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Jhansi News: पांच साल से लापता चल रहे भाई की मिली लाश
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। घर से पांच साल से गायब चल रहे एट के जालौन जिले के एक व्यक्ति का शव झांसी में बरामद हुआ। परिजनों ने मोर्चरी पहुंचकर शव की शिनाख्त की। बीमारी से मौत की आशंका जताई जा रही है।
जालौन जिले के एट थाना इलाके के ग्राम ढगुआकला निवासी संदीप त्रिपाठी (48) का शव सोमवार को लावारिश अवस्था में झांसी रेलवे स्टेशन पर पड़ा मिला था। मृतक के बड़े भाई सेवानिवृत्त पुलिस उप निरीक्षक विनोद त्रिपाठी ने बताया कि दस साल पहले छोटा भाई संदीप सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। कुछ लोगों ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया था। तब इस घटना की परिजनों को जानकारी नहीं लग पाई थी। सभी उसकी तलाश में जुटे हुए थे। इस घटना में उसकी याददाश्त चली गई थी और वह मेडिकल से ही लापता हो गया था। पांच साल पहले वह मिला था और डेढ़ महीने घर में रहने के बाद एक बार फिर से घर से चला गया था। सोमवार को जीआरपी ने स्टेशन पर उसका शव पड़े होने की सूचना दी। इसके बाद शव की शिनाख्त करने पर वह भाई का निकला। भाई ने बताया कि मृतक संदीप को फिल्में देखने का शौक था। वह बारह साल की उम्र में घरवालों को बगैर बताए मुंबई चला गया था। जानकारी होने पर वे उसे वहां से वापस ले आए थे।
बता दें कि मृतक के चार भाई अच्छे पदों पर कार्यरत हैं। मृतक के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा शेखर (22) गाजियाबाद से इंजीनियरिंग कर रहा है। जबकि, छोटा अर्पित (19) घर पर रहकर ही पढ़ रहा है।
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झांसी। घर से पांच साल से गायब चल रहे एट के जालौन जिले के एक व्यक्ति का शव झांसी में बरामद हुआ। परिजनों ने मोर्चरी पहुंचकर शव की शिनाख्त की। बीमारी से मौत की आशंका जताई जा रही है।
जालौन जिले के एट थाना इलाके के ग्राम ढगुआकला निवासी संदीप त्रिपाठी (48) का शव सोमवार को लावारिश अवस्था में झांसी रेलवे स्टेशन पर पड़ा मिला था। मृतक के बड़े भाई सेवानिवृत्त पुलिस उप निरीक्षक विनोद त्रिपाठी ने बताया कि दस साल पहले छोटा भाई संदीप सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। कुछ लोगों ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया था। तब इस घटना की परिजनों को जानकारी नहीं लग पाई थी। सभी उसकी तलाश में जुटे हुए थे। इस घटना में उसकी याददाश्त चली गई थी और वह मेडिकल से ही लापता हो गया था। पांच साल पहले वह मिला था और डेढ़ महीने घर में रहने के बाद एक बार फिर से घर से चला गया था। सोमवार को जीआरपी ने स्टेशन पर उसका शव पड़े होने की सूचना दी। इसके बाद शव की शिनाख्त करने पर वह भाई का निकला। भाई ने बताया कि मृतक संदीप को फिल्में देखने का शौक था। वह बारह साल की उम्र में घरवालों को बगैर बताए मुंबई चला गया था। जानकारी होने पर वे उसे वहां से वापस ले आए थे।
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बता दें कि मृतक के चार भाई अच्छे पदों पर कार्यरत हैं। मृतक के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा शेखर (22) गाजियाबाद से इंजीनियरिंग कर रहा है। जबकि, छोटा अर्पित (19) घर पर रहकर ही पढ़ रहा है।
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