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अतिक्रमण हटे, जाम से मिले निजात..तभी तो अपना शहर होगा स्मार्ट
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झांसी। बाजारों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। पार्किंग की मुकम्मल व्यवस्था हो। ट्रैफिक व्यवस्था सुधरे। अपने शहर को साफ सुथरा रखने के लिए लोग खुद से जागरूक हों। तभी तो हमारा महानगर स्मार्ट होगा। बृहस्पतिवार को अमर उजाला द्वारा आयोजित संवाद में पार्षदों ने कहा कि कई वार्ड ऐसे हैं जहां नगर निगम की जमीन ही नहीं है। ऐसे में अगर कोई पार्क, स्कूल या आंगनबाड़ी केंद्र बनवाना हो तो कहां बनवाएं। निगम प्रशासन को चाहिए कि जमीन उपलब्ध कराए। पार्षदों का सुझाव था कि स्मार्ट सिटी मिशन की परामर्शदायी कमेटी में जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।
- महानगर में स्थायी पार्किंग एवं अतिक्रमण की दो सबसे बड़ी समस्याएं हैं। जिन सड़कों पर डिवाइडर हैं, वहां अतिक्रमण नहीं है। आतियां ताल के पास सरकारी जमीन पर स्क्रैप पड़ा है। निगम के पास जमीन न होने से कई योजनाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं।
जुगल किशोर, कार्यकारिणी सदस्य
सरकारी जमीन न होने बड़ागांव एवं नारायण बाग में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं बन पे रहे हैं। नगर निगम को जमीन का इंतजाम करना चाहिए। इस संबंध में कई दफा अफसरों से भी मिल चुके हैं लेकिन नतीजा सिफर ही है।
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किशोरी रायकवार
मौलिक अधिकारों के साथ ही मौलिक कर्तव्यों का भी ध्यान रखना होगा। डोर-टू-डोर कूड़ा उठान जिन इलाकों में हो रहा है वहां भी कचरा दोपहर को सड़क पर फेंका जा रहा है। अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए।
दिनेश प्रताप सिंह उर्फ बंटी राजा
महानगर में सरकारी स्कूलों की जरूरत है। अवैध कब्जे खाली करके पार्क बनवाए गए। इनका इस्तेमाल शुरू हो गया है। इसी तरह दूसरे पार्क भी तैयार कराए जाने की आवश्यक्ता है। सभी पार्कों में ओपन जिम भी लगाए जाएं। इससे महिलाओं को काफी फायदा होता है।
सुशीला दुबे
सबसे बड़ी समस्या अतिक्रमण की है। इसे खत्म करने की जरूरत सभी महसूस करते हैं लेकिन, संबंधित विभागों के पास इच्छाशक्ति की कमी है। इस वजह से यह काम नहीं हो पाता। राजकीय इंटर कॉलेज अगर पार्क बनाने की जगह दे तब बड़ी आबादी को हरा-भरा पार्क मिल सकता है।
दिनेश सिंह उर्फ दीपू, कार्यकारिणी सदस्य
सस्ते इलाज के लिए बनाए जा रहे आयुष्मान कॉर्ड जरूरत मंदों के बजाए करोड़पतियों के बनाए गए। इसकी जांच कराई जानी चाहिए। पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो सकी। जो इलाके आवासीय हैं वहां धड़ल्ले से व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं।
महेश गौतम, कार्यकारिणी सदस्य
ऐतिहासिक गेट एवं परकोटा की ओर ध्यान न देने से वह नष्ट हो रहा है जबकि यह झांसी की पहचान है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में इसे शामिल किया जाना चाहिए। ऐतिहासिक खिड़कियां भी बदहाल हो गईं।
अमन राय उर्फ लकी
अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या है। पुराने शहर में शाम के समय वाहन ले जाना मुश्किल है। अतिक्रमण खत्म करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए। कोतवाली के सामने स्थित लक्ष्मीबाई कन्या पाठशाला पूरी तरह जर्जर हो चुका। फिर भी यहां बच्चों को पढ़ाया जा रहा।
बंटी सोनी, कार्यकारिणी पार्षद
स्मार्ट सिटी मिशन की परामर्शदायी कमेटी में जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। नगर निगम ऐसे प्रोजेक्ट तैयार करे जिसमें पाइप लाइन, ड्रेनेज, अंडर ग्राउंड केबल समेत अन्य की व्यवस्था हो। इससे सड़कों की बार-बार होने वाली खोदाई से बचा सकेगा। उमाशंकर राय
झांसी को जोड़ने वाली सभी सड़कें बेहतरीन हैं। सात विद्यालय बनने के बाद सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल जाएगी। अतिक्रमण खत्म करने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर एवं बस अड्डा को यहां से हटाने की जरूरत है।
सुनील नैनवानी, उपसभापति
स्मार्ट सिटी मिशन के कार्यों में सभी विभागों के साथ तालमेल नहीं है। इस वजह से जितना पैसा खर्च हुआ, उतना जमीन पर नजर नहीं आया। आगे का शहर कैसा हो इसके लिए विजन डॉक्यूमेंट बनाए जाने की जरुरत है।
मनु सिंह
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- महानगर में स्थायी पार्किंग एवं अतिक्रमण की दो सबसे बड़ी समस्याएं हैं। जिन सड़कों पर डिवाइडर हैं, वहां अतिक्रमण नहीं है। आतियां ताल के पास सरकारी जमीन पर स्क्रैप पड़ा है। निगम के पास जमीन न होने से कई योजनाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं।
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जुगल किशोर, कार्यकारिणी सदस्य
सरकारी जमीन न होने बड़ागांव एवं नारायण बाग में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं बन पे रहे हैं। नगर निगम को जमीन का इंतजाम करना चाहिए। इस संबंध में कई दफा अफसरों से भी मिल चुके हैं लेकिन नतीजा सिफर ही है।
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किशोरी रायकवार
मौलिक अधिकारों के साथ ही मौलिक कर्तव्यों का भी ध्यान रखना होगा। डोर-टू-डोर कूड़ा उठान जिन इलाकों में हो रहा है वहां भी कचरा दोपहर को सड़क पर फेंका जा रहा है। अवैध कब्जों को तत्काल हटाया जाए।
दिनेश प्रताप सिंह उर्फ बंटी राजा
महानगर में सरकारी स्कूलों की जरूरत है। अवैध कब्जे खाली करके पार्क बनवाए गए। इनका इस्तेमाल शुरू हो गया है। इसी तरह दूसरे पार्क भी तैयार कराए जाने की आवश्यक्ता है। सभी पार्कों में ओपन जिम भी लगाए जाएं। इससे महिलाओं को काफी फायदा होता है।
सुशीला दुबे
सबसे बड़ी समस्या अतिक्रमण की है। इसे खत्म करने की जरूरत सभी महसूस करते हैं लेकिन, संबंधित विभागों के पास इच्छाशक्ति की कमी है। इस वजह से यह काम नहीं हो पाता। राजकीय इंटर कॉलेज अगर पार्क बनाने की जगह दे तब बड़ी आबादी को हरा-भरा पार्क मिल सकता है।
दिनेश सिंह उर्फ दीपू, कार्यकारिणी सदस्य
सस्ते इलाज के लिए बनाए जा रहे आयुष्मान कॉर्ड जरूरत मंदों के बजाए करोड़पतियों के बनाए गए। इसकी जांच कराई जानी चाहिए। पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो सकी। जो इलाके आवासीय हैं वहां धड़ल्ले से व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं।
महेश गौतम, कार्यकारिणी सदस्य
ऐतिहासिक गेट एवं परकोटा की ओर ध्यान न देने से वह नष्ट हो रहा है जबकि यह झांसी की पहचान है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में इसे शामिल किया जाना चाहिए। ऐतिहासिक खिड़कियां भी बदहाल हो गईं।
अमन राय उर्फ लकी
अतिक्रमण सबसे बड़ी समस्या है। पुराने शहर में शाम के समय वाहन ले जाना मुश्किल है। अतिक्रमण खत्म करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए। कोतवाली के सामने स्थित लक्ष्मीबाई कन्या पाठशाला पूरी तरह जर्जर हो चुका। फिर भी यहां बच्चों को पढ़ाया जा रहा।
बंटी सोनी, कार्यकारिणी पार्षद
स्मार्ट सिटी मिशन की परामर्शदायी कमेटी में जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। नगर निगम ऐसे प्रोजेक्ट तैयार करे जिसमें पाइप लाइन, ड्रेनेज, अंडर ग्राउंड केबल समेत अन्य की व्यवस्था हो। इससे सड़कों की बार-बार होने वाली खोदाई से बचा सकेगा। उमाशंकर राय
झांसी को जोड़ने वाली सभी सड़कें बेहतरीन हैं। सात विद्यालय बनने के बाद सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल जाएगी। अतिक्रमण खत्म करने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर एवं बस अड्डा को यहां से हटाने की जरूरत है।
सुनील नैनवानी, उपसभापति
स्मार्ट सिटी मिशन के कार्यों में सभी विभागों के साथ तालमेल नहीं है। इस वजह से जितना पैसा खर्च हुआ, उतना जमीन पर नजर नहीं आया। आगे का शहर कैसा हो इसके लिए विजन डॉक्यूमेंट बनाए जाने की जरुरत है।
मनु सिंह