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Jhansi News: दशरथ ने त्यागे प्राण, द्रवित हुए दर्शक
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बड़ा बाजार रामलीला में स्वर्ण हिरण प्रसंग का मंचन करते कलाकार l संवाद
- फोटो : विभाग
झांसी। श्रीरामलीला मंच सदर बाजार में केवट संवाद और दशरथ मरण की लीला का मंचन किया गया। लीला में भगवान राम की वन यात्रा से लेकर राजा दशरथ के प्राण त्यागने तक की घटनाओं को दर्शाया गया। यह देख दर्शक द्रवित हो उठे।
भगवान राम अपनी वन यात्रा के दौरान निषाद राज से मिले। निषाद राज ने उनकी खूब सेवा की। गंगा पार करने के लिए राम ने केवट से नाव मांगी। केवट ने उनके चरणों का जल धोकर पीने की शर्त रखी। केवट ने कहा कि राम के चरणों की रज में जादू है। एक बार अहिल्या पत्थर से मनुष्य बन गई थी। भगवान राम केवट के भोलेपन पर मुस्कुराए। उन्होंने उसे चरण धोने की आज्ञा दी। केवट ने चरण धोकर राम को गंगा पार कराया। इसके बाद राम चित्रकूट पहुंचे और ऋषि, मुनियों से मिले।
निषाद राज के लौटने पर उन्होंने सुमंत को गंगा तट पर विलाप करते देखा। सुमंत महलों में लौटे और राजा दशरथ को राम के न लौटने की सूचना दी। यह सुनकर दशरथ अत्यंत दुखी हुए। उन्हें श्रवण कुमार के माता-पिता द्वारा दिए गए पुत्र वियोग में मृत्यु के शाप की याद आई। राम को याद करते हुए राजा दशरथ ने अपने प्राण त्याग दिए।
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वशिष्ठ मुनि ने यह समाचार भरत और शत्रुघ्न को भेजा। भरत को जब पता चला कि यह सब उनकी माता कैकेयी के कारण हुआ है। उन्होंने कैकेयी का परित्याग कर दिया। भरत ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई और राम को मनाने के लिए वन गए। वन में राम ने भरत को अपनी चरण पादुका देकर चौदह वर्ष तक शासन करने का आदेश दिया। इस अवसर पर विजय प्रकाश पटेरिया, वरुण जैन, कुंदन लाल गुप्ता, राजीव चौरसिया, देवेंद्र साहू, राघवेंद्र राय, ऋषभ यादव, राहुल यादव आदि मौजूद रहे। रामलीला में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है।
बाक्स-
बड़ाबाजर में हुआ सीता हरण लीला का मंचन
फोटो-
झांसी। श्री बाल युवक नाट्य रामलीला कमेटी बड़ाबाजार के तत्वावधान में बड़ाबाजार के रामलीला मंच पर चल रही रामलीला में बृहस्पतिवार को सीताहरण व शबरी माता आश्रम की लीला का मंचन किया गयाा। समारोह के मुख्य अतिथि समाजसेवी डाॅ. संदीप सरावगी रहे, जबकि अध्यक्षता डाॅ. दिलीप शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में शशिकांत द्विवेदी, पवन साहू डायरेक्टर नमो रेजिडेंसी झांसी रहे। सीताहरण के अभिनय में माता सीता का विलाप देखकर दर्शक दुखी हो गए। इसके अलावा माता शबरी के भक्ति गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी की ओर से अध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी, पूर्व पार्षद अरुण द्विवेदी, राधे राय, रामप्रकाश गुप्ता, संजय दोसाज, भरत राय आदि मौजूद रहे।
रामलीला में आज
-सदर बाजार रामलीला मंच पर शुक्रवार को सीताहरण लीला का मंचन रात्रि नौ बजे।
-बड़ाबाजार में रामलीला मंच पर शुक्रवार को श्रीराम-सुग्रीव की मित्रता और लंका दहन लीला का मंचन रात्रि आठ बजे।
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भगवान राम अपनी वन यात्रा के दौरान निषाद राज से मिले। निषाद राज ने उनकी खूब सेवा की। गंगा पार करने के लिए राम ने केवट से नाव मांगी। केवट ने उनके चरणों का जल धोकर पीने की शर्त रखी। केवट ने कहा कि राम के चरणों की रज में जादू है। एक बार अहिल्या पत्थर से मनुष्य बन गई थी। भगवान राम केवट के भोलेपन पर मुस्कुराए। उन्होंने उसे चरण धोने की आज्ञा दी। केवट ने चरण धोकर राम को गंगा पार कराया। इसके बाद राम चित्रकूट पहुंचे और ऋषि, मुनियों से मिले।
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निषाद राज के लौटने पर उन्होंने सुमंत को गंगा तट पर विलाप करते देखा। सुमंत महलों में लौटे और राजा दशरथ को राम के न लौटने की सूचना दी। यह सुनकर दशरथ अत्यंत दुखी हुए। उन्हें श्रवण कुमार के माता-पिता द्वारा दिए गए पुत्र वियोग में मृत्यु के शाप की याद आई। राम को याद करते हुए राजा दशरथ ने अपने प्राण त्याग दिए।
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वशिष्ठ मुनि ने यह समाचार भरत और शत्रुघ्न को भेजा। भरत को जब पता चला कि यह सब उनकी माता कैकेयी के कारण हुआ है। उन्होंने कैकेयी का परित्याग कर दिया। भरत ने उन्हें खरी-खोटी सुनाई और राम को मनाने के लिए वन गए। वन में राम ने भरत को अपनी चरण पादुका देकर चौदह वर्ष तक शासन करने का आदेश दिया। इस अवसर पर विजय प्रकाश पटेरिया, वरुण जैन, कुंदन लाल गुप्ता, राजीव चौरसिया, देवेंद्र साहू, राघवेंद्र राय, ऋषभ यादव, राहुल यादव आदि मौजूद रहे। रामलीला में दर्शकों की भीड़ उमड़ रही है।
बाक्स-
बड़ाबाजर में हुआ सीता हरण लीला का मंचन
फोटो-
झांसी। श्री बाल युवक नाट्य रामलीला कमेटी बड़ाबाजार के तत्वावधान में बड़ाबाजार के रामलीला मंच पर चल रही रामलीला में बृहस्पतिवार को सीताहरण व शबरी माता आश्रम की लीला का मंचन किया गयाा। समारोह के मुख्य अतिथि समाजसेवी डाॅ. संदीप सरावगी रहे, जबकि अध्यक्षता डाॅ. दिलीप शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में शशिकांत द्विवेदी, पवन साहू डायरेक्टर नमो रेजिडेंसी झांसी रहे। सीताहरण के अभिनय में माता सीता का विलाप देखकर दर्शक दुखी हो गए। इसके अलावा माता शबरी के भक्ति गीतों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी की ओर से अध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी, पूर्व पार्षद अरुण द्विवेदी, राधे राय, रामप्रकाश गुप्ता, संजय दोसाज, भरत राय आदि मौजूद रहे।
रामलीला में आज
-सदर बाजार रामलीला मंच पर शुक्रवार को सीताहरण लीला का मंचन रात्रि नौ बजे।
-बड़ाबाजार में रामलीला मंच पर शुक्रवार को श्रीराम-सुग्रीव की मित्रता और लंका दहन लीला का मंचन रात्रि आठ बजे।