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Jhansi News: नेटवर्क न होने से शोपीस बने रहते हैं ग्रामीणों के मोबाइल
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मऊरानीपुर विकासखंड की बड़ी ग्राम पंचायतों में से एक स्यावरी के लोग जूझ रहे हैं समस्याओं से
मऊरानीपुर। मऊरानीपुर विकासखंड की बड़ी ग्राम पंचायतों में से एक स्यावरी के लोग कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां तक कि इस ग्राम पंचायत में नेटवर्क न आने की वजह से मोबाइल भी ठीक ढंग से काम नहीं करते हैं। जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डालने के लिए ग्राम पंचायत की सड़कों की खुदाई की गई थी, लेकिन बाद में इन्हें दुरुस्त नहीं किया गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। गांव में सामुदायिक शौचालय तो है, लेकिन गंदगी जमा होने की वजह से लोग उसका उपयोग करने से कतराते हैं।
ग्राम पंचायत स्यावरी को नगर पंचायत बनाने की मांग क्षेत्रीय निवासियों बीच अक्सर उठती रहती है। ग्रामीणों का मानना है कि आबादी और ग्राम पंचायत के क्षेत्रफल के लिहाज से स्यावरी को नगर पंचायत बना दिया जाना चाहिए, जिससे क्षेत्र के विकास को पंख लग सकें। फिलहाल, ग्राम पंचायत के निवासी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। आसपास मोबाइल टावर न होने की वजह से नेटवर्क सही काम नहीं करता है। ऐसे में उन्हें मोबाइल पर बातचीत करने के लिए घर की छत या अन्य ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ जाता है। गांव में बने सामुदायिक शौचालय में तैनात सफाई कर्मी अक्सर अपने काम से कन्नी काटे रहता है, जिससे शौचालय में गंदगी जमा रहती है। जल जीवन मिशन के तहत पानी की पाइपलाइन डाले जाने के बाद भी नलों में टोंटियां न होने की वजह से लोगों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा सड़कों की खुदाई के बाद ठीक ढंग से मरम्मत न किए जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। थोड़ी सी बारिश में सड़कों पर कीचड़ जमा हो जाता है। गांव में बने तालाब के पानी में गंदगी जमा होने की वजह से दुर्गंध आने लगी है, जिससे ग्रामीण तालाब के पानी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा हुआ है।
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एक नजर में...
ग्राम पंचायत का नाम - स्यावरी
ग्राम पंचायत में शामिल मजरे - रोतयाना, ढिमरोरा, कछारन, शिमलापुर, पृथ्वीपुर और राजस्व गांव खानपुरा।
ग्राम पंचायत की कुल आबादी - 18000
ग्राम पंचायतों में मतदाताओं की संख्या- 8200
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समस्याएं...
- गांव के सामुदायिक शौचालय और नालियों की नियमित नहीं होती सफाई।
- तालाब का पानी गंदा होने की वजह से बढ़ा हुआ मच्छरों का प्रकोप।
- ग्राम पंचायत की सड़कें छलनी हैं, आवागमन में होती है परेशानी।
- पृथ्वीपुर पुलिया क्षतिग्रस्त है, जिससे दुर्घटना का रहता है जोखिम।
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बीते चार सालों की उपलब्धियां...
- ग्राम पंचायत में कई सीसी और एपेक्स सड़कों का किया गया निर्माण।
- सचिवालय का निर्माण होने से ग्रामीणों की बढ़ी सहूलियतें।
- गोशाला में बेहतर हुआ गो संरक्षण।
- ग्राम पंचायत में आरसीसी सेंटर की हुई स्थापना।
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फोटो-- -
ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए मुहिम चलाई जाएगी। इसके अलावा गांव के तालाब की खुदाई कराकर उसका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। गांव में विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं।
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- मांडवी देवी, ग्राम प्रधान
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फोटो-- -03MRN_M_6_03062025_168.jpg
सबसे बड़ी समस्या मोबाइल नेटवर्क की है। लोग मोबाइल पर बात भी नहीं कर पाते हैं। टावर लगने से इस समस्या का समाधान हो सकता है। इसके अलावा गांव में पुलिस चौकी की स्थापना भी की जानी चाहिए।
- धीरेंद्र आर्य, पूर्व प्रधान
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फोटो-- -03MRN_M_7_03062025_168.jpg
पहले तालाब बारिश के पानी से भरता था। लोग इसके आसपास बैठते थे, गेहूं धोते थे। लेकिन, अब तालाब नालियों के गंदे पानी से भरता है। पानी में दुर्गंध आने की वजह से वह इस्तेमाल के काबिल नहीं बचा है।
- किशन भारद्वाज
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फोटो-- -03MRN_M_5_03062025_168.jpg
बिजली की बहुत समस्या है। बिजली के तार सही ढंग से कसे न होने की वजह से अक्सर फाल्ट आ जाता है। इसके अलावा सड़कों की दशा भी खराब है। इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाना बेहद जरूरी है।
- मोहनलाल
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गांव में निरंतर विकास कार्य जारी हैं। शौचालय को नियमित न खोलने पर कर्मचारी को नोटिस दिया गया है। गांव की सफाई के लिए दो कर्मचारी तैनात हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायत के विकास से जुड़े कई प्रस्तावों पर काम जारी है।
- रमेश कुमशवाहा, सचिव
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मऊरानीपुर। मऊरानीपुर विकासखंड की बड़ी ग्राम पंचायतों में से एक स्यावरी के लोग कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां तक कि इस ग्राम पंचायत में नेटवर्क न आने की वजह से मोबाइल भी ठीक ढंग से काम नहीं करते हैं। जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डालने के लिए ग्राम पंचायत की सड़कों की खुदाई की गई थी, लेकिन बाद में इन्हें दुरुस्त नहीं किया गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। गांव में सामुदायिक शौचालय तो है, लेकिन गंदगी जमा होने की वजह से लोग उसका उपयोग करने से कतराते हैं।
ग्राम पंचायत स्यावरी को नगर पंचायत बनाने की मांग क्षेत्रीय निवासियों बीच अक्सर उठती रहती है। ग्रामीणों का मानना है कि आबादी और ग्राम पंचायत के क्षेत्रफल के लिहाज से स्यावरी को नगर पंचायत बना दिया जाना चाहिए, जिससे क्षेत्र के विकास को पंख लग सकें। फिलहाल, ग्राम पंचायत के निवासी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। आसपास मोबाइल टावर न होने की वजह से नेटवर्क सही काम नहीं करता है। ऐसे में उन्हें मोबाइल पर बातचीत करने के लिए घर की छत या अन्य ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ जाता है। गांव में बने सामुदायिक शौचालय में तैनात सफाई कर्मी अक्सर अपने काम से कन्नी काटे रहता है, जिससे शौचालय में गंदगी जमा रहती है। जल जीवन मिशन के तहत पानी की पाइपलाइन डाले जाने के बाद भी नलों में टोंटियां न होने की वजह से लोगों को योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा सड़कों की खुदाई के बाद ठीक ढंग से मरम्मत न किए जाने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। थोड़ी सी बारिश में सड़कों पर कीचड़ जमा हो जाता है। गांव में बने तालाब के पानी में गंदगी जमा होने की वजह से दुर्गंध आने लगी है, जिससे ग्रामीण तालाब के पानी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ा हुआ है।
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एक नजर में...
ग्राम पंचायत का नाम - स्यावरी
ग्राम पंचायत में शामिल मजरे - रोतयाना, ढिमरोरा, कछारन, शिमलापुर, पृथ्वीपुर और राजस्व गांव खानपुरा।
ग्राम पंचायत की कुल आबादी - 18000
ग्राम पंचायतों में मतदाताओं की संख्या- 8200
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समस्याएं...
- गांव के सामुदायिक शौचालय और नालियों की नियमित नहीं होती सफाई।
- तालाब का पानी गंदा होने की वजह से बढ़ा हुआ मच्छरों का प्रकोप।
- ग्राम पंचायत की सड़कें छलनी हैं, आवागमन में होती है परेशानी।
- पृथ्वीपुर पुलिया क्षतिग्रस्त है, जिससे दुर्घटना का रहता है जोखिम।
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बीते चार सालों की उपलब्धियां...
- ग्राम पंचायत में कई सीसी और एपेक्स सड़कों का किया गया निर्माण।
- सचिवालय का निर्माण होने से ग्रामीणों की बढ़ी सहूलियतें।
- गोशाला में बेहतर हुआ गो संरक्षण।
- ग्राम पंचायत में आरसीसी सेंटर की हुई स्थापना।
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ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए मुहिम चलाई जाएगी। इसके अलावा गांव के तालाब की खुदाई कराकर उसका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। गांव में विकास कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं।
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- मांडवी देवी, ग्राम प्रधान
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सबसे बड़ी समस्या मोबाइल नेटवर्क की है। लोग मोबाइल पर बात भी नहीं कर पाते हैं। टावर लगने से इस समस्या का समाधान हो सकता है। इसके अलावा गांव में पुलिस चौकी की स्थापना भी की जानी चाहिए।
- धीरेंद्र आर्य, पूर्व प्रधान
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पहले तालाब बारिश के पानी से भरता था। लोग इसके आसपास बैठते थे, गेहूं धोते थे। लेकिन, अब तालाब नालियों के गंदे पानी से भरता है। पानी में दुर्गंध आने की वजह से वह इस्तेमाल के काबिल नहीं बचा है।
- किशन भारद्वाज
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बिजली की बहुत समस्या है। बिजली के तार सही ढंग से कसे न होने की वजह से अक्सर फाल्ट आ जाता है। इसके अलावा सड़कों की दशा भी खराब है। इन व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाना बेहद जरूरी है।
- मोहनलाल
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गांव में निरंतर विकास कार्य जारी हैं। शौचालय को नियमित न खोलने पर कर्मचारी को नोटिस दिया गया है। गांव की सफाई के लिए दो कर्मचारी तैनात हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायत के विकास से जुड़े कई प्रस्तावों पर काम जारी है।
- रमेश कुमशवाहा, सचिव