{"_id":"5d66d4298ebc3e012c6512fa","slug":"dhanchand-is-kohinoor-of-sports-jhansi-news-jhs146796144","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेल जगत के कोहिनूर हैं मेजर ध्यानचंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेल जगत के कोहिनूर हैं मेजर ध्यानचंद
विज्ञापन
हीरोज ग्राउंड में समाधि स्थल पर लगी मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा।
खेल जगत के कोहिनूर हैं मेजर ध्यानचंद
झांसी। पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं मेजर ध्यानचंद के सुपुत्र अशोक ध्यानचंद ने कहा कि यह पूरी दुनिया मानती है कि मेजर ध्यानचंद खेल जगत के कोहिनूर हैं और उन्हेें भारत रत्न मिलना चाहिए। सभी को उम्मीद है कि देश का यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान जल्द ही उन्हें दिया जाएगा।
अमर उजाला से बातचीत में पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने कहा कि देश में ध्यानचंद की गौरवशाली खेल परंपरा को कई खिलाड़ी आगे बढ़ा रहे हैं। इनमें बैडमिंटन में पीवी सिंधू का शानदार प्रदर्शन भी है। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद की भूमि झांसी में एस्ट्रोटर्फ तैयार होने के बाद कई प्रतिभावान खिलाड़ी उभरे हैं। सीनियर खिलाड़ी भी उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार झांसी शहर में ध्यानचंद रहे हैं, यह उनकी भूमि है। रेलवे इंस्टीट्यूट में खेल पखवाड़े को रोका जाना गलत है। वह रेलवे बोर्ड से इस संबंध में बातचीत करेंगे। ताकि इंस्टीट्यूट में हर साल मेजर ध्यानचंद के सम्मान में होने वाला यह आयोजन जारी रहे। इधर, मेजर ध्यानचंद के सुपुत्र एवं पूर्व हॉकी खिलाड़ी ब्रज मोहन सिंह ने कहा कि क्रिकेट सिर्फ 10 से 15 देशों में खेला जाता है। जबकि हॉकी 100 से अधिक देशों में खेला जाता है। भारत रत्न को लेकर क्या राजनीति चल रही है, यह अभी तक उनका परिवार समझ नहीं सका है। उनके पुत्र पूर्व हॉकी खिलाड़ी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि हीरोज ग्राउंड में निर्माण कार्य चल रहा है। इससे यहां पूर्व के वर्षों की तरह खेल प्रतियोगिताएं नहीं कराई जा सकीं, लेकिन 29 अगस्त को सिक्स ए साइड हॉकी मैच कराया जाएगा। साथ ही दद्दा ध्यानचंद की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।
विज्ञापन
झांसी। पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं मेजर ध्यानचंद के सुपुत्र अशोक ध्यानचंद ने कहा कि यह पूरी दुनिया मानती है कि मेजर ध्यानचंद खेल जगत के कोहिनूर हैं और उन्हेें भारत रत्न मिलना चाहिए। सभी को उम्मीद है कि देश का यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान जल्द ही उन्हें दिया जाएगा।
अमर उजाला से बातचीत में पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ने कहा कि देश में ध्यानचंद की गौरवशाली खेल परंपरा को कई खिलाड़ी आगे बढ़ा रहे हैं। इनमें बैडमिंटन में पीवी सिंधू का शानदार प्रदर्शन भी है। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद की भूमि झांसी में एस्ट्रोटर्फ तैयार होने के बाद कई प्रतिभावान खिलाड़ी उभरे हैं। सीनियर खिलाड़ी भी उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनके अनुसार झांसी शहर में ध्यानचंद रहे हैं, यह उनकी भूमि है। रेलवे इंस्टीट्यूट में खेल पखवाड़े को रोका जाना गलत है। वह रेलवे बोर्ड से इस संबंध में बातचीत करेंगे। ताकि इंस्टीट्यूट में हर साल मेजर ध्यानचंद के सम्मान में होने वाला यह आयोजन जारी रहे। इधर, मेजर ध्यानचंद के सुपुत्र एवं पूर्व हॉकी खिलाड़ी ब्रज मोहन सिंह ने कहा कि क्रिकेट सिर्फ 10 से 15 देशों में खेला जाता है। जबकि हॉकी 100 से अधिक देशों में खेला जाता है। भारत रत्न को लेकर क्या राजनीति चल रही है, यह अभी तक उनका परिवार समझ नहीं सका है। उनके पुत्र पूर्व हॉकी खिलाड़ी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि हीरोज ग्राउंड में निर्माण कार्य चल रहा है। इससे यहां पूर्व के वर्षों की तरह खेल प्रतियोगिताएं नहीं कराई जा सकीं, लेकिन 29 अगस्त को सिक्स ए साइड हॉकी मैच कराया जाएगा। साथ ही दद्दा ध्यानचंद की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी।
विज्ञापन