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लॉकडाउन का बिजली बिल कारोबारियों को दे रहा झटका
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electricity bill will shock busniessmen
झांसी। लॉकडाउन में अधिकांश कारोबारियों के प्रतिष्ठान चार महीने तक बंद रहने के बाद भी उनको भारी भरकम बिजली का बिल थमाया जा रहा है। उनसे प्रति माह प्रति किलोवाट 650 रुपये के हिसाब से बिल लिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक ड्यूटी, ब्याज और अन्य टैक्स अलग से लगाए जा रहे हैं। बिल को लेकर कारोबारी और अधिकारियों के बीच बहस हो रही है। कारोबारियों को समझाना मुश्किल हो रहा है। इससे विवाद हो रहे हैं।
मिशन कंपाउंड में रहने वाले कारोबारी अनुज अग्रवाल ने 39 किलोवाट का वाणिज्यिक कनेक्शन ले रखा है। लॉकडाउन में उनका प्रतिष्ठान बंद रहा है। प्रतिष्ठान खुलने पर उनको यहां पर बिजली का कनेक्शन काटने के लिए टीम पहुंच गई। बाद में पता लगा कि उनके ऊपर एक लाख से अधिक का बकाया हो गया है। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की लॉकडाउन में उनके मीटर से बिजली का उपभोग हुआ कि नहीं। चार महीने में सिर्फ 50 यूनिट बिजली जली। इसके बाद भी उनको एक लाख से अधिक का बिल क्यों थमाया जा रहा है।
अधिकारी ने उनको नियम बता दिया। लेकिन यही नियम अब विवाद का कारण बन रहा है। दरअसल, महानगर में तीन हजार से अधिक पांच किलोवाट से ऊपर के वाणिज्यिक कनेक्शन हैं। लॉकडाउन में अधिकांश प्रतिष्ठान चार महीने तक बंद रहे। विभाग बिजली का उपयोग न होने के बाद भी उपभोक्ता से 650 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह के हिसाब से वसूल कर रहा है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता (प्रथम) डी यादवेंदु ने बताया कि उपभोक्ताओं से नियम के हिसाब से ही भुगतान लिया जा रहा है।
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मिशन कंपाउंड में रहने वाले कारोबारी अनुज अग्रवाल ने 39 किलोवाट का वाणिज्यिक कनेक्शन ले रखा है। लॉकडाउन में उनका प्रतिष्ठान बंद रहा है। प्रतिष्ठान खुलने पर उनको यहां पर बिजली का कनेक्शन काटने के लिए टीम पहुंच गई। बाद में पता लगा कि उनके ऊपर एक लाख से अधिक का बकाया हो गया है। उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की लॉकडाउन में उनके मीटर से बिजली का उपभोग हुआ कि नहीं। चार महीने में सिर्फ 50 यूनिट बिजली जली। इसके बाद भी उनको एक लाख से अधिक का बिल क्यों थमाया जा रहा है।
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अधिकारी ने उनको नियम बता दिया। लेकिन यही नियम अब विवाद का कारण बन रहा है। दरअसल, महानगर में तीन हजार से अधिक पांच किलोवाट से ऊपर के वाणिज्यिक कनेक्शन हैं। लॉकडाउन में अधिकांश प्रतिष्ठान चार महीने तक बंद रहे। विभाग बिजली का उपयोग न होने के बाद भी उपभोक्ता से 650 रुपये प्रति किलोवाट प्रति माह के हिसाब से वसूल कर रहा है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता (प्रथम) डी यादवेंदु ने बताया कि उपभोक्ताओं से नियम के हिसाब से ही भुगतान लिया जा रहा है।
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