फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Dam is empty, not rainning any guiss

खाली होते जा रहे बांध, झमाझम बारिश की नहीं बंध रही आस

Wed, 29 Jul 2020 01:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2020 01:03 AM IST
विज्ञापन
Dam is empty, not rainning any guiss
Dam is empty, not rainning any guiss
झांसी। जुलाई खत्म होने को है और झमाझम बारिश की कोई आस अभी तक दिखाई नहीं दे रही है। बारिश न होने के कारण अधिकांश बांध खाली होते जा रहे हैं। पिछले साल 28 जुलाई तक जनपद में 371 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। जबकि अभी 190 मिलीमीटर ही बारिश हुई है। इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश के भोपाल और आसपास क्षेत्र की झमाझम बारिश से पिछले साल जुलाई के आखिर में ही बांध भर गए थे।
विज्ञापन

बारिश न होेने और गर्मी के कारण बांधों का जलस्तर तेजी से नीचे गिरता जा रहा है। जुलाई के 28 दिन बीतने के बाद भी झमाझम बरसात नहीं होने से बांधों में पानी की स्थिति खराब हो रही है। जिले के लहचूरा, खपरार, सपरार, पहाड़ी, डोंगरी, बड़वार, पथरई, सिजार, लखेरी और कुरार बांध में उपयोगी पानी की क्षमता खत्म हो गई है। इन बांधों का पानी डैड स्टोरेज लेबल (गेटों के नीचे सतही स्तर पर) पर पहुंच गया है। इसी तरह ललितपुर जिले के राजघाट, जामनी, सजनम, रोहिणी, उटारी और लोअर रोहिणी बांध की भी ऐसी ही स्थिति बन गई है। इन बांधों में इतना भी पानी नहीं है कि प्यासे जानवरों के लिए नहरों में पानी छोड़ा जा सके। केवल सतही पानी बचा है। अबइन बांधों में बरसात के बाद ही पानी भर सकेगा। पहूज और ढुकुवां बांध में जरूर अभी पानी उपयोग के लिए सुरक्षित बचा है।
विज्ञापन

माताटीला बांध में सिर्फ प्यास बुझाने लायक पानी
माताटीला बांध का जलस्तर 1,012 फिट है और इस समय 992 फिट पानी बांध में है। जलनिगम पीने का पानी देने के लिए 984 फुट तक के पानी को बांध से ले सकता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि साढ़े पांच फुट जलस्तर से छह माह तक पीने का पानी दिया जा सकता है। जलस्तर नहीं बढ़ा तो अक्तूबर में रबी की फसल की सिंचाई के लिए नहरें चलाना भी संभव नहीं होगा। मध्य प्रदेश के भोपाल और आसपास क्षेत्रों में बारिश होने के बाद ही पहले राजघाट और फिर माताटीला बांध भर पाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसी तरह सपरार बांध का भी बुरा हाल है। सपरार बांध से मऊरानीपुर क्षेत्र की दो लाख आबादी को पीने का पानी मुहैया कराया जाता है। बांध का पूर्ण जलस्तर 224.64 मिलियन घन फीट है, लेकिन बारिश न होने के कारण जलस्तर घटकर 218.31 मिलियन घन फुट ही रह गया है। जलसंस्थान सप्लाई के लिए बांध से पानी ले रहा है। सपरार बांध से जुड़े अफसरों की मानें तो बांध में पीने के उपयोग के लिए चार माह के लिए ही पानी बचा है। अगर इस बीच बारिश नहीं होती है तो पानी का संकट खड़ा हो जाएगा। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता (माताटीला) जीके मौर्या ने बताया कि माताटीला बांध में एक साल के लिए पीने का पानी सुरक्षित है। बांध का डेड लेवल 970 फीट है। बारिश होने पर ही सामान्य स्थिति होगी।
190 मिमी हो चुकी बारिश
जनपद में औसत बारिश का आंकड़ा 825 मिलीमीटर है। इस साल अभी तक झांसी जनपद में 190 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। इसी तरह बुंदेलखंड में अभी तक ललितपुर में 200 मिलीमीटर, बांदा में 566 मिलीमीटर, जालौन में 164 मिलीमीटर, हमीरपुर में 350 मिलीमीटर, महोबा में 246 मिलीमीटर और चित्रकूट धाम में 165 मिलीमीटर दर्ज की गई।

26 बांध भर जाते इतना छोड़ा गया था पानी
बारिश के लिहाज से 2019 बहुत अच्छा रहा था। जुलाई के आखिर तक सभी बांध बारिश के पानी से भर गए थे। भोपाल और आसपास के इलाकों की बारिश से इतना पानी आया था कि 13 अगस्त से एक अक्तूबर तक बांधों से लगातार 525 टीएमसी पानी छोड़ा गया था। इस पानी से माताटीला जैसे 26 बांध भरे जा सकते थे। माताटीला बांध की क्षमता 22.6 टीएमसी है। 2017 में 22 सितंबर तक और 2018 में 24 अगस्त तक बांध भर सके थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed