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Jhansi News: हाइब्रिड आईसीयू के संचालन की बारीकियां सीख रहे डॉक्टर, कर्मी
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। हाइब्रिड आईसीयू के संचालन के लिए झांसी में प्रदेश के तीन जिलों के डॉक्टराें और नर्सिंग कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। केयर यूपी प्रोग्राम के तहत इन्हें महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में शॉक और सर्पदंश प्रबंधन की बारीकियां भी सिखाई जा रही हैं।
हाइब्रिड आईसीयू एक प्रकार की गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) है, जिसमें विभिन्न प्रकार के रोगी देखभाल के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध होती हैं। यह आमतौर पर उन अस्पतालों में होता है, जो बाल चिकित्सा और वयस्कों दोनों की देखभाल करते हैं। केयर यूपी प्रोग्राम के तहत प्रदेश के 16 जिलों में हाइब्रिड आईसीयू सक्रिय हो चुका है। चित्रकूट, इटावा और मुजफ्फरनगर के जिला अस्पताल के मेडिसिन, जरनल सर्जरी और एनेस्थीसिया के 27 डॉक्टर, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ का अब मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण चल रहा है।
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केयर यूपी कार्यक्रम के स्टेट हेड डॉ. अंशुल जैन ने बताया कि इंडियन मेडिकल काउंसिल के नियमानुसार आईसीयू और वेंटिलेटर का संचालन, नर्सिंग स्टाफ को मरीज की सांस की नली में ट्यूब डली होने के दौरान देखरेख, खाने की नली डालने में कुशल बनाया जा रहा है। प्रशिक्षण मिलने के बाद सांस फूलने की समस्या लेकर आने वाले मरीजों की सांस की नली में ट्यूब डाल प्राथमिक उपचार कर नर्सिंग स्टाफ रेफर करेगा। इससे हायर सेंटर तक पहुंचने और फिर मरीज के ठीक होने की संभावना बढ़ जाएगी।
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ये भी सिखाया जा रहा
- चिकित्सक, कर्मचारियों को महत्वपूर्ण देखभाल कौशल सिखाया जा रहा
- गंभीर ट्रामा, डायरिया और निमोनिया के मरीजों के इलाज की बारीकियां