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दिल में आग लगी है, पानी मिलेगा क्या
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पुलिस कंट्रोल रूम में शिकायतों की जांच करता पुलिस कर्मी
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झांसी। हैलो....पुलिस कंट्रोल रूम, दिल में आग लगी है पानी मिलेगा क्या। यह सुनकर पुलिसकर्मी हाथ पर हाथ रखकर बैठ गए। उनको बताया कि आप गलत कॉल लगा रहे हैं, कार्रवाई हो जाएगी। यह सुनकर फोन काट दिया। दिन भर में ऐसी करीब आने वालीं पचास कॉल्स से कंट्रोल रूम में तैनात कर्मियों को दो चार होना पड़ रहा है।
पुलिस लाइन में बने कंट्रोल रूम में आने वालीं कॉल पुलिसकर्मियों के लिए सिरदर्द बन रही हैं। प्रतिदिन यहां दो कर्मी कॉल अटैंड करते हैं। कोई कॉल कर कहता है कि हेलो.... आपकी याद आ रही है। कोई फोन कर कहता है कि मेरा कुत्ता चोरी हो गया, घर में सांप घुस गया, दोस्त ने थप्पड़ मार दिया। घर में पानी नहीं आ रहा है, सर मेरा मोबाइल रिचार्ज करवा दो। ऐसी कॉल से दिन भर पुलिसकर्मी जूझते रहते हैं। इनमें से पचास कॉल ऐसी होती हैं, जिनका कोई जवाब नहीं होता। जिले के सिरफिरे युवकों ने फर्जी कॉलें कर सभी का जीना मुहाल कर दिया है।
कार्रवाई न होने से खौफ हुआ खत्म
जिस प्रकार सेे कंट्रोल रूम में इस प्रकार की कॉल आ रही हैं। इन पर कार्रवाई न होने से सिरफिरे युवकों का खौफ खत्म हो चुका है। पुलिस समझाकर कार्रवाई का डर बता देती है, इसके बाद उक्त नंबर से कॉल नहीं आती। नए नंबरों से ही कॉल आती है।
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फर्जी आईडी से करते कॉल
अधिकांश युवा फर्जी आईडी के नंबरों से कॉल कर रहे हैं। कुछ कॉल बार-बार आने के कारण कार्रवाई के लिए जांच के लिए भेजा जाता है तो नंबर ट्रेस नहीं हो पाता है। तब पता चलता है कि फर्जी आईडी से कॉल की गई।
खेल-खेल में होता 112 नंबर पर फोन
बताया गया कि 112 नंबर पर आने वाली सभी कॉल रिसीव करना जरूरी होती है। बच्चे अपने खेलने के लिए 112 नंबर का जमकर प्रयोग कर रहे हैं। जब इसकी शिकायत उनके माता पिता से की जाती है तो वो गलती से लगने का बहाना करते हैँ या माफी मांगकर मामला खत्म कर लेते हैं।
कंट्रोल रूप में ऐसे आने वाले नंबरों पर पुलिस की तरफ से फोन कर कार्रवाई की चेतावनी दे दी जाती है। ऐसी कॉल आती हैं, पुलिस ऐसे नंबरों को ट्रेस भी कर रही है।
राहुल मिठास, अपर पुलिस अधीक्षक
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पुलिस लाइन में बने कंट्रोल रूम में आने वालीं कॉल पुलिसकर्मियों के लिए सिरदर्द बन रही हैं। प्रतिदिन यहां दो कर्मी कॉल अटैंड करते हैं। कोई कॉल कर कहता है कि हेलो.... आपकी याद आ रही है। कोई फोन कर कहता है कि मेरा कुत्ता चोरी हो गया, घर में सांप घुस गया, दोस्त ने थप्पड़ मार दिया। घर में पानी नहीं आ रहा है, सर मेरा मोबाइल रिचार्ज करवा दो। ऐसी कॉल से दिन भर पुलिसकर्मी जूझते रहते हैं। इनमें से पचास कॉल ऐसी होती हैं, जिनका कोई जवाब नहीं होता। जिले के सिरफिरे युवकों ने फर्जी कॉलें कर सभी का जीना मुहाल कर दिया है।
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कार्रवाई न होने से खौफ हुआ खत्म
जिस प्रकार सेे कंट्रोल रूम में इस प्रकार की कॉल आ रही हैं। इन पर कार्रवाई न होने से सिरफिरे युवकों का खौफ खत्म हो चुका है। पुलिस समझाकर कार्रवाई का डर बता देती है, इसके बाद उक्त नंबर से कॉल नहीं आती। नए नंबरों से ही कॉल आती है।
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फर्जी आईडी से करते कॉल
अधिकांश युवा फर्जी आईडी के नंबरों से कॉल कर रहे हैं। कुछ कॉल बार-बार आने के कारण कार्रवाई के लिए जांच के लिए भेजा जाता है तो नंबर ट्रेस नहीं हो पाता है। तब पता चलता है कि फर्जी आईडी से कॉल की गई।
खेल-खेल में होता 112 नंबर पर फोन
बताया गया कि 112 नंबर पर आने वाली सभी कॉल रिसीव करना जरूरी होती है। बच्चे अपने खेलने के लिए 112 नंबर का जमकर प्रयोग कर रहे हैं। जब इसकी शिकायत उनके माता पिता से की जाती है तो वो गलती से लगने का बहाना करते हैँ या माफी मांगकर मामला खत्म कर लेते हैं।
कंट्रोल रूप में ऐसे आने वाले नंबरों पर पुलिस की तरफ से फोन कर कार्रवाई की चेतावनी दे दी जाती है। ऐसी कॉल आती हैं, पुलिस ऐसे नंबरों को ट्रेस भी कर रही है।
राहुल मिठास, अपर पुलिस अधीक्षक