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चार दिन बाद भी अंधेरे में तीर चला रही पुलिस
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झांसी। प्रेमनगर इलाके में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर मामले में चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई अहम सुराग नहीं आया है। पुलिस अंधेरे में ही तीर चला रही है। पुलिस को हत्याकांड के पीछे पैसों के लेनदेन अथवा जमीनी विवाद की आशंका थी लेकिन, अभी तक वह पैसों के लेनदेन संबंधी रिकॉर्ड भी नहीं खंगाल सकी है। मामले के खुलासे के लिए पुलिस डेढ़ दर्जन लोगों को उठा चुकी लेकिन, उनसे भी वह कोई महत्वपूर्ण बात नहीं उगलवा सकी।
प्रेमनगर के सिद्घ की टोरिया इलाके में 30 सितंबर की सुबह बलवीर यादव उर्फ चुन्ना एवं उसकी पत्नी अंजू का रक्तरंजित शव बिस्तर पर मिला था। दोहरे हत्याकांड से शहर में सनसनी फैल गई। हत्याकांड के दौरान घर में कोई लूटपाट नहीं हुई। अंजू के शरीर पर न सिर्फ सभी गहने मिले बल्कि कमरे के भीतर रखी नकदी भी सुरक्षित मिली। ऐसे में पुलिस को आशंका थी कि हत्याकांड के पीछे संपति विवाद अथवा पैसों का लेनदेन वजह हो सकती है। सबसे पहले इसी दिशा में पुलिस ने काम शुरू किया लेकिन, सबसे बड़ी परेशानी यह सामने आई कि चुन्ना बहुत अधिक पढ़ा-लिखा नहीं था। लिहाजा उसके पास से पैसों के लेनदेन संबंधी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। पत्नी अंजू की भी मौत हो जाने से इसके बारे में दूसरा कोई बता नहीं पा रहा है। वहीं, चुन्ना के साथ पैसों का लेनदेन रखने वाला कोई व्यक्ति भी सामने नहीं आया। हत्याकांड के पीछे किसी करीबी के होने की आशंका के चलते पुलिस ने कई बार घर के अंदर आने-जाने के रास्ते की भी पड़ताल की। संभावना जताई जा रही कि छत के रास्ते से आने के बाद हत्यारे सीधे कमरे के अंदर गए। वारदात को अंजाम देने के बाद वह सामने के दरवाजे की कुंडी खोलकर बाहर निकल गए। इसी वजह से भोर में दरवाजा खुला मिला लेकिन, इससे यह मालूम नहीं चल रहा कि हत्यारे घर से परिचित थे अथवा नहीं। सीओ सदर अरुण चौरसिया का कहना है कि सभी टीमें लगाई गई हैं। इसके सभी बिंदुओं पर पड़ताल चल रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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प्रेमनगर के सिद्घ की टोरिया इलाके में 30 सितंबर की सुबह बलवीर यादव उर्फ चुन्ना एवं उसकी पत्नी अंजू का रक्तरंजित शव बिस्तर पर मिला था। दोहरे हत्याकांड से शहर में सनसनी फैल गई। हत्याकांड के दौरान घर में कोई लूटपाट नहीं हुई। अंजू के शरीर पर न सिर्फ सभी गहने मिले बल्कि कमरे के भीतर रखी नकदी भी सुरक्षित मिली। ऐसे में पुलिस को आशंका थी कि हत्याकांड के पीछे संपति विवाद अथवा पैसों का लेनदेन वजह हो सकती है। सबसे पहले इसी दिशा में पुलिस ने काम शुरू किया लेकिन, सबसे बड़ी परेशानी यह सामने आई कि चुन्ना बहुत अधिक पढ़ा-लिखा नहीं था। लिहाजा उसके पास से पैसों के लेनदेन संबंधी कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। पत्नी अंजू की भी मौत हो जाने से इसके बारे में दूसरा कोई बता नहीं पा रहा है। वहीं, चुन्ना के साथ पैसों का लेनदेन रखने वाला कोई व्यक्ति भी सामने नहीं आया। हत्याकांड के पीछे किसी करीबी के होने की आशंका के चलते पुलिस ने कई बार घर के अंदर आने-जाने के रास्ते की भी पड़ताल की। संभावना जताई जा रही कि छत के रास्ते से आने के बाद हत्यारे सीधे कमरे के अंदर गए। वारदात को अंजाम देने के बाद वह सामने के दरवाजे की कुंडी खोलकर बाहर निकल गए। इसी वजह से भोर में दरवाजा खुला मिला लेकिन, इससे यह मालूम नहीं चल रहा कि हत्यारे घर से परिचित थे अथवा नहीं। सीओ सदर अरुण चौरसिया का कहना है कि सभी टीमें लगाई गई हैं। इसके सभी बिंदुओं पर पड़ताल चल रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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