 2.42 है, जो अधिक है। मैगनीज की मात्रा 2.91 है, जो अधिक है। कॉपर की मात्रा 2.72 है, जो मानक से अधिक है।

उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग से बनी यह स्थिति
मृदा परीक्षण केंद्र के लैब अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होने से कोई नुकसान नहीं होता है, लेकिन कम होने से जमीन की उर्वरा क्षमता पर असर पड़ता है। उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग के कारण जमीन की उर्वरा शक्ति पर असर पड़ा है। किसानों को चाहिए कि अपनी जमीन का परीक्षण कराकर कृषि सलाहकारों की मशवरा करके ही उर्वरकों का प्रयोग करें।

लगातार एक ही फसल न बोएं
कृषि विभाग के तकनीकी सहायक राकेश श्रीवास्तव के अनुसार लगातार एक ही प्रकार की फसलें बोने से भी जमीन की उर्वरा क्षमता पर असर पड़ता है। किसानों को चाहिए कि खेतों में बदल-बदल कर फसलें बोएं। यह जरूर जान लें कि जमीन को किस प्रकार के उर्वरक की आवश्यकता है।


यह होता है पोषक तत्वों का महत्व
फसलों के विकास में मुख्य पोषक तत्वों का वही महत्व है, जो मनुष्य शरीर के विकास में प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स आदि का होता है। मुख्य पोषक तत्व जीवाश्म कार्बन की आवश्यकता पौधे के विकास के लिए जरूरी है। फास्फोरस की आवश्यकता पौधे के जड़ के विकास व रोग प्रतिरोधी क्षमता के लिए जरूरी है। वहीं, फसल के दाने को चमकदार बनाने के लिए पोटाश की जरूरत पड़ती है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता फसल की ग्रोथ के लिए जरूरी है। वहीं, सल्फर की जरूरत तिलहनी फसलों के विकास हेतु पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed