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मेडिकल कॉलेज में जल्द रोज होगी ईको और एंजियोग्राफी भी
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जल्द ही रोज ईको जांच की सुविधा मिलेगी। एंजियोग्राफी की भी शुरूआत हो जाएगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती करने का फैसला लिया है। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर सुबह और शाम को होने वाली जांच का समय भी लिखा जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं के खिलाफ अमर उजाला द्वारा छेड़े गए अभियान का असर हुआ है। मेडिकल कॉलेज में अभी सप्ताह में एक या फिर दो ही दिन ईको की जांच होती है। जबकि, रोजाना मेडिसिन, सर्जरी, गायनी विभाग 30 से 40 मरीजों को ईको जांच कराने के लिए पर्चे पर लिखकर देता है। बाहर ये जांच 1200 से 1500 रुपये की होती है। ऐसे में ये जांच रोजाना होना जरूरी है, क्योंकि हर किसी के बस में इतनी महंगी जांच कराना नहीं होता है। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में कैथ लैब बंद पड़ी हुई है। कोरोना के मरीजों का इलाज इसी बिल्डिंग में चलने के कारण ह्रदय मरीजों को इसकी सुविधा नहीं मिल पाई। अब कोरोना के केस कम हुए तो हार्ट स्पेशिलिस्ट न होने से इसे चलाने वाला कोई नहीं है। इन समस्याओं को जब अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती का फैसला किया है। ह्रदय रोग विशेषज्ञ आने से मेडिकल कॉलेज में रोज न सिर्फ ईको की जांच हो पाएगी, बल्कि एंजियोग्राफी भी शुरू होगी। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाद जांच का समय भी लिखा जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में संविदा पर कॉर्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला जा रहा है। जल्द ही यहां पर ह्रदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो जाएगी। इसके बाद रोज ईको की जांच होगी। एंजियोग्राफी भी शुरू होगी। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर जांच का समय लिखा जाएगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं के खिलाफ अमर उजाला द्वारा छेड़े गए अभियान का असर हुआ है। मेडिकल कॉलेज में अभी सप्ताह में एक या फिर दो ही दिन ईको की जांच होती है। जबकि, रोजाना मेडिसिन, सर्जरी, गायनी विभाग 30 से 40 मरीजों को ईको जांच कराने के लिए पर्चे पर लिखकर देता है। बाहर ये जांच 1200 से 1500 रुपये की होती है। ऐसे में ये जांच रोजाना होना जरूरी है, क्योंकि हर किसी के बस में इतनी महंगी जांच कराना नहीं होता है। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में कैथ लैब बंद पड़ी हुई है। कोरोना के मरीजों का इलाज इसी बिल्डिंग में चलने के कारण ह्रदय मरीजों को इसकी सुविधा नहीं मिल पाई। अब कोरोना के केस कम हुए तो हार्ट स्पेशिलिस्ट न होने से इसे चलाने वाला कोई नहीं है। इन समस्याओं को जब अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती का फैसला किया है। ह्रदय रोग विशेषज्ञ आने से मेडिकल कॉलेज में रोज न सिर्फ ईको की जांच हो पाएगी, बल्कि एंजियोग्राफी भी शुरू होगी। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाद जांच का समय भी लिखा जाएगा।
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मेडिकल कॉलेज में संविदा पर कॉर्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला जा रहा है। जल्द ही यहां पर ह्रदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो जाएगी। इसके बाद रोज ईको की जांच होगी। एंजियोग्राफी भी शुरू होगी। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर जांच का समय लिखा जाएगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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