{"_id":"655bedd528659d6fb00d65e43d652c2e","slug":"doctor-accused-of-removing-the-uterus-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिकित्सक पर बच्चेदानी निकालने का आरोप ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिकित्सक पर बच्चेदानी निकालने का आरोप
ब्यूरो
Updated Tue, 29 Dec 2015 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र के ग्राम दिगारा निवासी महिला ने एक महिला चिकित्सक पर पथरी निकालने के नाम पर बच्चेदानी निकालने का आरोप लगाया है। एसपी सिटी को मामले की जांच सौंप दी गई है।
सोमवार को एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बड़ागांव थाना क्षेत्र के ग्राम दिगारा निवासी रमेश कुशवाहा ने बताया कि उसने एक महिला चिकित्सक की सलाह पर पत्नी की कानपुर रोड स्थित एक डायग्नोस्टिक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पथरी की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड कराया था। जांच उपरांत पित्त की थैली में पथरी बताई गई थी।
विगत नौ दिसंबर को संबंधित महिला चिकित्सक ने पथरी निकालने के नाम पर उसकी पत्नी के पेट से बच्चेदानी को निकाल दिया। उसकी पत्नी को पथरी का दर्द आज भी बराबर हो रहा है। उससे दस हजार रुपये भी जमा कराए गए, जिसकी रसीद भी नहीं दी गई। विरोध करने पर उनके साथ गाली गलौज की गई।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई। इस मामले में एसएसपी ने बताया कि चिकित्सक पक्ष ने भी तीन दिन पहले शिकायत की थी कि उक्त महिला की बच्चेदानी में संक्रमण हो गया था। इस कारण बच्चेदानी को निकालना पड़ा। बाद में परिजन ब्लैकमेल कर रहे हैं। इस मामले की जांच एसपी सिटी को दे दी गई है।
विज्ञापन
सोमवार को एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बड़ागांव थाना क्षेत्र के ग्राम दिगारा निवासी रमेश कुशवाहा ने बताया कि उसने एक महिला चिकित्सक की सलाह पर पत्नी की कानपुर रोड स्थित एक डायग्नोस्टिक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पथरी की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड कराया था। जांच उपरांत पित्त की थैली में पथरी बताई गई थी।
विज्ञापन
विगत नौ दिसंबर को संबंधित महिला चिकित्सक ने पथरी निकालने के नाम पर उसकी पत्नी के पेट से बच्चेदानी को निकाल दिया। उसकी पत्नी को पथरी का दर्द आज भी बराबर हो रहा है। उससे दस हजार रुपये भी जमा कराए गए, जिसकी रसीद भी नहीं दी गई। विरोध करने पर उनके साथ गाली गलौज की गई।
विज्ञापन
पीड़ित परिवार ने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई। इस मामले में एसएसपी ने बताया कि चिकित्सक पक्ष ने भी तीन दिन पहले शिकायत की थी कि उक्त महिला की बच्चेदानी में संक्रमण हो गया था। इस कारण बच्चेदानी को निकालना पड़ा। बाद में परिजन ब्लैकमेल कर रहे हैं। इस मामले की जांच एसपी सिटी को दे दी गई है।