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Jhansi News: प्रशिक्षण पूरा कर दमकल दस्ते में शामिल हुए 216 फायरमैन

Fri, 30 Dec 2022 09:48 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 30 Dec 2022 09:48 PM IST
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Damkat dasta joine 216 fireman
झांसी। शुक्रवार को पुलिस लाइन में हुई दीक्षांत परेड के बाद 216 फायरमैन प्रदेश के दमकल दस्ते में शामिल हो गए। इस दौरान सभी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
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दीक्षांत परेड के मुख्य अतिथि डीआईजी जोगेंद्र कुमार रहे। एसएसपी राजेश एस ने सलामी लेकर परेड का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने सभी को शपथ दिलाई। इस मौके पर एसपी सिटी राधेश्याम राय, एसपी देहात नैपाल सिंह, अग्निशमन अधिकारी राजकिशोर राय, प्रतिसार निरीक्षक चंद्रभूषण पांडेय, आरटीसी प्रभारी अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
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बता दें कि फायरमैन को छह माह का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद हुई परीक्षा में ये सभी सफल रहे।
प्रशिक्षण में इनका रहा उत्कृष्ट प्रदर्शन
झांसी। फायरमैन शंकरलाल स्वामी ने आंतरिक विषयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त किए। जबकि, बाह्य विषयों में सर्वाधिक अंक अभिनेंद्र सिंह चौहान व अभिषेक कुमार ने हासिल किए। विनय कुमार सर्वोत्तम अंक पाने वाले फायरमैन रहे। वहीं, परेड कमांडर प्रथम अभिषेक, द्वितीय निखिल कुमार व तृतीय मान सिंह रहे।
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पैसों की तंगी के बीच बुझने नहीं दिया शिक्षा का चिराग
झांसी। ट्रेनिंग पूरी कर फायरमैन बनने वाले फतेहपुर के असोथर कस्बे के निवासी शिवमोहन ने बताया कि वह पांच भाई-बहन हैं। घर में माता-पिता समेत कुल सात लोगों का परिवार है। सभी के भरण-पोषण की जिम्मेदारी पिता मैयादीन पर ही थी, जो मजदूरी करते थे। पूरा परिवार बेहद अभाव के दौर से गुजरा। बावजूद, पिता ने शिक्षा बाधित नहीं होनी दी। बच्चों की शैक्षिक जरूरतों को पूरा करने के लिए वे दिन में तो काम करते ही थे, अक्सर काम मिलने पर रात में भी चले जाया करते थे।
तीन साल की तैयारी के बाद मिला मुकाम
झांसी। फायरमैन उन्नाव के जयकुमार ने बताया कि वह किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। बीएससी करने के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। तीन साल की मेहनत के बाद उनका दमकल विभाग में चयन हुआ। उन्होंने बताया कि वे आगे भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखेंगे।
फायर सर्विस में हर पल होता है कीमती
झांसी। फायरमैन फर्रुखाबाद के रोहित नंदन ने बताया कि खाकी वर्दी पहनने के बाद समाज में सम्मान बढ़ने के साथ-साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ गईं हैं। फायर सर्विस में रिस्पांस टाइम का विशेष महत्व होता है। ट्रेनिंग में सीखने को मिला कि घटना स्थल पर पहुंचने में जरा सी भी देरी की वजह से आग से जान माल का भारी नुकसान हो सकता है।

बचपन का सपना पूरा हुआ
झांसी। फतेहपुर के दिनेश कुमार ने बताया कि बचपन से ही वे खाकी वर्दी पहनना चाहते थे। यह सपना अब जाकर पूरा हुआ है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि वे अपने परिवार में सरकारी नौकरी पाने वाले पहले सदस्य बन गए हैं। परिवार के लोगों के साथ-साथ गांव के लोग भी इस बात से बेहद खुश हैं।
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