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Jhansi News: किसान मूंगफली, तिल और उड़द के उन्नतशील बीजों का करें उपयोग
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गरौठा। विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत सिमरधा नरसिंह मंदिर प्रांगण में कृषि गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नतशील बीजों को बोने की सलाह दी। साथ जैविक खेती के लाभ भी बताए।
गोष्ठी का आयोजन ग्राम प्रधान नरेंद्र राजपूत की अध्यक्षता में हुआ। गोष्ठी में केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान झांसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. आशाराम, डा. अशोक यादव, चारागाह अनुसंधान संसथान से से डा. नकुल गुप्ता, डा. परिचिता, डा. विमलराज यादव आदि वैज्ञानिकों ने किसानों से फसल चक्र अपनाने की बात कही। उन्होंने किसानों को मूंगफली, तिल, उड़द आदि के उन्नतशील बीजों को बोने की सलाह दी। साथ ही जैविक खेती के माध्यम से जमीन की उर्जा शक्ति बढ़ाने के बारे में विस्तार से बताया। खेतों की मेड़ों पर बहुउपयोगी फलदार वृक्ष और चारा लगाए जाने से होने वाले फायदे के बारे में बताया। विशेषज्ञों ने कहा कि डीएपी एवं कीटनाशक के छिड़काव से जमीन बीमार हो रही है। किसान खेतों की मिट्टी का परीक्षण कराकर आवश्यक पोषक तत्व दें। सहखेती के लिए उपयोगी फलदार वृक्ष एवं पशुपालन से दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर होने वाले फायदे के बारे में जानकारी दी।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ न्याय पंचायत प्रभारी प्रेमनारायण व प्रहलाद राजपूत ने किया। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कृषि एवं वानिकी से संबंधित पूछे गए प्रश्न सही जवाब देने वाले किसानों को सम्मानित किया गया।
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इस मौके पर वेदप्रकाश त्रिपाठी, भूपेंद्र तिवारी, लल्ला राजपूत, शंकर राजपूत, महिपाल राजपूत, विनोद राजपूत, मदन राजपूत, बालस्वरूप सोनी, भगवान सिंह, जगदीश राजपूत, गोविंद राजपूत आदि मौजूद रहे। गोष्ठी का संचालन सूर्यप्रताप यादव व शाहरुख खान ने किया।
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गोष्ठी का आयोजन ग्राम प्रधान नरेंद्र राजपूत की अध्यक्षता में हुआ। गोष्ठी में केंद्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान झांसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. आशाराम, डा. अशोक यादव, चारागाह अनुसंधान संसथान से से डा. नकुल गुप्ता, डा. परिचिता, डा. विमलराज यादव आदि वैज्ञानिकों ने किसानों से फसल चक्र अपनाने की बात कही। उन्होंने किसानों को मूंगफली, तिल, उड़द आदि के उन्नतशील बीजों को बोने की सलाह दी। साथ ही जैविक खेती के माध्यम से जमीन की उर्जा शक्ति बढ़ाने के बारे में विस्तार से बताया। खेतों की मेड़ों पर बहुउपयोगी फलदार वृक्ष और चारा लगाए जाने से होने वाले फायदे के बारे में बताया। विशेषज्ञों ने कहा कि डीएपी एवं कीटनाशक के छिड़काव से जमीन बीमार हो रही है। किसान खेतों की मिट्टी का परीक्षण कराकर आवश्यक पोषक तत्व दें। सहखेती के लिए उपयोगी फलदार वृक्ष एवं पशुपालन से दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर होने वाले फायदे के बारे में जानकारी दी।
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इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ न्याय पंचायत प्रभारी प्रेमनारायण व प्रहलाद राजपूत ने किया। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कृषि एवं वानिकी से संबंधित पूछे गए प्रश्न सही जवाब देने वाले किसानों को सम्मानित किया गया।
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इस मौके पर वेदप्रकाश त्रिपाठी, भूपेंद्र तिवारी, लल्ला राजपूत, शंकर राजपूत, महिपाल राजपूत, विनोद राजपूत, मदन राजपूत, बालस्वरूप सोनी, भगवान सिंह, जगदीश राजपूत, गोविंद राजपूत आदि मौजूद रहे। गोष्ठी का संचालन सूर्यप्रताप यादव व शाहरुख खान ने किया।