{"_id":"5d926d878ebc3e0147579ff2","slug":"e-challan-mistake-jhansi-news-jhs1492941171","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाड़ी किसी की और चालान भेजा दूसरे के नाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाड़ी किसी की और चालान भेजा दूसरे के नाम
विज्ञापन
e challan mistake
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाड़ी किसी की और चालान भेजा दूसरे के नाम
झांसी। ई - चालान में गड़बड़ी के कई मामले सामने आ रहे हैं। इसी बीच ताजा मामला सामने आया है। जहां मेडिकल कॉलेज के एक चिकित्सक यातायात पुलिस की गड़बड़ी का शिकार हुए हैं। उनके नाम से दो हजार रुपये का चालान भेज दिया गया, जबकि न तो वह गाड़ी उनकी है और न ही उस पर अंकित नंबर। यह देखकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी वार्ता की, लेकिन हल नहीं निकल सका। परेशान होकर वह चक्कर लगा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में तैनात चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार पांडेय 15 व 16 जून की रात दिल्ली गए थे। 23 जून की सुबह वह दिल्ली से रवाना होकर शाम को झांसी पहुंचे। दो दिन पहले उनके पास एक लिंक आया, उसको खोलकर उनके मित्र ने देखा तो पता चला कि उनके पास से दो हजार रुपये का चालान आया है, पता चला कि यमुना एक्सप्रेसवे के एक स्थान पर ओवरस्पीड का दो हजार र्का ई - चालान यातायात पुलिस ने ठोका है। बाकायदा ई-चालान कर उसे मोबाइल पर लिंक व मेल के जरिए भेजा गया। उन्होंने यहां के यातायात पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली, लेकिन मामला यमुना एक्सप्रेसवे का होने के कारण उनकी मदद नहीं हो सकी। अब वह परेशान होकर छुटकारा पाने में लगे हुए हैं। चिकित्सक डॉ. पांडेय ने बताया कि वह 23 जून की सुबह दिल्ली से चले थे औैर शाम को झांसी आ गए थे। लेकिन, जिस चालान में गाड़ी व नंबर दर्शाया जा रहा है, न तो उनकी गाड़ी और न ही उनकी कार का नंबर है। ऐसे में यातायात की गड़बड़ी के चलते वह परेशान हैं। इस मामले में सीओ यातायात ठाकुरदीन पाल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है और जहां से ई-चालान हुआ है, वहां की यातायात पुलिस ही मामले का निपटारा करेगी।
विज्ञापन
झांसी। ई - चालान में गड़बड़ी के कई मामले सामने आ रहे हैं। इसी बीच ताजा मामला सामने आया है। जहां मेडिकल कॉलेज के एक चिकित्सक यातायात पुलिस की गड़बड़ी का शिकार हुए हैं। उनके नाम से दो हजार रुपये का चालान भेज दिया गया, जबकि न तो वह गाड़ी उनकी है और न ही उस पर अंकित नंबर। यह देखकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी वार्ता की, लेकिन हल नहीं निकल सका। परेशान होकर वह चक्कर लगा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज में तैनात चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार पांडेय 15 व 16 जून की रात दिल्ली गए थे। 23 जून की सुबह वह दिल्ली से रवाना होकर शाम को झांसी पहुंचे। दो दिन पहले उनके पास एक लिंक आया, उसको खोलकर उनके मित्र ने देखा तो पता चला कि उनके पास से दो हजार रुपये का चालान आया है, पता चला कि यमुना एक्सप्रेसवे के एक स्थान पर ओवरस्पीड का दो हजार र्का ई - चालान यातायात पुलिस ने ठोका है। बाकायदा ई-चालान कर उसे मोबाइल पर लिंक व मेल के जरिए भेजा गया। उन्होंने यहां के यातायात पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली, लेकिन मामला यमुना एक्सप्रेसवे का होने के कारण उनकी मदद नहीं हो सकी। अब वह परेशान होकर छुटकारा पाने में लगे हुए हैं। चिकित्सक डॉ. पांडेय ने बताया कि वह 23 जून की सुबह दिल्ली से चले थे औैर शाम को झांसी आ गए थे। लेकिन, जिस चालान में गाड़ी व नंबर दर्शाया जा रहा है, न तो उनकी गाड़ी और न ही उनकी कार का नंबर है। ऐसे में यातायात की गड़बड़ी के चलते वह परेशान हैं। इस मामले में सीओ यातायात ठाकुरदीन पाल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है और जहां से ई-चालान हुआ है, वहां की यातायात पुलिस ही मामले का निपटारा करेगी।
विज्ञापन