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कोविड के साथ अब डेंगू का भी बढ़ा खतरा, सितंबर में ही मिल चुके 35 केस
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Dengue dangerous, with covid 35 case find in september
झांसी। कोविड के साथ ही इन दिनों लोगों पर डेंगू का खतरा भी बढ़ गया है। सरकारी अस्पताल के बजाए मरीज अब नर्सिंगहोमों में इलाज कराने के लिए जा रहे हैं। वहां रैपिड किट से जांच कराने पर मरीज डेंगू पॉजिटिव मिल रहे हैं। बताया गया कि सितंबर में ही 35 केस सामने आ चुके हैं।
कोरोना वायरस के खतरे के बीच इन दिनों डेंगू ने भी जिले में पांव पसार लिया है। पिछले दिनों हुई बारिश का साफ पानी पात्रों आदि में जमा होने की वजह से डेंगू का मच्छर पनप गया है। कई क्षेत्रों के लोगों को डेंगू ने अपना शिकार बना लिया है। निजी अस्पतालों में हुई रैपिड टेस्ट में कई मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। झांसी और आसपास के जनपदों के मरीज भी नर्सिंगहोमों में इलाज करा रहे हैं। कोविड की वजह से डेंगू के मरीज सरकारी अस्पतालों में उपचार कराने से बच रहे हैं। चूंकि, मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब से डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग केस रिपोर्ट करता है। मेडिकल कॉलेज में टेलीमेडिसिन ओपीडी चलने की वजह से तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर मरीज सीधे निजी अस्पताल जा रहे हैं। इस कारण मेडिकल कॉलेज में लैब में डेंगू की जांच के लिए सैंपल नहीं जा पा रहे हैं।
ये हैं लक्षण
- सिर और मांसपेशियों में दर्द
- हड्डियों और जोड़ों में दर्द
- जी मिचलाना
- उल्टी लगना
- आंखों के पीछे दर्द
- ग्रंथियों में सूजन
- त्वचा पर लाल चकत्ते
ऐसे करें बचाव
- कूलर, पात्र आदि में पानी लंबे समय तक न रखें
- पानी को हमेशा ढककर रखें, वरना मच्छर अंडे दे सकते हैं
- खिड़की, दरवाजे पर मच्छर से बचने को जाली लगाएं
- पूरी बाहों के कपड़े पहनें या जितना हो सके शरीर को ढककर रखें
रैपिड किट से डेंगू की रिपोर्ट मान्य नहीं है। अभी तक मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब से एक भी डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। - आरके गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी।
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कोरोना वायरस के खतरे के बीच इन दिनों डेंगू ने भी जिले में पांव पसार लिया है। पिछले दिनों हुई बारिश का साफ पानी पात्रों आदि में जमा होने की वजह से डेंगू का मच्छर पनप गया है। कई क्षेत्रों के लोगों को डेंगू ने अपना शिकार बना लिया है। निजी अस्पतालों में हुई रैपिड टेस्ट में कई मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। झांसी और आसपास के जनपदों के मरीज भी नर्सिंगहोमों में इलाज करा रहे हैं। कोविड की वजह से डेंगू के मरीज सरकारी अस्पतालों में उपचार कराने से बच रहे हैं। चूंकि, मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब से डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग केस रिपोर्ट करता है। मेडिकल कॉलेज में टेलीमेडिसिन ओपीडी चलने की वजह से तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर मरीज सीधे निजी अस्पताल जा रहे हैं। इस कारण मेडिकल कॉलेज में लैब में डेंगू की जांच के लिए सैंपल नहीं जा पा रहे हैं।
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ये हैं लक्षण
- सिर और मांसपेशियों में दर्द
- हड्डियों और जोड़ों में दर्द
- जी मिचलाना
- उल्टी लगना
- आंखों के पीछे दर्द
- ग्रंथियों में सूजन
- त्वचा पर लाल चकत्ते
ऐसे करें बचाव
- कूलर, पात्र आदि में पानी लंबे समय तक न रखें
- पानी को हमेशा ढककर रखें, वरना मच्छर अंडे दे सकते हैं
- खिड़की, दरवाजे पर मच्छर से बचने को जाली लगाएं
- पूरी बाहों के कपड़े पहनें या जितना हो सके शरीर को ढककर रखें
रैपिड किट से डेंगू की रिपोर्ट मान्य नहीं है। अभी तक मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब से एक भी डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। - आरके गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी।
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