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Jhansi News: झांसी मंडल में हर छठवां व्यक्ति हाइपरटेंशन की गिरफ्त में
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विश्व हाइपरटेंशन दिवस
- लकवा से लेकर ह्रदय अटैक तक आने का रहता है खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी मंडल में हर छठवां व्यक्ति हाइपरटेंशन की गिरफ्त में है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी को साइलेंट किलर कहा जाता है। ऐसे में अगर समय पर बीमारी का इलाज न कराया जाए तो लकवा से लेकर हार्ट अटैक आने तक का खतरा रहता है।
जब ऊपर वाला रक्तचाप 140 और नीचे वाला 90 से ज्यादा हो तो इसे हाइपरटेंशन कहते हैं। मेडिकल कॉलेज की जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सुधा शर्मा ने बताया कि इस बीमारी के 80 से 90 फीसदी मरीजों में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। इस कारण इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। कुछ मरीजों में सिर दर्द, चक्कर आना, आंखों से धुंधला दिखना, सांस फूलना, सीने में दर्द या भारीपन, कानों में सीटी बजना आदि लक्षण होते हैं। हाइपरटेंशन से बचने के लिए लोगों को अपनी आदत, खानपान में भी बदलाव करना होगा। उन्होंने बताया कि झांसी मंडल में हर छठवां व्यक्ति इसकी चपेट में है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि रोजाना ओपीडी में 25 फीसदी मरीज तो हाइपरटेंशन का ही इलाज कराने के लिए आते हैं। अनियंत्रित ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक या हार्ट फेल्योर का खतरा हो सकता है। स्ट्रोक, आंखों की रोशनी पर प्रभाव और हाथ-पैरों की नसों में ब्लॉकेज हो सकता है। जिन महिलाओं का गर्भावस्था में ब्लड प्रेशर बढ़ा रहा हो, उन्हें भी नियमित जांच करानी चाहिए।
ये हैं एनएफएचएस-5 के आंकड़े
जनपद महिला रोगी पुरुष रोगी
झांसी 15.7 17.3
जालौन 16.8 20.0
ललितपुर 17.2 17.9
(नोट: बीपी के मरीजों के आंकड़े प्रतिशत में।)
बीमारी से ऐसे बच सकते
...............................
- नियमित व्यायाम करें
- वजन संतुलित रखें
- खाने में नमक कम खाएं
- शराब, धूम्रपान का सेवन न करें
- तनाव न लें, पूरी नींद जरूरी है
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- लकवा से लेकर ह्रदय अटैक तक आने का रहता है खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी मंडल में हर छठवां व्यक्ति हाइपरटेंशन की गिरफ्त में है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी को साइलेंट किलर कहा जाता है। ऐसे में अगर समय पर बीमारी का इलाज न कराया जाए तो लकवा से लेकर हार्ट अटैक आने तक का खतरा रहता है।
जब ऊपर वाला रक्तचाप 140 और नीचे वाला 90 से ज्यादा हो तो इसे हाइपरटेंशन कहते हैं। मेडिकल कॉलेज की जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. सुधा शर्मा ने बताया कि इस बीमारी के 80 से 90 फीसदी मरीजों में कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। इस कारण इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। कुछ मरीजों में सिर दर्द, चक्कर आना, आंखों से धुंधला दिखना, सांस फूलना, सीने में दर्द या भारीपन, कानों में सीटी बजना आदि लक्षण होते हैं। हाइपरटेंशन से बचने के लिए लोगों को अपनी आदत, खानपान में भी बदलाव करना होगा। उन्होंने बताया कि झांसी मंडल में हर छठवां व्यक्ति इसकी चपेट में है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि रोजाना ओपीडी में 25 फीसदी मरीज तो हाइपरटेंशन का ही इलाज कराने के लिए आते हैं। अनियंत्रित ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक या हार्ट फेल्योर का खतरा हो सकता है। स्ट्रोक, आंखों की रोशनी पर प्रभाव और हाथ-पैरों की नसों में ब्लॉकेज हो सकता है। जिन महिलाओं का गर्भावस्था में ब्लड प्रेशर बढ़ा रहा हो, उन्हें भी नियमित जांच करानी चाहिए।
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ये हैं एनएफएचएस-5 के आंकड़े
जनपद महिला रोगी पुरुष रोगी
झांसी 15.7 17.3
जालौन 16.8 20.0
ललितपुर 17.2 17.9
(नोट: बीपी के मरीजों के आंकड़े प्रतिशत में।)
बीमारी से ऐसे बच सकते
...............................
- नियमित व्यायाम करें
- वजन संतुलित रखें
- खाने में नमक कम खाएं
- शराब, धूम्रपान का सेवन न करें
- तनाव न लें, पूरी नींद जरूरी है