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डीपीआरओ दफ्तर में चल रही निजी बीमा एजेंसी!
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झांसी। डीपीआरओ दफ्तर में तैनात एक चर्चित बाबू पर पत्नी के नाम से बीमा एजेंसी संचालित करने का आरोप है। इसकी शिकायत तत्कालीन एडीओ ने उपायुक्त, पंचायत से की है। आरोप है पद का दुरुपयोग करते हुए उक्त लिपिक सचिव, ग्राम प्रधान समेत अन्य से बीमा पॉलिसी लेने का दबाव बनाता है। बाद में रकम भी हजम कर जाता है। शिकायत मिलने पर उपायुक्त पंचायत ने मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
कुछ दिनों पहले सेवानिवृत्त हुए सहायक विकास अधिकारी पंचायत वीरेंद्र सहाय त्रिपाठी ने शिकायत में कहाकि डीपीआरओ कार्यालय में तैनात बाबू अपनी कुर्सी की ताकत की बदौलत अपनी पत्नी के नाम से निजी बीमा एजेंसी चला रहा है। उक्त बाबू धौंस देकर सचिव, ग्राम प्रधान, एडीओ आदि को बीमा पॉलिसी लेने को मजबूर करता है। भुक्तभोगी के मुताबिक उनसे भी तीन किस्त में कुल 90 हजार रुपये लिए गए। कई बार मांगने के बाद भी रसीद अथवा बांड उनको नहीं दिए गए।
बाद में उनसे रकम भूल जाने के लिए कहा गया। भुक्तभोगी का आरोप है ऐसे ही कई लोगों से बीमा के लिए रकम वसूली गई। कुछ को बीमा की रसीद दी गई जबकि कई लोगों का पैसा हड़प लिया गया। इसकी शिकायत उन्होंने डीपीआरओ से की लेकिन, जांच नहीं हुई। इसके बाद डीडी पंचायत से इस मामले की शिकायत की गई। उन्होंने डीपीआरओ को जल्द पूरे मामले की जांच करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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कुछ दिनों पहले सेवानिवृत्त हुए सहायक विकास अधिकारी पंचायत वीरेंद्र सहाय त्रिपाठी ने शिकायत में कहाकि डीपीआरओ कार्यालय में तैनात बाबू अपनी कुर्सी की ताकत की बदौलत अपनी पत्नी के नाम से निजी बीमा एजेंसी चला रहा है। उक्त बाबू धौंस देकर सचिव, ग्राम प्रधान, एडीओ आदि को बीमा पॉलिसी लेने को मजबूर करता है। भुक्तभोगी के मुताबिक उनसे भी तीन किस्त में कुल 90 हजार रुपये लिए गए। कई बार मांगने के बाद भी रसीद अथवा बांड उनको नहीं दिए गए।
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बाद में उनसे रकम भूल जाने के लिए कहा गया। भुक्तभोगी का आरोप है ऐसे ही कई लोगों से बीमा के लिए रकम वसूली गई। कुछ को बीमा की रसीद दी गई जबकि कई लोगों का पैसा हड़प लिया गया। इसकी शिकायत उन्होंने डीपीआरओ से की लेकिन, जांच नहीं हुई। इसके बाद डीडी पंचायत से इस मामले की शिकायत की गई। उन्होंने डीपीआरओ को जल्द पूरे मामले की जांच करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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