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Jhansi News: आठ साल से अधूरा एरच बांध, लागत 600 से बढ़कर 1800 करोड़ पहुंची

Sat, 20 Jun 2026 02:46 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Sat, 20 Jun 2026 02:46 AM IST
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Erach dam is incomplete for eight years, cost has increased from Rs 600 to Rs 1800 crore.
झांसी। एरच के जुझारपुरा गांव में निर्माणाधीन एरच बांध का काम आठ साल बाद भी दोबारा शुरू नहीं हो सका है। झांसी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस बांध परियोजना का काम फिर से शुरू कराने का एलान कर चुके हैं। इसके बावजूद अधूरे बांध का निर्माण आगे नहीं बढ़ पाया। लंबे समय से काम बंद होने का असर अब परियोजना की लागत पर भी पड़ा है। 600 करोड़ रुपये की शुरुआती लागत वाली परियोजना अब करीब 1800 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
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एरच बांध परियोजना का काम वर्ष 2015 में शुरू हुआ था। परियोजना के तहत बांध में 62 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी का भंडारण होना था। इसमें 29 एमसीएम पानी पेयजल के लिए और 9.50 एमसीएम सिंचाई के लिए प्रस्तावित था। शेष पानी डिफेंस कॉरिडोर और हर घर जल योजना के लिए सुरक्षित रखा जाना था।
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वर्ष 2018 तक परियोजना के आधे कार्यों पर करीब 401 करोड़ रुपये खर्च भी हो चुके थे, लेकिन वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया। मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई। इसके बाद परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई।
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बुंदेलखंड के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पेयजल संकट और जल जीवन मिशन की जरूरतों को देखते हुए इस परियोजना को दोबारा शुरू करने की कवायद शुरू हुई। वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान अधूरे काम को फिर से शुरू कराने के संकेत दिए थे। इसके बाद सिंचाई विभाग ने भी प्रक्रिया तेज की, लेकिन अभी तक शासन स्तर पर मामला लंबित है।मुख्य अभियंता राजेश मिश्रा ने बताया कि बांध परियोजना को दोबारा शुरू करने के लिए शासन स्तर पर कार्रवाई चल रही है।


लेटलतीफी से तीन गुना बढ़ी लागत
एरच बांध की शुरुआती लागत करीब 600 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 1800 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। कुछ समय पहले परियोजना की लागत का पुनरीक्षण किया गया था। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2020 के आधार पर लागत का आकलन किया गया। निर्माण सामग्री के दामों में वृद्धि और जीएसटी को शामिल करने के बाद संशोधित लागत तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि काम में और देरी होने पर लागत में और इजाफा हो सकता है।
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