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बिजली विभाग के अफसरों में धक्का-मुक्की, मारपीट, एक दूसरे को दी देख लेने की धमकी
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झांसी। मंगलवार को हाइडिल कॉलोनी में स्थित बिजली विभाग कार्यालय में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के अधीक्षण अभियंताओं के बीच विवाद हो गया। हालांकि अधिकारी तो कह रहे हैं कि मामूली कहासुनी हुई थी लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दोनों के बीच मारपीट और धक्का मुक्की तक हुई। दोनों ही एक दूसरे को देख लेने की धमकी दे रहे थे। हालांकि विवाद की वजह तो साफ नहीं हो सकी है लेकिन विभाग में जो चर्चा है उसके मुताबिक किसी टेंडर को लेकर टेंशन हुई थी।
बिजली विभाग में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के अधीक्षण अभियंताओं श्रीराम गर्ग और जेपीएन सिंह के कार्यालय आसपास हैं। मंगलवार को इनके कार्यालय के आसपास अचानक हल्ला मच गया। दोनों ही अधिकारी चीख-चीखकर एक दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। हल्ला अधीक्षण अभियंता श्रीराम गर्ग के आफिस में मच रहा था। बताया जाता है कि जेपीएन सिंह यहां किसी काम से आए थे। पहले यहां कुछ फाइलों को लेकर चर्चा हुई थी। लोगों का कहना है कि अचानक दोनों अफसरों के बीच बहस शुरू हो गई। लोगों का कहना है कि घूंसे तक चले थे। हालांकि दोनों ही अफसरों ने ऐसी किसी बात से इंकार किया है। दोनों का कहना है कि मामूली कहासुनी हुई थी।
पहले भी चर्चा में रहे हैं अधिकारी
सूत्रों की मानें तो यह अधिकारी पहले भी इसी तरह के मामलों को लेकर चर्चित रहे हैं। पिछले दिनों सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के हॉस्टल की बिजली काटने को लेकर जिले के एक अधिकारी ने इन्हें आड़े हाथ लिया था। उन्होंने यहां तक चेतावनी दे दी थी कि बिजली विभाग के जितने खंभे लोक निर्माण विभाग की जमीन पर लगे हैं, उन सबका बकाया भी जमा करा लिया जाएगा। अधिकारी के गुस्से को देखने के बाद ही वह शांत हुए थे।
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मैं अपने दफ्तर में बैठा था। उनको यहां नहीं आना चाहिए था। वे आए और अभद्रता करने लगे। इसका मैने भी जवाब दिया।
- श्रीराम गर्ग
अधीक्षण अभियंता
मेरे ऊपर बेवजह उत्तेजित हो गए। मैंने पूरे मामले की जानकारी लिखित तौर पर चीफ इंजीनियर को दे दी है। मेरी कोई गलती नहीं है।
- जेपीएन सिंह, अधीक्षण अभियंता
मामला कुछ नहीं हुआ। दोनों के बीच पहले से कोई विवाद नहीं था। यदि छोटा- मोटा विवाद हो तो मुझे पता नहीं है। जानकारी करूंगा। - मुनेश अग्रवाल, चीफ इंजीनियर।
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बिजली विभाग में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के अधीक्षण अभियंताओं श्रीराम गर्ग और जेपीएन सिंह के कार्यालय आसपास हैं। मंगलवार को इनके कार्यालय के आसपास अचानक हल्ला मच गया। दोनों ही अधिकारी चीख-चीखकर एक दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। हल्ला अधीक्षण अभियंता श्रीराम गर्ग के आफिस में मच रहा था। बताया जाता है कि जेपीएन सिंह यहां किसी काम से आए थे। पहले यहां कुछ फाइलों को लेकर चर्चा हुई थी। लोगों का कहना है कि अचानक दोनों अफसरों के बीच बहस शुरू हो गई। लोगों का कहना है कि घूंसे तक चले थे। हालांकि दोनों ही अफसरों ने ऐसी किसी बात से इंकार किया है। दोनों का कहना है कि मामूली कहासुनी हुई थी।
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पहले भी चर्चा में रहे हैं अधिकारी
सूत्रों की मानें तो यह अधिकारी पहले भी इसी तरह के मामलों को लेकर चर्चित रहे हैं। पिछले दिनों सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के हॉस्टल की बिजली काटने को लेकर जिले के एक अधिकारी ने इन्हें आड़े हाथ लिया था। उन्होंने यहां तक चेतावनी दे दी थी कि बिजली विभाग के जितने खंभे लोक निर्माण विभाग की जमीन पर लगे हैं, उन सबका बकाया भी जमा करा लिया जाएगा। अधिकारी के गुस्से को देखने के बाद ही वह शांत हुए थे।
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मैं अपने दफ्तर में बैठा था। उनको यहां नहीं आना चाहिए था। वे आए और अभद्रता करने लगे। इसका मैने भी जवाब दिया।
- श्रीराम गर्ग
अधीक्षण अभियंता
मेरे ऊपर बेवजह उत्तेजित हो गए। मैंने पूरे मामले की जानकारी लिखित तौर पर चीफ इंजीनियर को दे दी है। मेरी कोई गलती नहीं है।
- जेपीएन सिंह, अधीक्षण अभियंता
मामला कुछ नहीं हुआ। दोनों के बीच पहले से कोई विवाद नहीं था। यदि छोटा- मोटा विवाद हो तो मुझे पता नहीं है। जानकारी करूंगा। - मुनेश अग्रवाल, चीफ इंजीनियर।