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Jhansi News: तीन दिन बाद भी विवाहिता की मौत पर पुलिस खामोश, बरामद सुसाइड नोट की शुरू नहीं हुई छानबीन
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। गरौठा के बरारू गांव में विवाहिता के आत्महत्या करने के तीन दिन बाद भी पुलिस खामोश है। विवाहिता का एक सुसाइड नोट भी सामने आया था। इसमें सुसाइड की वजह लिखी थी। इसके बावजूद पुलिस ने किसी भी पक्ष से पूछताछ नहीं की। विवाहिता के परिजनों ने भी अभी तक थाने में किसी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी है। सभी पक्षों ने रहस्यमयी चुप्पी साध रखी है।
बरारू गांव निवासी जयंती ने 21 जुलाई की सुबह पांच बजे जहर निगल लिया था। अचेत हाल में परिजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां उसकी मौत हो गई। उसकी मौत के बाद सुसाइड नोट सामने आया था। यह सुसाइड नोट पुलिस के पास है। बेहद टूटी-फूटी हिंदी में लिखे इस सुसाइड नोट में विवाहिता ने लिखा कि जो गुनाह मैंने नहीं किया, वह आरोप मेरे ऊपर लगा। मेेरे पति नहीं थे, इस वजह से उस पर ताने मारे गए। इन लोगों को नहीं छोड़ना। मेरी मौत का कारण यही लोग है। उसकी मौत के बाद विवाहिता के सुसराल जनों ने पड़ोसियों पर अमर्यादित आरोप लगाने की बात कही। इससे ही जयंती दुखी थी। जयंती का पति फरीदाबाद में प्राइवेट काम करता है। उसकी मौत के बाद वह भी घर लौट आया।
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पुलिस अफसरों का कहना था कि जयंती सिर्फ पांचवीं पास थी। ऐसे में सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग मिलाई जाएगी। तीन दिन बाद भी यह कवायद शुरू नहीं हुई। थाना प्रभारी बलिराज शाही ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि अभी तक उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली है। इस वजह से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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