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कोरोना से कराहे रेस्टोरेंट, इक्का- दुक्का ग्राहक पहुंच रहे खाने के लिए

Tue, 08 Sep 2020 12:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 08 Sep 2020 12:27 AM IST
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During corona restorant bad condition
During corona restorant bad condition
झांसी। कोरोना वायरस ने होटल उद्योग के साथ- साथ रेस्टोरेंटों पर भी खासा असर डाला है। कभी ग्राहकों से गुलजार रहने वाले रेस्टोरेंटों में अब इक्का-दुक्का लोग ही खाना खाने के लिए आ रहे हैं। हालत ये है कि ज्यादातर रेस्टोरेंट आय तो दूर बमुश्किल अपना खर्चा निकाल पा रहे हैं। इस कारण कइयों ने अपने यहां 50 फीसदी कर्मचारियों की भी कमी कर दी है। काम के हिसाब से ही कर्मचारी रखे हैं।
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पर्यटन नगरी होने की वजह से झांसी में देश-विदेश के लोगों का आना-जाना लगा रहता है। प्रदेश के ही विभिन्न जिलों के लोग झांसी घूमने के लिए आते हैं। वहीं, बाहर के खाने का चलन भी काफी बढ़ा है, ऐसे में पर्यटक और क्षेत्रीय लोगों की भीड़ से शहर के रेस्टोरेंट गुलजार रहते थे। कोरोना वायरस के चलते यह व्यवसाय एकदम से पटरी से उतर गया। पहले लॉकडाउन के चलते रेस्टोरेंट के शटर पूरी तरह गिरे रहे। अब जब अनलॉक में देश ने पटरी पर लौटना शुरू किया है, तब भी रेस्टोरेंट का व्यवसाय बेहद सुस्त गति से चल रहा है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि बाहरी लोगों का आवागमन बहुत ही कम हो गया है। ऐसे में दूसरे शहरों, राज्यों के ग्राहकों से होने वाली आय शून्य है। वहीं, क्षेत्रीय लोग भी बाहर का खाने से बच रहे हैं। इस कारण व्यवसाय 80 से 85 फीसदी तक प्रभावित हो गया है। ऐसे में मजबूरी में खर्चे कम करने के लिए जरूरत के ही कर्मचारी को रखा गया है। बताया गया कि रेस्टोरेंट पर काम करने वाले लगभग 50 फीसदी कर्मचारियों को इन दिनों घर पर ही बैठना पड़ा है।
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ऑनलाइन बुकिंग से कुछ सहारा
कोविड की वजह से लोग भले ही रेस्टोरेंटों पर आकर खाने से बच रहे हैं लेकिन ऑनलाइन बुकिंग से रेस्टोरेंटों को अभी कुछ सहारा जरूर मिला हुआ है। कुछ लोग ऑनलाइन बुकिंग कर जरूर रेस्टोरेंटों से खाना मंगवा रहे हैं। इससे संचालकों को कुछ आय जरूर हो रही है।
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कोरोना वायरस के चलते अब रेस्टोरेंट में 15 प्रतिशत ग्राहक ही आ रहे हैं। सुबह नौ से रात नौ बजे तक रेस्टोरेंट खुलने से व्यवासाय पर असर पड़ा है। रात आठ बजे से डिनर का समय शुरू होता है। अब एक घंटा होने से ग्राहक नहीं आ रहे हैं। पहले कई ग्राहक नौ-साढ़े नौ बजे तक आते थे। वहीं, बिजली का बिल आदि तो लगातार देना पड़ रहा है। ऐसे में आर्थिक मंदी झेल रहे हैं। - अरुण कुमार गुप्ता अन्नू, संचालक, हवेली रेस्टोरेंट।
फूड कोर्ट लॉकडाउन से बंद रहा। कुछ समय पहले खुला है मगर ग्राहक का जबरदस्त टोटा है। पहले रेस्टोरेंट ग्राहकों से भरा रहता था। अब इक्का-दुक्का ग्राहक ही आ रहे हैं। माल बनाकर रख लेते हैं, अक्सर ग्राहक न होने से उसे भी फेंकना पड़ता है। किराया-बिजली मिलाकर हर महीने 25 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। महीने भर में इतनी कमाई बमुश्किल हो पा रही है। - मुकेश सक्सेना, संचालक, न्यू साईं फैमली रेस्टोरेंट।

झांसी पर्यटन नगरी है तो यहां बाहर से आने वाले टूरिस्ट भी रेस्टोरेंटों पर खूब खाना खाते थे। लॉकडाउन के कारण पर्यटन व्यवसाय चौपट हो जाने का सीधा असर रेस्टोरेंटों पर पड़ा है। पहले रात 11 बजे तक रेस्टोरेंट खुलते थे, अब नौ बजे तक का नियम है। इससे व्यवसाय पर काफी असर पड़ा है। बड़ी मुश्किल से खर्चे निकल रहे हैं। पहले कभी व्यवयाय इतना प्रभावित नहीं हुआ। - प्रदीप राय, संचालक, गीता भोजनालय।
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