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Jhansi News: जिला अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ बनेंगे वेंटीलेटर एक्सपर्ट
Sat, 02 Mar 2024 01:14 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Sat, 02 Mar 2024 01:14 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जिला अस्पताल में आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने के लिए चिकित्सक, स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन को आईसीयू व वेंटीलेटर एक्सपर्ट बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके लिए अस्पताल के दो डॉक्टर सात अन्य स्टाफ को तीन माह की ट्रेनिंग के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में रोज तीन ऐसे मरीज आते हैं, जिन्हें वेंटीलेटर की जरूरत होती है। लेकिन, अस्पताल में एक्सपर्ट न होने के चलते मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। अब ऐसे मरीजों को भर्ती कर उन्हें वेंटीलेटर पर इलाज देने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अपने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को एक्सपर्ट बनाने पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए यहां तैनात डॉ. केपी सिंह परमार और डॉ. बृजेश खरे को तीन माह की ट्रेनिंग पर महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। इसके अलावा चार स्टाफ नर्स और तीन लैब टेक्नीशियन को तीन माह की ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार कटियार ने बताया कि वेंटीलेटर और आईसीयू क्रिटिकल केयर के लिए स्टाफ को तीन माह की ट्रेनिंग पर भेजा है। जिससे जिला अस्पताल के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
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12 डॉक्टर इंटरव्यू में हुए पास, 18 के लिए फिर होंगे इंटरव्यू
झांसी। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और हेल्थ वेलनेस सेंटरों में डॉक्टरों की कमी को पूरी करने के लिए चिकित्सा विभाग ने 30 पदों पर डॉक्टरों की भर्ती निकाली थी। लेकिन, इसमें से केवल 12 चिकित्सक ही जिले को मिल पाए हैं। इसमें भी आधे पदों पर आवेदन आए थे। बीते सप्ताह मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और हेल्थ वेलनेस सेंटर में तैनाती के लिए 17 चिकित्सकों ने इंटरव्यू दिया था, जिसमें से केवल 12 ही सफल हो सके। वहीं, पांच डॉक्टर दस्तावेज पूरे नहीं होने के चलते नियुक्ति नहीं पा सके। चयनित डॉक्टरों में आठ को हेल्थ वेलनेस सेंटर, दो को जिला अस्पताल और दो डॉक्टरों को मेडिकल कॉलेज में तैनाती दी गई है। जिले में अभी 18 डॉक्टरों की जरूरत है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि 12 डॉक्टर इंटरव्यू में सफल हुए हैं। आगामी माह में फिर से 18 पदों के लिए अधिसूचना जारी की जाएगी। संवाद
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अनियमित खानपान से हो रही खून की कमी, रोज भर्ती हो रहे 20 मरीजझांसी। अनियमित खानपान और अपने स्वास्थ्य की देखभाल सही तरीके से न करने वाले लोगों को अब खून की कमी से बीमारियां घेरने लगी हैं। जिला अस्पताल में औसतन 20 मरीज रोज भर्ती होने आ रहे हैं, जो खून की कमी के चलते अन्य बीमारियों से भी जकड़ गए हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 1500 मरीज आते हैं। बीते सप्ताह से यहां ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जो खून की कमी से अन्य बीमारियों और संक्रमण की चपेट में हैं। यहां प्रतिदिन 20 मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि उनकी ओपीडी में प्रतिदिन 300 मरीज आ रहे हैं। इनमें से औसतन 20 मरीज खून की कमी से ग्रस्त हैं। इनमें भी महिलाओं की संख्या अधिक है। इसके अलावा 30 प्रतिशत मरीज वह भी हैं, जो बुखार, खांसी और जुकाम से परेशान हैं। सीएमएस डॉ. प्रमोद कुमार कटियार का कहना है कि अस्पताल में खून की कमी से ग्रस्त औसतन 20 मरीज भर्ती हो रहे हैं। संवाद
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झांसी। जिला अस्पताल में आकस्मिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने के लिए चिकित्सक, स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन को आईसीयू व वेंटीलेटर एक्सपर्ट बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके लिए अस्पताल के दो डॉक्टर सात अन्य स्टाफ को तीन माह की ट्रेनिंग के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
जिला अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में रोज तीन ऐसे मरीज आते हैं, जिन्हें वेंटीलेटर की जरूरत होती है। लेकिन, अस्पताल में एक्सपर्ट न होने के चलते मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है। अब ऐसे मरीजों को भर्ती कर उन्हें वेंटीलेटर पर इलाज देने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अपने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को एक्सपर्ट बनाने पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए यहां तैनात डॉ. केपी सिंह परमार और डॉ. बृजेश खरे को तीन माह की ट्रेनिंग पर महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। इसके अलावा चार स्टाफ नर्स और तीन लैब टेक्नीशियन को तीन माह की ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रमोद कुमार कटियार ने बताया कि वेंटीलेटर और आईसीयू क्रिटिकल केयर के लिए स्टाफ को तीन माह की ट्रेनिंग पर भेजा है। जिससे जिला अस्पताल के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
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12 डॉक्टर इंटरव्यू में हुए पास, 18 के लिए फिर होंगे इंटरव्यू
झांसी। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और हेल्थ वेलनेस सेंटरों में डॉक्टरों की कमी को पूरी करने के लिए चिकित्सा विभाग ने 30 पदों पर डॉक्टरों की भर्ती निकाली थी। लेकिन, इसमें से केवल 12 चिकित्सक ही जिले को मिल पाए हैं। इसमें भी आधे पदों पर आवेदन आए थे। बीते सप्ताह मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और हेल्थ वेलनेस सेंटर में तैनाती के लिए 17 चिकित्सकों ने इंटरव्यू दिया था, जिसमें से केवल 12 ही सफल हो सके। वहीं, पांच डॉक्टर दस्तावेज पूरे नहीं होने के चलते नियुक्ति नहीं पा सके। चयनित डॉक्टरों में आठ को हेल्थ वेलनेस सेंटर, दो को जिला अस्पताल और दो डॉक्टरों को मेडिकल कॉलेज में तैनाती दी गई है। जिले में अभी 18 डॉक्टरों की जरूरत है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि 12 डॉक्टर इंटरव्यू में सफल हुए हैं। आगामी माह में फिर से 18 पदों के लिए अधिसूचना जारी की जाएगी। संवाद
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अनियमित खानपान से हो रही खून की कमी, रोज भर्ती हो रहे 20 मरीजझांसी। अनियमित खानपान और अपने स्वास्थ्य की देखभाल सही तरीके से न करने वाले लोगों को अब खून की कमी से बीमारियां घेरने लगी हैं। जिला अस्पताल में औसतन 20 मरीज रोज भर्ती होने आ रहे हैं, जो खून की कमी के चलते अन्य बीमारियों से भी जकड़ गए हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 1500 मरीज आते हैं। बीते सप्ताह से यहां ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जो खून की कमी से अन्य बीमारियों और संक्रमण की चपेट में हैं। यहां प्रतिदिन 20 मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि उनकी ओपीडी में प्रतिदिन 300 मरीज आ रहे हैं। इनमें से औसतन 20 मरीज खून की कमी से ग्रस्त हैं। इनमें भी महिलाओं की संख्या अधिक है। इसके अलावा 30 प्रतिशत मरीज वह भी हैं, जो बुखार, खांसी और जुकाम से परेशान हैं। सीएमएस डॉ. प्रमोद कुमार कटियार का कहना है कि अस्पताल में खून की कमी से ग्रस्त औसतन 20 मरीज भर्ती हो रहे हैं। संवाद