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एक स्पेशल ट्रेन फायदे में और तीन नुकसान में चलीं
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train sanchalan in jhansi
एक स्पेशल ट्रेन फायदे में और तीन नुकसान में चलीं
झांसी। त्योहार पर रेलवे के लिए झांसी से पुणे तक स्पेशल ट्रेन चलाना फायदे का सौदा साबित हुआ। इस ट्रेन में रेलवे को सौ फीसदी ट्रैफिक (यात्री) मिला। कम वक्त में सभी सीटें भर गईं। इससे रेलवे को 5,41,805 रुपये का राजस्व मिला। हालांकि, तीन अन्य ट्रेनों को मुसाफिर नहीं मिल सके, जिससे रेलवे को नुकसान हुआ।
रेल प्रशासन ने इस बार त्योहार पर झांसी से पुणे के लिए 30 अक्तूबर, झांसी से जम्मूतवी के लिए 25 अक्तूबर , झांसी से बांद्रा के लिए 24 अक्तूबर व ग्वालियर से इलाहाबाद के लिए 26 अक्तूबर को स्पेशल ट्रेन (एक फेरा) का संचालन किया था। आखिरी वक्त में इन ट्रेनों के संचालन की घोषणा होने से अधिक यात्री लाभ नहीं ले सके। मगर, झांसी से पुणे जाने वाली ट्रेन ने अपना लक्ष्य पूरा कर लिया। इस ट्रेन के एसी सेकेंड, एसी थर्ड व स्लीपर कोचों में कुल 460 बर्थ थीं, जो वक्त रहते भर गईं। इस ट्रेन के एसी सेकेंड कोच का किराया 2490 रुपये, एसी थर्ड कोच का 1805 रुपये व स्लीपर कोच का 690 रुपये था।
हालांकि, झांसी से जम्मूतवी को 38 प्रतिशत, झांसी से बांद्रा को 22 प्रतिशत और ग्वालियर से इलाहाबाद के लिए चलाई गई स्पेशल ट्रेन को 29 फीसदी ही मुसाफिर मिल सके।
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झांसी। त्योहार पर रेलवे के लिए झांसी से पुणे तक स्पेशल ट्रेन चलाना फायदे का सौदा साबित हुआ। इस ट्रेन में रेलवे को सौ फीसदी ट्रैफिक (यात्री) मिला। कम वक्त में सभी सीटें भर गईं। इससे रेलवे को 5,41,805 रुपये का राजस्व मिला। हालांकि, तीन अन्य ट्रेनों को मुसाफिर नहीं मिल सके, जिससे रेलवे को नुकसान हुआ।
रेल प्रशासन ने इस बार त्योहार पर झांसी से पुणे के लिए 30 अक्तूबर, झांसी से जम्मूतवी के लिए 25 अक्तूबर , झांसी से बांद्रा के लिए 24 अक्तूबर व ग्वालियर से इलाहाबाद के लिए 26 अक्तूबर को स्पेशल ट्रेन (एक फेरा) का संचालन किया था। आखिरी वक्त में इन ट्रेनों के संचालन की घोषणा होने से अधिक यात्री लाभ नहीं ले सके। मगर, झांसी से पुणे जाने वाली ट्रेन ने अपना लक्ष्य पूरा कर लिया। इस ट्रेन के एसी सेकेंड, एसी थर्ड व स्लीपर कोचों में कुल 460 बर्थ थीं, जो वक्त रहते भर गईं। इस ट्रेन के एसी सेकेंड कोच का किराया 2490 रुपये, एसी थर्ड कोच का 1805 रुपये व स्लीपर कोच का 690 रुपये था।
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हालांकि, झांसी से जम्मूतवी को 38 प्रतिशत, झांसी से बांद्रा को 22 प्रतिशत और ग्वालियर से इलाहाबाद के लिए चलाई गई स्पेशल ट्रेन को 29 फीसदी ही मुसाफिर मिल सके।
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