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Jhansi News: ग्यारह विद्यालय ड्राई जोन में, गर्मियों में बढ़ जाता है पेयजल का संकट
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ललितपुर। भीषण गर्मी में जनपद के ग्यारह विद्यालयों में पेयजल संकट बना हुआ है और यहां अध्ययनरत छात्रों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। इसका कारण है इन विद्यालयों में कई बार बोरिंग कराने के बाद पानी न निकलने पर इन्हें ड्राई जोन घोषित कर दिया गया।
जनपद में 1357 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालयों को निजी कान्वेंट की तर्ज पर बनाने और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालयों में शौचालय और पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बावजूद इसके जिले के विभिन्न ब्लॉक के अंतर्गत 11 विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इस कारण से इन विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है। खासकर इस भीषण गर्मी के सीजन में यह सभी विद्यालय आसपास लगे हैंडपंप या अन्य पानी के स्रोत पर निर्भर हैं। इन स्रोतों से पानी लाकर विद्यालय में रखे घड़ों को भरवाया जाता है, लेकिन अन्य उपयोग के लिए पानी की परेशानी होती है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इनमें से कुछ विद्यालयों में हैंडपंप लगे हुए हैं लेकिन पानी कम होने से यह गर्मी के दिनों में सूख जाते हैं। जिस कारण से यहां पर संकट आ जाता है। हालांकि इन विद्यालयों में पानी का संकट दूर करने को कई बार बोरिंग कराई, लेकिन पानी नहीं निकला। इस कारण से इन ग्यारह विद्यालयों को ड्राई जोन में रखा गया है। जिला समन्वयक निर्माण जाहर सिंह निरंजन ने बताया कि इन सभी विद्यालयों में पेयजल के लिए कई बार बोरिंग कराई जा चुकी है लेकिन पानी नहीं निकला। अब इन विद्यालयों में नमामि गंगे की हर घर जल नल योजना से कनेक्शन कराए जाने की कवायद शुरू की गई है। जोकि जल्द ही पूरी हो जाएगी और इनमें नल कनेक्शन हो जाएंगे और यहां पानी का संकट दूर हो जाएगा।
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ब्लॉक वार पेयजल संकट वाले विद्यालयों की संख्या
जिले के जिन ग्यारह विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। उनमें ब्लॉक जखौरा अंतर्गत दो, नगर क्षेत्र में एक, ब्लॉक महरौनी क्षेत्र में तीन और ब्लॉक तालबेहट क्षेत्र में पांच ऐसे विद्यालय हैं। जहां पर पानी की व्यवस्था नहीं है और यह ड्राई जोन में है।
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जनपद में 1357 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालयों को निजी कान्वेंट की तर्ज पर बनाने और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन की ओर से तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालयों में शौचालय और पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बावजूद इसके जिले के विभिन्न ब्लॉक के अंतर्गत 11 विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इस कारण से इन विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ता है। खासकर इस भीषण गर्मी के सीजन में यह सभी विद्यालय आसपास लगे हैंडपंप या अन्य पानी के स्रोत पर निर्भर हैं। इन स्रोतों से पानी लाकर विद्यालय में रखे घड़ों को भरवाया जाता है, लेकिन अन्य उपयोग के लिए पानी की परेशानी होती है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इनमें से कुछ विद्यालयों में हैंडपंप लगे हुए हैं लेकिन पानी कम होने से यह गर्मी के दिनों में सूख जाते हैं। जिस कारण से यहां पर संकट आ जाता है। हालांकि इन विद्यालयों में पानी का संकट दूर करने को कई बार बोरिंग कराई, लेकिन पानी नहीं निकला। इस कारण से इन ग्यारह विद्यालयों को ड्राई जोन में रखा गया है। जिला समन्वयक निर्माण जाहर सिंह निरंजन ने बताया कि इन सभी विद्यालयों में पेयजल के लिए कई बार बोरिंग कराई जा चुकी है लेकिन पानी नहीं निकला। अब इन विद्यालयों में नमामि गंगे की हर घर जल नल योजना से कनेक्शन कराए जाने की कवायद शुरू की गई है। जोकि जल्द ही पूरी हो जाएगी और इनमें नल कनेक्शन हो जाएंगे और यहां पानी का संकट दूर हो जाएगा।
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ब्लॉक वार पेयजल संकट वाले विद्यालयों की संख्या
जिले के जिन ग्यारह विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। उनमें ब्लॉक जखौरा अंतर्गत दो, नगर क्षेत्र में एक, ब्लॉक महरौनी क्षेत्र में तीन और ब्लॉक तालबेहट क्षेत्र में पांच ऐसे विद्यालय हैं। जहां पर पानी की व्यवस्था नहीं है और यह ड्राई जोन में है।
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