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88 दिन पहले हुआ दोहरा कत्ल, 69 लोगों से पूछताछ, अभी भी पुलिस के खाली हाथ

Tue, 28 Dec 2021 01:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 28 Dec 2021 01:30 AM IST
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Double murder happened 88 days ago, 69 people interrogated, police still empty handed
झांसी। प्रेमनगर के सिद्घ की टोरिया इलाके में हुए दोहरे हत्याकांड के 88 दिन बीत चुके। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस 69 लोगों से पूछताछ कर चुकी लेकिन, कोई भी सुराग पुलिस के हाथ अब तक नहीं लगा। यह हत्याकांड पुलिस के गले की फांस बन चुका। तेज तर्रार दरोगा भी खुलासा करने में हांफ गए। खुलासा न होने से तत्कालीन इंस्पेक्टर को निलंबित किया जा चुका लेकिन, इसका भी असर दिखाई नहीं पड़ रहा।
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सिद्घ की टोरिया इलाके में 30 सितंबर को एक सनसनीखेज वारदात में अज्ञात बदमाशों ने डेयरी संचालक बलवीर यादव एवं उसकी पत्नी अंजू की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी गई। उसके बाद से हत्यारे पुलिस को चकमा देकर फरार हैं। बलवीर अधिक पढ़ा-लिखा नहीं था। डेयरी से उसकी भरपूर कमाई होती थी। उसके पैतृक घर बल्लमपुर में भी काफी जमीन-जायदाद है। यादव दपंति को कोई संतान नहीं थी। उसके बड़े भाई की कुछ वर्ष पहले हत्या हो चुकी। परिवार में सिर्फ भतीजा हरिओम है। हरिओम का कहना है कि अधिक पढ़ा-लिखा न होने से बलवीर बैंक खाते में भी पैसा नहीं रखता था।
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हत्याकांड के समय घर का बाहरी दरवाजा अंदर से खुला था। आशंका जताई जा रही थी कि हत्यारे सीढ़ी के रास्ते घर में दाखिल हुए और अंदर से बंद दरवाजे को खोलकर बाहर निकल गए लेकिन, पुलिस अभी तक यह भी तलाश नहीं सकी कि वारदात में कुल कितने अपराधी शामिल थे। वारदात स्थल देखने के बाद घटना में दो से अधिक बदमाशों के शामिल होने की आशंका जताई जा रही।
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69 लोगों से की जा चुकी पूछताछ
हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने शुरू में काफी पसीना बहाया लेकिन, उसके हाथ नाकामी ही आई। तीन महीने के भीतर उसने 69 लोगों से अलग-अलग पूछताछ की। इसमें यादव दंपती के पड़ोसी समेत परिजन भी शामिल हैं। लंबी पूछताछ के बाद भी हत्या की वजह साफ नहीं हुई। पुलिस ने उसके भतीजे हरिओम समेत यादव दंपती का सीडीआर भी खंगाला लेकिन, उससे कोई मदद नहीं मिली। बलवीर पढ़ा-लिखा न होने से पैसों का कोई लिखित हिसाब-किताब नहीं रखता था। परिवार में सिर्फ पति-पत्नी थे। दोनों की मौत के बाद पैसों का भी हिसाब-किताब नहीं मिल पा रहा। हत्याकांड के बाद घर में लूटपाट नहीं हुई। महिला के साथ कोई बदसलूकी नहीं हुई लेकिन, दोनों को बड़ी बेदर्दी से मौत के घाट उतार दिया गया।
खुलासे को लगाए गए एक सीओ समेत चार थानेदार
दोहरे हत्याकांड के खुलासे के लिए एक सीओ समेत पांच थानेदारों को लगाया गया। इसमें सीओ सदर समेत प्रेमनगर, बड़ागांव, रक्सा एवं सदर बाजार के थानेदारों को लगाया गया था। स्वॉट टीम के तेज तर्रार दरोगा भी खुलासे के लिए लगाए गए लेकिन, यह भारी-भरकम फौज भी सिफर साबित हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या से पहले यादव दंपती को नशीला पदार्थ खिलाए जाने की आशंका जताई गई थी। इसकी बिसरा जांच रिपोर्ट से भी पुलिस की दिशा तय नहीं हो सकी।
एसआर खुलने के बावजूद नहीं साफ हुई तस्वीर
गंभीर मामलों की स्पेशल रिपोर्ट (एसआर) तैयार होती है। इसकी निगरानी सीओ, एसएसपी से लेकर डीआईजी तक करते हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी नियमित तौर पर इनकी निगरानी करते हैं। वर्कआउट करने के लिए यह अधिकारी मातहतों को निर्देश देते हैं लेकिन, इतनी निगरानी के बावजूद भी यह केस खुल नहीं पा रहा।

आज ही एसएसपी को खुलासे के लिए नए सिरे से निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए अलग से विशेष टीम गठित करने को कहा गया है। इसमें सर्विलांस समेत अन्य को शामिल किया जाएगा। नए सिरे से जांच शुरू की जाए जिससे जो बिंदू छूट रहा है वह पकड़ में आ सके। उम्मीद है जल्द ही इसका मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
जोगेंद्र कुमार, डीआईजी
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