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Jhansi News: मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की सुई से डगमगया अनुशासन
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग की घटना ने अनुशासन की नब्ज कमजोर कर दी है। कॉलेज के नए छात्रों ने 2023 बैच के वरिष्ठों पर दबंगई और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। नई दिल्ली स्थित एंटी रैगिंग सेल को ई-मेल भेजकर शिकायत की है कि वरिष्ठों ने दो दिन पहले रात में पूरे बैच को परिचय के लिए बुलाया। सोशल मीडिया पर वरिष्ठों को खोजकर फॉलो करने और आंख मिलाकर बात न करने की शर्त रखी। वरिष्ठों का नाम याद न रखने पर गाली-गलौज की धमकी भी दी।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटें हैं। दो चरणों की काउंसिलिंग के बाद 146 सीटों पर प्रवेश हो चुके हैं। तीसरे चरण की काउंसिलिंग अभी चल रही है। इसी बीच हाल ही में प्रवेश पाने वाले एक एमबीबीएस छात्र ने एंटी रैगिंग सेल में नए बैच के छात्रों के साथ रैगिंग के आरोप जड़ दिए हैं।
शिकायत में बताया कि दो दिन पहले रात आठ से नौ बजे के बीच 2023 बैच के वरिष्ठों ने 2025 बैच के छात्रों को बातचीत सत्र के लिए बुलाया। ये सत्र परिचय के बजाये उनके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से कष्टदायक हो गया। उन्हें दो घंटे खड़ा रखा गया। सिर्फ शुद्ध हिंदी में बात करने के लिए कहा गया। ये भी बोला गया कि अपने शहर के वरिष्ठों को सोशल मीडिया पर खोजकर फॉलो करो। यह माहौल नए बैच के कई विद्यार्थियों में भय, सिरदर्द और मानसिक तनाव पैदा कर रहा है।
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नए बैच के विद्यार्थी छात्रावास की गतिविधियों में खुलकर शामिल होने से डरने लगे हैं। शिकायत करने वाले एमबीबीएस छात्र ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की बात कही है। जांच कराकर प्रथम वर्ष के एमबीबीएस विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की रैगिंग या धमकी से बचाने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद नई दिल्ली स्थित एंटी रैगिंग सेल ने जांच शुरू करते हुए इसकी जानकारी नवाबाद थाने को भी दी है। मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर रैगिंग की घटना ने अनुशासन की नब्ज कमजोर कर दी है। कॉलेज के नए छात्रों ने 2023 बैच के वरिष्ठों पर दबंगई और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। नई दिल्ली स्थित एंटी रैगिंग सेल को ई-मेल भेजकर शिकायत की है कि वरिष्ठों ने दो दिन पहले रात में पूरे बैच को परिचय के लिए बुलाया। सोशल मीडिया पर वरिष्ठों को खोजकर फॉलो करने और आंख मिलाकर बात न करने की शर्त रखी। वरिष्ठों का नाम याद न रखने पर गाली-गलौज की धमकी भी दी।
मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 150 सीटें हैं। दो चरणों की काउंसिलिंग के बाद 146 सीटों पर प्रवेश हो चुके हैं। तीसरे चरण की काउंसिलिंग अभी चल रही है। इसी बीच हाल ही में प्रवेश पाने वाले एक एमबीबीएस छात्र ने एंटी रैगिंग सेल में नए बैच के छात्रों के साथ रैगिंग के आरोप जड़ दिए हैं।
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शिकायत में बताया कि दो दिन पहले रात आठ से नौ बजे के बीच 2023 बैच के वरिष्ठों ने 2025 बैच के छात्रों को बातचीत सत्र के लिए बुलाया। ये सत्र परिचय के बजाये उनके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से कष्टदायक हो गया। उन्हें दो घंटे खड़ा रखा गया। सिर्फ शुद्ध हिंदी में बात करने के लिए कहा गया। ये भी बोला गया कि अपने शहर के वरिष्ठों को सोशल मीडिया पर खोजकर फॉलो करो। यह माहौल नए बैच के कई विद्यार्थियों में भय, सिरदर्द और मानसिक तनाव पैदा कर रहा है।
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नए बैच के विद्यार्थी छात्रावास की गतिविधियों में खुलकर शामिल होने से डरने लगे हैं। शिकायत करने वाले एमबीबीएस छात्र ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की बात कही है। जांच कराकर प्रथम वर्ष के एमबीबीएस विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की रैगिंग या धमकी से बचाने की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद नई दिल्ली स्थित एंटी रैगिंग सेल ने जांच शुरू करते हुए इसकी जानकारी नवाबाद थाने को भी दी है। मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।