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टीबी अस्पताल में कर्मचारी संबद्ध, अभियान हुआ ठप
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झांसी। मऊरानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी की रोकथाम का अभियान ठप पड़ा हुआ है। यहां तैनात दो कर्मचारियों में एक प्रसूति अवकाश पर है, जबकि दूसरे कर्मचारियों को अधिकारियों ने जिला क्षय रोग अस्पताल में संबद्ध कर रखा है। शासन की तरफ से भी निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि किसी भी एनटीईपी कर्मचारियों से टीबी के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं लिया जाए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की रोकथाम के लिए सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एसटीएस), सीनियर ट्रीटमेंट लैब सुपरवाइजर (एसटीएलएस) की तैनाती रहती है। एसटीएस का कार्य टीबी रोगियों को निश्चय पोषण योजना के जरिए मिलने वाले पैसा, समय पर दवाएं उपलब्ध कराने आदि कार्यों में मदद करना है। इस काम में एसटीएस का सहयोग एसटीएलएस करता है। कोरोना वायरस के चलते टीबी रोगियों के इलाज में जुटे एनटीईपी कर्मचारियों की ड्यूटी कोविड में लगा दी गई थी। हाल ही में अपर मुख्य सचिव की तरफ से भी आदेश जारी किए गए थे टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान को सफल संचालन के लिए एनटीईपी के कर्मचारियों को यदि किसी अन्य कार्य में संबद्ध किया है तो उन्हें तुरंत अवमुक्त कर दें। इसके बावजूद मऊरानीपुर सीएचसी में तैनात एसटीएस को क्षय रोग चिकित्सालय में ही संबद्ध रखा। यहां तैनाती एसटीएलएस पहले से ही प्रसूति अवकाश पर है। ऐसे में टीबी की रोकथाम के लिए कोई कर्मचारी नहीं बचा। जबकि, मऊरानीपुर में लगभग 300 टीबी के मरीज हैं। झांसी के बाद मऊरानीपुर ही ऐसा क्षेत्र है, जहां पर क्षय रोगियों की संख्या काफी अधिक है। इस वजह से यहां पर टीबी का अभियान ठप पड़ा हुआ है।
मेरे कार्यभार संभालने से पहले ही मऊरानीपुर सीएचसी में तैनात एसटीएस यहां पर संबद्ध है। अब मंगलवार से फिर से सीएचसी में वह अपना कार्य पहले की तरह देखने लगेगा। - डॉ. राजकिशोर, जिला क्षय रोग अधिकारी।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी की रोकथाम के लिए सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एसटीएस), सीनियर ट्रीटमेंट लैब सुपरवाइजर (एसटीएलएस) की तैनाती रहती है। एसटीएस का कार्य टीबी रोगियों को निश्चय पोषण योजना के जरिए मिलने वाले पैसा, समय पर दवाएं उपलब्ध कराने आदि कार्यों में मदद करना है। इस काम में एसटीएस का सहयोग एसटीएलएस करता है। कोरोना वायरस के चलते टीबी रोगियों के इलाज में जुटे एनटीईपी कर्मचारियों की ड्यूटी कोविड में लगा दी गई थी। हाल ही में अपर मुख्य सचिव की तरफ से भी आदेश जारी किए गए थे टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान को सफल संचालन के लिए एनटीईपी के कर्मचारियों को यदि किसी अन्य कार्य में संबद्ध किया है तो उन्हें तुरंत अवमुक्त कर दें। इसके बावजूद मऊरानीपुर सीएचसी में तैनात एसटीएस को क्षय रोग चिकित्सालय में ही संबद्ध रखा। यहां तैनाती एसटीएलएस पहले से ही प्रसूति अवकाश पर है। ऐसे में टीबी की रोकथाम के लिए कोई कर्मचारी नहीं बचा। जबकि, मऊरानीपुर में लगभग 300 टीबी के मरीज हैं। झांसी के बाद मऊरानीपुर ही ऐसा क्षेत्र है, जहां पर क्षय रोगियों की संख्या काफी अधिक है। इस वजह से यहां पर टीबी का अभियान ठप पड़ा हुआ है।
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मेरे कार्यभार संभालने से पहले ही मऊरानीपुर सीएचसी में तैनात एसटीएस यहां पर संबद्ध है। अब मंगलवार से फिर से सीएचसी में वह अपना कार्य पहले की तरह देखने लगेगा। - डॉ. राजकिशोर, जिला क्षय रोग अधिकारी।
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