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कृषि कानून को किसानों पर थोपे नहीं, तत्काल वापस ले सरकार
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झांसी। कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों के समर्थन में सोमवार को समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी व भारतीय किसान यूनियन ने प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी भी हुई। वक्ताओं ने कहा कि सरकार कृषि कानून किसानों पर थोप रही है। इससे किसानों का कोई भला नहीं होने वाला है। सरकार का रवैया हिटलरशाही वाला है। इस कानून को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। इस दौरान कलक्ट्रेट पर गांधी उद्यान के इर्दगिर्द पुलिस का कड़ा पहरा रहा।
गांधी उद्यान में सपा के प्रदर्शन में पूर्व सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि कृषि अध्याधेश बगैर संवैधानिक प्रक्रिया के लागू किया गया है। इसे तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाना चाहिए। पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने कहा कि बाजार में गेहूं का दाम कम और बीज महंगा है। पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर सिंह ने कहा कि किसान सरकार के तानाशाहीपूर्ण रवैये का जवाब भाजपा को सत्ता से बेदखल कर देगा। अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष महेश कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार के कानून से किसान अपनी जमीन पर मजदूर बन जाएगा। महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम ने कहा कि भाजपा किसान हितैषी होने का ढोंग भर कर रही है।
इस मौके पर आरपी निरंजन, राकेश पाल, जयप्रकाश आर्य, अस्फान सिद्दीकी, राहुल सक्सेना, सुरेश पटेल, चंद्रप्रकाश मिश्रा, महावीर भार्गव, जुगलकिशोर कुशवाहा, वीरेंद्र प्रताप सिंह, दीपाली रायकवार, अबरार अली, विजय झासिया आदि ने भी विचार प्रकट किए। संचालन आरिफ खान व आभार राकेश पाल ने जताया।
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आम आदमी पार्टी ने किया अनशन
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गांधी उद्यान में अनशन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कहा कि सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। उनकी मांगें अविलंब मानी जानी चाहिए। इस मौके पर कैलाश कुशवाहा, मो. अरशद खान, क्षेमेंद्र पांडेय, अनिरुद्ध प्रताप सिंह, सचिन साहू, शशांक दुबे आदि मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने भी प्रदर्शन कर किसान आंदोलन का समर्थन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन के जरिये कृषि विधेयक को काला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग की। इस मौके पर कमलेश लंबरदार, राजवीर सिंह जादौन, राजेश सिंह सेंगर, अविनाश भार्गव, गंधर्व सिंह गुर्जर आदि मौजूद रहे। भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी ने धरना देकर कृषि कानूनों को समाप्त करने की मांग की। इस मौके पर शिरोमणि सिंह राजपूत, प्रेमनारायण, भगवानदास आदि मौजूद रहे। उधर, बुंदेलखंड क्रांति दल की बैठक सत्येंद्र पाल सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें किसान आंदोलन का समर्थन किया गया। किसान रक्षा पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन के जरिये तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की। इस मौके पर स्वदेश यादव, हनुमत माते, राजू शर्मा, अनिल राजपूत, नारायण सिंह आदि मौजूद रहे।
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गांधी उद्यान में सपा के प्रदर्शन में पूर्व सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि कृषि अध्याधेश बगैर संवैधानिक प्रक्रिया के लागू किया गया है। इसे तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाना चाहिए। पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने कहा कि बाजार में गेहूं का दाम कम और बीज महंगा है। पूर्व एमएलसी श्यामसुंदर सिंह ने कहा कि किसान सरकार के तानाशाहीपूर्ण रवैये का जवाब भाजपा को सत्ता से बेदखल कर देगा। अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष महेश कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार के कानून से किसान अपनी जमीन पर मजदूर बन जाएगा। महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम ने कहा कि भाजपा किसान हितैषी होने का ढोंग भर कर रही है।
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इस मौके पर आरपी निरंजन, राकेश पाल, जयप्रकाश आर्य, अस्फान सिद्दीकी, राहुल सक्सेना, सुरेश पटेल, चंद्रप्रकाश मिश्रा, महावीर भार्गव, जुगलकिशोर कुशवाहा, वीरेंद्र प्रताप सिंह, दीपाली रायकवार, अबरार अली, विजय झासिया आदि ने भी विचार प्रकट किए। संचालन आरिफ खान व आभार राकेश पाल ने जताया।
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आम आदमी पार्टी ने किया अनशन
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गांधी उद्यान में अनशन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने कहा कि सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है। उनकी मांगें अविलंब मानी जानी चाहिए। इस मौके पर कैलाश कुशवाहा, मो. अरशद खान, क्षेमेंद्र पांडेय, अनिरुद्ध प्रताप सिंह, सचिन साहू, शशांक दुबे आदि मौजूद रहे। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने भी प्रदर्शन कर किसान आंदोलन का समर्थन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन के जरिये कृषि विधेयक को काला कानून बताते हुए वापस लेने की मांग की। इस मौके पर कमलेश लंबरदार, राजवीर सिंह जादौन, राजेश सिंह सेंगर, अविनाश भार्गव, गंधर्व सिंह गुर्जर आदि मौजूद रहे। भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी ने धरना देकर कृषि कानूनों को समाप्त करने की मांग की। इस मौके पर शिरोमणि सिंह राजपूत, प्रेमनारायण, भगवानदास आदि मौजूद रहे। उधर, बुंदेलखंड क्रांति दल की बैठक सत्येंद्र पाल सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें किसान आंदोलन का समर्थन किया गया। किसान रक्षा पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन के जरिये तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की। इस मौके पर स्वदेश यादव, हनुमत माते, राजू शर्मा, अनिल राजपूत, नारायण सिंह आदि मौजूद रहे।